नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह 22 नवंबर से प्रस्तावित भारत दौरे पर आ रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक में आर्थिक मदद, बाढ़ से हुए नुकसान, हवाई संपर्क और रुकी परियोजनाओं पर चर्चा हो सकती है। नेपाल सीमा विवाद भी उठाना चाहता है।
काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के भारत दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। वह 22 नवंबर से नई दिल्ली की यात्रा पर आ सकते हैं। इस दौरान 23 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। नेपाल इस यात्रा में केवल पुराने समझौतों पर बातचीत नहीं, बल्कि आर्थिक सहायता और लंबे समय से अटकी परियोजनाओं पर ठोस फैसले चाहता है। काठमांडू ने भारत के सामने करीब 2 अरब डॉलर की मदद का प्रस्ताव भी रखा है। हालांकि, भारत ने अभी इस पैकेज को मंजूरी नहीं दी है।
भारत दौरे से पहले नेपाल ने रखीं कई बड़ी मांगें
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह मार्च 2026 में पद संभालने के बाद पहली बार किसी देश की आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा पर जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका भारत दौरा 22 नवंबर से प्रस्तावित है। हालांकि, यात्रा तीन दिन की होगी या चार दिन की, इस पर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। अंतिम कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि बाकी है।
इस दौरे की सबसे अहम बात नेपाल की आर्थिक जरूरतें हैं। काठमांडू चाहता है कि भारत उसके विकास कार्यों और बाढ़ से प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण के लिए बड़ी रकम उपलब्ध कराए। रिपोर्ट के अनुसार, नेपाली सरकार ने भारत के सामने कुल 2 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता का प्रस्ताव रखा है। इसमें 1 अरब डॉलर की रियायती क्रेडिट लाइन, 50 करोड़ डॉलर का अनुदान और 50 करोड़ डॉलर बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण के लिए मांगे गए हैं।
नेपाल में अगस्त 2026 में आई भीषण बाढ़ से सड़कें, पुल और कई दूसरी परियोजनाएं प्रभावित हुई थीं। खासकर रसुवा-भोटेकोशी इलाके में भारी नुकसान हुआ था। नेपाल अब प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी निर्माण कार्य जल्द शुरू करना चाहता है।
विक्रम मिस्री के नेपाल दौरे में किन मुद्दों पर हुई बात?
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री 4 और 5 नवंबर को नेपाल के दो दिवसीय दौरे पर गए थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री बालेन शाह से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच होने वाली उच्चस्तरीय बातचीत की तैयारियों पर चर्चा की। मिस्री ने नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल, वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले और ऊर्जा मंत्री बिराज भक्त श्रेष्ठ से भी मुलाकात की। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रमुख रबी लामिछाने और नेपाली कांग्रेस अध्यक्ष गगन कुमार थापा के साथ बातचीत हुई।
नेपाल के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी संयुक्त बयान के मुताबिक, दोनों देशों ने व्यापार, ऊर्जा, सड़क संपर्क, जल संसाधन और सीमा प्रबंधन जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने की बात कही। भारत ने नेपाल को बाढ़ से हुए नुकसान के बाद पुनर्निर्माण सहायता के प्रस्तावों पर विचार करने का भरोसा भी दिया है। हालांकि, आर्थिक पैकेज की रकम और उसकी शर्तों को लेकर अभी अंतिम समझौता नहीं हुआ है।
पोखरा और भैरहवा एयरपोर्ट के लिए भारत से क्या चाहता है नेपाल?
![]()
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह जब भारत आएंगे, तो बातचीत में हवाई सेवाओं का मुद्दा भी उठ सकता है। नेपाल लंबे समय से चाहता है कि भारत उसे कुछ और हवाई रास्ते इस्तेमाल करने की अनुमति दे। खासकर पोखरा और भैरहवा के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के लिए यह मांग की जा रही है। दोनों एयरपोर्ट बनकर तैयार हैं, लेकिन उम्मीद के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें नहीं मिल पा रही हैं।
नेपाल का कहना है कि भारत की तरफ से अतिरिक्त हवाई प्रवेश मार्ग मिलने पर विदेशी एयरलाइंस के लिए इन एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इससे पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सकती है। पोखरा नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है, जबकि भैरहवा से लुंबिनी जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलती है।
इस मामले में दोनों देशों के नागरिक उड्डयन अधिकारियों की बैठक होने की उम्मीद है। हालांकि, अतिरिक्त हवाई मार्ग को लेकर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है।
पंचेश्वर परियोजना को लेकर कहां अटकी है बातचीत?
नेपाल इस दौरे में पंचेश्वर बहुउद्देश्यीय परियोजना का मुद्दा भी उठाना चाहता है। इस परियोजना पर भारत और नेपाल के बीच करीब तीन दशक से बातचीत चल रही है। साल 1996 में दोनों देशों ने महाकाली संधि की थी, जिसके तहत पंचेश्वर परियोजना को आगे बढ़ाया जाना था। लेकिन इतने वर्षों बाद भी इसका काम शुरू नहीं हो सका है।
सबसे बड़ी परेशानी परियोजना पर होने वाले खर्च और पानी के बंटवारे को लेकर है। दोनों देश इस बात पर पूरी तरह सहमत नहीं हो पाए हैं कि निर्माण पर कितना पैसा कौन खर्च करेगा और पानी से मिलने वाले फायदे किस तरह बांटे जाएंगे।
हाल की बैठकों में खर्च साझा करने को लेकर कुछ प्रगति जरूर हुई है। लेकिन पानी के इस्तेमाल और उससे होने वाले लाभ पर मतभेद अभी बाकी हैं। नेपाल चाहता है कि बालेन शाह के दिल्ली पहुंचने से पहले अधिकारी इन मुद्दों पर फिर बातचीत करें। इससे दोनों प्रधानमंत्रियों की बैठक में परियोजना को लेकर आगे का रास्ता निकल सकता है।
मोदी और बालेन शाह की मुलाकात में किन परियोजनाओं पर होगा फैसला?
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह का भारत दौरा 22 नवंबर से प्रस्तावित है। कार्यक्रम के मुताबिक, 23 नवंबर को नई दिल्ली में उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हो सकती है। दोनों देशों के अधिकारी इस बैठक की तैयारियों में जुटे हैं। इस दौरान कुछ पुरानी परियोजनाओं का उद्घाटन और नए काम शुरू करने पर सहमति बन सकती है। इनमें नेपाल पुलिस अकादमी, भैरहवा इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट, महाकाली नदी पर पुल और लोअर अरुण जलविद्युत परियोजना शामिल हैं।
रेल संपर्क बढ़ाने पर भी बातचीत हो रही है। भारत ने नेपाल को बताया है कि अयोध्या और जनकपुर के बीच रेल सेवा शुरू करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह सेवा शुरू होने पर दोनों देशों के धार्मिक स्थलों तक पहुंचने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी।










