Nepal PM Balendra Shah को भारत ने फिर दिया दिल्ली आने का न्योता, भारतीय राजदूत से पहली अहम मुलाकात ने बढ़ाई कूटनीतिक हलचल

Nepal PM Balendra Shah को भारत ने जल्द नई दिल्ली आने का न्योता फिर दिया है। भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव के साथ उनकी पहली अहम वन-टू-वन मुलाकात के बाद भारत

भारत ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह को जल्द नई दिल्ली आने का न्योता एक बार फिर दिया है। भारत की ओर से यह संदेश भी दिया गया है कि चुनाव के बाद शाह अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुन सकते हैं।

Nepal PM Balendra Shah India Visit: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के नई दिल्ली दौरे को लेकर भारत ने एक बार फिर पहल की है। भारत ने शाह को जल्द नई दिल्ली आने का न्योता दोहराया है और संकेत दिया है कि वह चाहें तो पद संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुन सकते हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब शाह ने काठमांडू में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव के साथ अपनी पहली आमने-सामने की उच्चस्तरीय बैठक की। दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से इस मुलाकात को महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

शाह और भारतीय राजदूत के बीच 45 मिनट की बैठक

भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने नेपाल के प्रधानमंत्री के साथ करीब 45 मिनट की बैठक की। मुलाकात सिंह दरबार स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई। इस दौरान भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करने, द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करने और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। भारतीय राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शाह को शुभकामनाएं भी दीं।

इस बैठक की खास बात यह रही कि सत्ता संभालने के बाद यह शाह की किसी विदेशी राजनयिक के साथ पहली अलग से हुई औपचारिक मुलाकात थी। इससे पहले उन्होंने विदेशी राजदूतों से सामूहिक रूप से संवाद की नीति अपनाई थी। भारत और चीन के राजदूतों के साथ हाल की अलग-अलग बैठकों को नेपाल की नई सरकार के सक्रिय कूटनीतिक जुड़ाव की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

भारत ने फिर क्यों बढ़ाया यात्रा का न्योता?

भारत की ओर से दोबारा निमंत्रण ऐसे समय आया है, जब नेपाल की नई सरकार के साथ द्विपक्षीय संबंधों को शुरुआती दौर में ही मजबूती देने की कोशिश हो रही है। मार्च 2026 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद नरेंद्र मोदी ने भी शाह को बधाई देते हुए भारत-नेपाल मैत्री और सहयोग को नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए साथ काम करने की इच्छा जताई थी।

हालांकि, शाह ने अभी अपनी विदेश यात्राओं को लेकर अंतिम कार्यक्रम तय नहीं किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने पद संभालने के शुरुआती वर्ष में विदेश यात्राओं से बचने का संकेत दिया था। इसके बावजूद भारत का निमंत्रण इस बात का संकेत माना जा रहा है कि नई दिल्ली काठमांडू के साथ शीर्ष स्तर पर संपर्क को प्राथमिकता दे रही है।

नेपाल-भारत रिश्तों के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?

भारत और नेपाल के बीच रिश्ते ऐतिहासिक, सामाजिक, आर्थिक और रणनीतिक स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण हैं। दोनों देशों के बीच खुली सीमा, व्यापार, ऊर्जा, रोजगार, संपर्क और लोगों के स्तर पर गहरे संबंध हैं। ऐसे में नई सरकार के शुरुआती चरण में शीर्ष नेतृत्व के बीच संवाद भविष्य के द्विपक्षीय एजेंडे को प्रभावित कर सकता है।

शाह सरकार के लिए भी भारत के साथ संतुलित और व्यावहारिक संबंध महत्वपूर्ण हैं। नेपाल एक ओर भारत के साथ अपने पारंपरिक रिश्तों को आगे बढ़ाता है, वहीं चीन के साथ भी संपर्क और सहयोग को महत्व देता है। इसी संदर्भ में हाल में नेपाल के प्रधानमंत्री की भारतीय और चीनी राजदूतों के साथ अलग-अलग बैठकों को काठमांडू की संतुलित विदेश नीति का संकेत माना जा रहा है।

विक्रम मिस्री की यात्रा टलने के बाद बदला माहौल

नई दिल्ली और काठमांडू के बीच संवाद को लेकर मई में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुआ था। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री का 11 मई से प्रस्तावित नेपाल दौरा आखिरी समय में टाल दिया गया था। भारत ने इसे उस समय अपनी अन्य व्यस्तताओं से जोड़कर बताया था, जबकि नेपाल से जुड़ी रिपोर्टों में यात्रा टलने के कारणों को लेकर अलग-अलग अटकलें सामने आई थीं। यह यात्रा नई नेपाली सरकार के साथ भारत के संपर्क को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।

अब प्रधानमंत्री शाह और भारतीय राजदूत की पहली सीधी बैठक तथा नई दिल्ली आने के दोबारा मिले निमंत्रण से दोनों देशों के बीच संवाद को नई गति मिलने की उम्मीद जगी है।

चीन और बांग्लादेश पर भी भारत का फोकस

नेपाल के साथ बढ़ते संपर्क के समानांतर भारत की क्षेत्रीय कूटनीति में अन्य पड़ोसी देशों को लेकर भी सक्रियता दिखाई दे रही है। नेपाल के प्रधानमंत्री को भारत और चीन दोनों की ओर से यात्रा का निमंत्रण मिला है। इससे यह संकेत मिलता है कि काठमांडू आने वाले समय में दोनों प्रमुख पड़ोसी शक्तियों के साथ अपने संबंधों को संतुलित करने की कोशिश करेगा।

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