नोएडा पुलिस ने ओडिशा और आंध्र प्रदेश से साड़ियों में गांजा छिपाकर तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 38 किलोग्राम गांजा और 39 साड़ियां बरामद की हैं।
Noida: सेक्टर-20 थाना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का खुलासा करते हुए उसके सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 38 किलोग्राम गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की गई साड़ियां बरामद हुई हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह ओडिशा और आंध्र प्रदेश से गांजा मंगवाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करता था।
साड़ियों में छिपाकर की जा रही थी गांजा तस्करी
नोएडा पुलिस ने गांजा तस्करी के एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जो नशीले पदार्थ को साड़ियों में छिपाकर एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचा रहा था। सेक्टर-20 थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से लगभग 38 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी जा रही है।

जांच में सामने आया है कि तस्कर गांजे को साड़ियों में इस तरह पैक कराते थे कि सामान्य जांच में किसी को उस पर संदेह न हो। पुलिस ने मौके से 39 साड़ियां भी बरामद की हैं, जिनका इस्तेमाल नशीले पदार्थ को छिपाने के लिए किया जाता था।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश से मंगवाया जाता था गांजा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह का सरगना शुभम पाठक पिछले दो से तीन वर्षों से नशे के कारोबार में सक्रिय था। वह ओडिशा और आंध्र प्रदेश से गांजा मंगवाकर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में उसकी आपूर्ति करता था। तस्करी के लिए कुरियर सेवाओं का इस्तेमाल किया जाता था ताकि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी पार्सल पर अधूरा पता लिखवाते थे। जब कुरियर शहर में पहुंच जाता था, तब गिरोह के सदस्य फोन के जरिए संपर्क कर पार्सल को बीच रास्ते में ही अपने कब्जे में ले लेते थे। इस तरीके से वे अपनी पहचान और ठिकाने को छिपाने की कोशिश करते थे।
सरगना पर पहले से दर्ज हैं कई मामले
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम पाठक और शिवम दूबे के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से अयोध्या जिले के रहने वाले हैं और वर्तमान में दिल्ली के मयूर विहार क्षेत्र में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार शुभम पाठक पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित कुल आठ मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वह वर्ष 2020 से अपराध की दुनिया में सक्रिय है और लगातार अवैध गतिविधियों में शामिल रहा है।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क में केवल दो लोग ही शामिल नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा गिरोह काम कर रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गांजे की आपूर्ति मुख्य रूप से झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों, फैक्ट्रियों और औद्योगिक इलाकों में की जाती थी। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि तस्करी के इस नेटवर्क का विस्तार किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं तथा पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।











