अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में दिवाली समारोह में शामिल होंगे। इस परंपरा की शुरुआत जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल में हुई थी। बराक ओबामा पहले अमेरिकी राष्ट्रपति थे, जिन्होंने व्हाइट हाउस में दीप जलाया।
वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस साल भी व्हाइट हाउस में दिवाली मनाने जा रहे हैं। आज ओवल ऑफिस में विशेष कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें ट्रंप पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह में शामिल होंगे। व्हाइट हाउस के आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक, यह आयोजन स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे होगा।
अमेरिका में दिवाली मनाने की यह परंपरा दो दशक से भी ज्यादा पुरानी है। इसकी शुरुआत जॉर्ज डब्ल्यू बुश के राष्ट्रपति रहते हुई थी, जिसे बाद के राष्ट्रपतियों ने भी आगे बढ़ाया।
ओवल ऑफिस में दिवाली मनाएंगे राष्ट्रपति ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुक्रवार को व्हाइट हाउस में दिवाली समारोह का हिस्सा बनेंगे। इस बार कार्यक्रम के लिए ओवल ऑफिस को चुना गया है। यह राष्ट्रपति का आधिकारिक कार्यकक्ष है, जहां वह विदेशी नेताओं से मुलाकात और कई महत्वपूर्ण सरकारी बैठकें करते हैं। व्हाइट हाउस की ओर से जारी कार्यक्रम में दिवाली समारोह के लिए दोपहर 1:30 बजे का समय निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम को मीडिया के लिए बंद रखा गया है। हालांकि, पिछले वर्षों में ऐसे आयोजनों की तस्वीरें और वीडियो बाद में जारी किए जाते रहे हैं।
दिवाली का त्योहार अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी खास महत्व रखता है। बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग इस अवसर पर घरों और मंदिरों में दीप जलाते हैं। व्हाइट हाउस में आयोजित होने वाला समारोह इसी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है।
जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने 2003 में शुरू की थी परंपरा
व्हाइट हाउस में दिवाली मनाने की शुरुआत साल 2003 में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल में हुई थी। हालांकि, उस समय बुश खुद दीप जलाने के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे। शुरुआती वर्षों में दिवाली समारोह ज्यादातर आइजनहावर एग्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग में आयोजित किए जाते थे। यह इमारत व्हाइट हाउस परिसर के पास स्थित है और यहां अमेरिकी प्रशासन के कई कार्यालय हैं।
इन कार्यक्रमों में भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक, धार्मिक समुदायों के प्रतिनिधि और भारतीय राजनयिक हिस्सा लेते थे। बुश प्रशासन के दौरान शुरू हुई इस पहल को अमेरिका में भारतीय समुदाय की सांस्कृतिक पहचान को मान्यता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया। समय के साथ यह आयोजन केवल भारतीय समुदाय तक सीमित नहीं रहा। इसमें अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और अलग-अलग समुदायों के प्रतिनिधि भी शामिल होने लगे।
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बराक ओबामा ने पहली बार कब जलाया था दीप?
व्हाइट हाउस में दिवाली के इतिहास में साल 2009 खास रहा। उस समय राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पहली बार खुद दिवाली के कार्यक्रम में हिस्सा लिया और पारंपरिक दीप जलाया। यह समारोह व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में हुआ था। ओबामा ऐसा करने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बने। उन्होंने अपने कार्यकाल में दिवाली के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व का भी उल्लेख किया। ओबामा ने कहा था कि दीप जलाने की परंपरा अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
इसके बाद व्हाइट हाउस में दिवाली कार्यक्रमों का आयोजन अलग-अलग स्थानों पर होने लगा। इनमें ओवल ऑफिस, ईस्ट रूम और रूजवेल्ट रूम शामिल हैं। साल 2016 में ओबामा ने पहली बार ओवल ऑफिस में दिवाली का दीप जलाया था। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि उनके बाद आने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति भी इस परंपरा को जारी रखेंगे।
पिछले साल ट्रंप के साथ कौन-कौन शामिल हुआ था?
डोनाल्ड ट्रंप ने 21 अक्टूबर 2025 को भी व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में दिवाली मनाई थी। उस दौरान उन्होंने पारंपरिक दीप जलाकर भारत और दुनियाभर में त्योहार मना रहे लोगों को शुभकामनाएं दी थीं। पिछले साल के कार्यक्रम में अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा अपनी पत्नी के साथ मौजूद थे। उनके अलावा एफबीआई निदेशक काश पटेल और अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने भी हिस्सा लिया था।
कार्यक्रम में भारतीय मूल के कई बड़े कारोबारी भी शामिल हुए थे। इनमें आईबीएम के सीईओ अरविंद कृष्णा, एडोबी के सीईओ शांतनु नारायण, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के संजय मेहरोत्रा और पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के निकेश अरोड़ा शामिल थे। ट्रंप ने उस कार्यक्रम में भारत और भारतीय समुदाय को दिवाली की शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया था।









