नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के दो विस्तार परियोजनाओं के लिए टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 29 जून तक बढ़ा दी गई है। अब तक पांच एजेंसियों ने रुचि दिखाई है और जुलाई में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
नोएडा: नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लाखों यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण मेट्रो परियोजना से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) ने एक्वा लाइन के दो विस्तार रूटों के लिए जारी टेंडर की अंतिम तिथि बढ़ाकर 29 जून कर दी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि अधिक एजेंसियों की भागीदारी से परियोजना को बेहतर तकनीकी और निर्माण सहयोग मिलेगा।
29 जून तक बढ़ाई गई टेंडर प्रक्रिया
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने एक्वा लाइन विस्तार परियोजनाओं के लिए आवेदन जमा करने की अवधि बढ़ा दी है। पहले निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कई बड़ी कंपनियों की ओर से रुचि दिखाई गई थी, जिसके चलते एजेंसियों को अतिरिक्त समय दिया गया है।
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अधिकारियों के अनुसार 22 जून तक पांच एजेंसियां परियोजना में भाग लेने की इच्छा जता चुकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में और कंपनियां भी आवेदन करेंगी। सभी तकनीकी और वित्तीय प्रस्तावों की समीक्षा के बाद जुलाई में टेंडर फाइनल किया जा सकता है।
दो नए रूटों से मजबूत होगी कनेक्टिविटी
परियोजना के तहत बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक लगभग 11.56 किलोमीटर लंबी नई मेट्रो लाइन विकसित की जाएगी। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा डिपो से बोडाकी रेलवे स्टेशन तक करीब 2.6 किलोमीटर का विस्तार प्रस्तावित है।
दोनों कॉरिडोर पूरी तरह एलिवेटेड होंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा अधिक सुविधाजनक और तेज हो जाएगी। साथ ही आसपास के सेक्टरों और गांवों को भी बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।
बॉटेनिकल गार्डन रूट पर बनेंगे आठ स्टेशन
बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक प्रस्तावित कॉरिडोर पर कुल आठ मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें बॉटेनिकल गार्डन, सेक्टर-44, नोएडा ऑफिस सेक्टर-94, सेक्टर-97, सेक्टर-105, सेक्टर-108, सेक्टर-93 और पंचशील बालक इंटर कॉलेज स्टेशन शामिल हैं।
इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 2254 करोड़ रुपये आंकी गई है। वहीं ग्रेटर नोएडा डिपो से बोडाकी तक बनने वाले कॉरिडोर पर जुनपत और बोडाकी नाम से दो नए स्टेशन प्रस्तावित हैं।
यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
मेट्रो विस्तार का सबसे बड़ा फायदा दैनिक यात्रियों को होगा, जिन्हें वर्तमान में सड़क मार्ग पर ट्रैफिक जाम और लंबी यात्रा का सामना करना पड़ता है। नए रूट शुरू होने के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा और बोडाकी क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
NMRC अधिकारियों का कहना है कि अधिक अनुभवी एजेंसियों की भागीदारी से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में तेजी से कदम उठाए जाएंगे, जिससे लंबे समय से प्रतीक्षित इन परियोजनाओं को जल्द जमीन पर उतारा जा सके।










