एमपी की नई ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी: एक पेड़ कटने पर लगाने होंगे 20 पौधे

मध्य प्रदेश की प्रस्तावित ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी-2026 के तहत एक पेड़ काटने पर 20 पौधे लगाना होगा। विकास परियोजनाओं में पेड़ कटाई अंतिम विकल्प होगी।

मध्य प्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट में ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी-2026 का ड्राफ्ट पेश किया है। प्रस्तावित नीति के तहत विकास परियोजनाओं में पेड़ों की कटाई को अंतिम विकल्प बनाया गया है और एक पेड़ काटने पर 20 पौधे लगाना अनिवार्य होगा।

भोपाल: पर्यावरण संरक्षण और विकास कार्यों के बीच संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश सरकार ने नई ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी-2026 का मसौदा तैयार किया है। हाई कोर्ट में प्रस्तुत इस ड्राफ्ट के अनुसार सड़क, मेट्रो और फ्लाईओवर जैसी परियोजनाओं में पेड़ों को काटने के बजाय उन्हें दूसरी जगह स्थानांतरित करने को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही कटाई की स्थिति में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करना अनिवार्य होगा।

विकास परियोजनाओं में पेड़ काटना होगा अंतिम विकल्प

मध्य प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी-2026 का ड्राफ्ट तैयार किया है। इस प्रस्तावित नीति का मुख्य उद्देश्य विकास परियोजनाओं के दौरान होने वाली पेड़ों की कटाई को न्यूनतम करना और अधिक से अधिक वयस्क पेड़ों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना है।

एमपी की नई ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी: एक पेड़ कटने पर लगाने होंगे 20 पौधे

सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सड़क, मेट्रो, फ्लाईओवर या अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना में सबसे पहले यह देखा जाएगा कि पेड़ों को बचाते हुए डिजाइन में बदलाव संभव है या नहीं। केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही पेड़ काटने की अनुमति दी जाएगी।

एक पेड़ के बदले 20 पौधे लगाने का प्रस्ताव

नई नीति का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान ‘20-फॉर-1’ फॉर्मूला है। इसके तहत यदि किसी परियोजना के लिए एक पेड़ काटना अपरिहार्य हो जाता है, तो संबंधित एजेंसी को उसके बदले 20 नए पौधे लगाने होंगे।

प्रस्ताव के अनुसार 10 पौधे कटे हुए पेड़ के प्रतिपूरक वृक्षारोपण के रूप में लगाए जाएंगे, जबकि अन्य 10 पौधे उन संभावित नुकसान की भरपाई के लिए होंगे जो पेड़ों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया के दौरान हो सकते हैं। सरकार का मानना है कि इससे हरित आवरण को बनाए रखने में मदद मिलेगी और पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई बेहतर तरीके से हो सकेगी।

80 प्रतिशत पेड़ों को शिफ्ट करना होगा अनिवार्य

नीति में यह भी प्रस्तावित किया गया है कि किसी भी बड़े प्रोजेक्ट में प्रभावित होने वाले कम से कम 80 प्रतिशत पेड़ों को ट्रांसलोकेट करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए वैज्ञानिक तकनीकों और विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी ताकि वयस्क पेड़ों को सुरक्षित रूप से दूसरी जगह लगाया जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े और पुराने पेड़ों को बचाना पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे नए पौधों की तुलना में अधिक कार्बन अवशोषित करते हैं और जैव विविधता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ग्वालियर की घटना के बाद बनी नीति

इस नीति की पृष्ठभूमि ग्वालियर के थाटीपुर पुनर्विकास परियोजना से जुड़ी है। वहां स्थानांतरित किए गए कई पेड़ उचित देखरेख के अभाव में जीवित नहीं रह सके थे। इस मामले पर हाई कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार को एक व्यापक और जवाबदेह नीति तैयार करने का निर्देश दिया था।

इसके बाद सरकार ने विभिन्न विभागों और पर्यावरण विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर नया ड्राफ्ट तैयार किया है। इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचना और पेड़ों के संरक्षण को प्राथमिकता देना है।

ऑनलाइन डैशबोर्ड से होगी निगरानी

नई नीति में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का भी विशेष उपयोग किया गया है। सभी ट्रांसलोकेट किए गए पेड़ों और लगाए गए नए पौधों की जियो-टैगिंग अनिवार्य होगी। इसके लिए एक सार्वजनिक ऑनलाइन डैशबोर्ड तैयार किया जाएगा।

इस डैशबोर्ड पर प्रत्येक पेड़ की लोकेशन, फोटो और उसकी देखभाल से जुड़ी जानकारी उपलब्ध रहेगी। आम नागरिक भी इस जानकारी को देख सकेंगे और निगरानी में भागीदारी कर सकेंगे। इससे फर्जी दावों और केवल कागजी वृक्षारोपण की शिकायतों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नीति प्रभावी रूप से लागू होती है तो मध्य प्रदेश में विकास परियोजनाओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच बेहतर संतुलन स्थापित किया जा सकेगा। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर रोक लगेगी और हरित क्षेत्र को संरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

सरकार की यह पहल न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने में भी उपयोगी साबित हो सकती है।

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