केरल के फोर्ट कोच्चि स्थित ऐतिहासिक कोडर हाउस में मंगलवार शाम भीषण आग लग गई। करीब 7 बजे शुरू हुई आग पर रात 9:30 बजे तक काबू पा लिया गया। मेहमानों और कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया।
कोच्चि: केरल के फोर्ट कोच्चि स्थित ऐतिहासिक कोडर हाउस में मंगलवार, 29 सितंबर 2026 की शाम भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते बहुमंजिला इमारत के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। यह इमारत कोच्चि की यहूदी विरासत से जुड़ी एक प्रमुख ऐतिहासिक पहचान है और उस समय एक लग्जरी बुटीक होटल के रूप में संचालित हो रही थी।
आग लगने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, फायर एंड रेस्क्यू सर्विस के अधिकारियों के अनुसार, आग का पता चलते ही कुछ मेहमानों और होटल कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस वजह से एक बड़ी जनहानि टल गई। अधिकारियों ने बताया कि हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और इमारत के अंदर कोई व्यक्ति फंसा नहीं था।
शाम करीब 7 बजे लगी आग
फायर एंड रेस्क्यू सर्विस के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 7 बजे कोडर हाउस की ऊपरी मंजिलों में से एक पर आग लगी। शुरुआती तौर पर आग एक हिस्से में दिखाई दी, लेकिन कुछ ही समय में यह इमारत के दूसरे हिस्सों तक फैल गई।
कोडर हाउस में लकड़ी के फर्श और लकड़ी की छत होने के कारण आग तेजी से फैलने की आशंका बनी रही। आग बुझने के बाद भी इमारत से धुआं निकलता रहा।
आग की सूचना मिलते ही आसपास के इलाकों में मौजूद लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। पास की इमारतों के निवासी और वहां मौजूद पर्यटकों को भी एहतियात के तौर पर हटाया गया।
करीब ढाई घंटे में आग पर पाया गया काबू
आग पर काबू पाने के लिए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। एर्नाकुलम जिले के करीब 15 फायर स्टेशनों से दमकलकर्मियों को मौके पर भेजा गया। भारतीय नौसेना ने भी अभियान में हिस्सा लिया।
करीब रात 9:30 बजे आग पर काबू पा लिया गया। अभियान के दौरान पुलिस ने इलाके में यातायात को नियंत्रित किया, क्योंकि फोर्ट कोच्चि की संकरी और भीड़भाड़ वाली सड़कों के कारण दमकल वाहनों और राहत टीमों के लिए घटनास्थल तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण था।
तेज समुद्री हवाओं ने भी आग को फैलने में मदद की। इसके चलते ऐतिहासिक इमारत का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ गया।
नौसेना और कोस्ट गार्ड ने भी संभाला मोर्चा
भारतीय नौसेना ने बताया कि कोच्चि सिटी पुलिस से सहायता का अनुरोध मिलने के बाद उसके दमकल वाहनों को अभियान में लगाया गया।
नौसेना के अनुसार, INS Dronacharya, INS Venduruthy और INS Garuda से डिफेंस फायर टेंडर घटनास्थल पर भेजे गए। कोस्ट गार्ड ने भी आग बुझाने के अभियान में सहायता की।
कई एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से आग को आसपास की इमारतों तक फैलने से रोकने और घटनास्थल पर मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाया गया।
किसी के घायल होने की सूचना नहीं
Mattancherry Fire Station के एक अधिकारी ने बताया कि घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। अधिकारी के अनुसार, राहत की बात यह रही कि आग लगने के समय कोई व्यक्ति इमारत के अंदर फंसा नहीं था।

अधिकारी ने बताया कि आग बुझने के बाद भी इमारत से धुआं निकलता रहा। इसका कारण भवन में इस्तेमाल किए गए लकड़ी के फर्श और छत को बताया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने के कारण की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रारंभिक आकलन में शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण माना गया है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष विस्तृत निरीक्षण के बाद ही सामने आएगा।
मेहमानों का सामान भी आग में जला
आग की घटना में होटल में ठहरे कुछ मेहमानों का सामान भी नष्ट हो गया। आग की तीव्रता के कारण ऐतिहासिक इमारत का अधिकांश हिस्सा प्रभावित हुआ।
हालांकि, समय रहते लोगों को बाहर निकालने के कारण किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है। आग से इमारत और उसके अंदर मौजूद ऐतिहासिक एवं होटल से जुड़ी संपत्तियों को कितना नुकसान हुआ है, इसका विस्तृत आकलन अभी किया जाना बाकी है।
अधिकारियों ने कहा कि आग के वास्तविक कारण और नुकसान की पूरी जानकारी विस्तृत निरीक्षण के बाद सामने आएगी।
1808 में बना था कोडर हाउस
कोडर हाउस फोर्ट कोच्चि की प्रमुख विरासत इमारतों में शामिल है। इसे मूल रूप से 1808 में बनाया गया था। लाल ईंटों से बनी यह इमारत इंडो-पुर्तगाली स्थापत्य शैली के प्रभाव के लिए जानी जाती है।
यह भवन Tower Road पर स्थित है और कोच्चि की यहूदी विरासत से भी जुड़ा हुआ है। बाद में इसे बहाल किया गया और यहां एक लग्जरी बुटीक होटल संचालित होने लगा।
कोडर हाउस को इसके विशाल समुद्र-दृश्य कमरों, लकड़ी के फर्श और नक्काशीदार लकड़ी के फर्नीचर के लिए जाना जाता रहा है।
सैमुअल एस. कोडर ने खरीदा था भवन
यह इमारत मूल रूप से एक पुर्तगाली हवेली के रूप में बनाई गई थी। बाद में इसे कोच्चि के एक प्रमुख यहूदी परिवार से जुड़े सैमुअल एस. कोडर ने खरीदा और इसका नवीनीकरण कराया।
सैमुअल एस. कोडर ने 1905 में इस भवन को खरीदा था। वह कोच्चि के एक प्रमुख यहूदी परिवार से संबंधित थे और नीदरलैंड्स के मानद वाणिज्यदूत भी थे।
यह भवन तीसरी पीढ़ी तक कोडर परिवार के पास रहा। इसके बाद परिवार की तीसरी पीढ़ी ने इसे बेच दिया।
विरासत भवन को भारी नुकसान
कोडर हाउस की ऐतिहासिक पहचान और वास्तुशिल्प महत्व को देखते हुए आग की घटना ने फोर्ट कोच्चि की विरासत को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मजबूत समुद्री हवाओं और इमारत में मौजूद लकड़ी के हिस्सों के कारण आग ने भवन के बड़े हिस्से को प्रभावित किया।
फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के सामने प्राथमिकता आग के कारणों और भवन को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करना है। यह भी देखा जाएगा कि ऐतिहासिक संरचना के किन हिस्सों को कितना नुकसान पहुंचा है और भविष्य में इसकी बहाली किस तरह संभव होगी।
फोर्ट कोच्चि अपनी औपनिवेशिक इमारतों, समुद्री इतिहास और विभिन्न सांस्कृतिक विरासतों के लिए जाना जाता है। ऐसे में कोडर हाउस में लगी आग ने इस ऐतिहासिक क्षेत्र में विरासत संरक्षण की चुनौती को भी सामने ला दिया है।











