Ranjeev Puri: अमेरिका में भारतीय मूल के रंजीव पुरी ने रचा इतिहास, मिशिगन हाउस के पहले भारतीय-अमेरिकी स्पीकर चुने गए

Ranjeev Puri News: भारतीय मूल के रंजीव पुरी मिशिगन हाउस के पहले भारतीय-अमेरिकी स्पीकर चुने गए हैं। जानें कौन हैं रंजीव पुरी और उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा।

अमेरिका में भारतीय मूल के नेता रंजीव पुरी मिशिगन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के पहले भारतीय-अमेरिकी स्पीकर चुने गए हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के 42 वर्षीय पुरी बराक ओबामा के चुनाव अभियान में भी काम कर चुके हैं। वह जनवरी 2027 में पद संभालेंगे।

लैंसिंग: अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के लोगों की भागीदारी का एक नया अध्याय जुड़ गया है। मिशिगन के डेमोक्रेटिक नेता रंजीव पुरी को गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को राज्य की हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का अगला स्पीकर चुना गया। वह इस पद के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी हैं। पंजाबी परिवार से आने वाले पुरी फिलहाल सदन में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हैं। उनका नया कार्यकाल जनवरी 2027 में शुरू होगा। 

स्पीकर चुने जाने पर माता-पिता के संघर्ष को किया याद

रंजीव पुरी ने स्पीकर चुने जाने के बाद सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर की। उन्होंने अपने साथी विधायकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके लिए मिशिगन हाउस का नेतृत्व करना बड़े सम्मान की बात है। वह इस जिम्मेदारी को संभालने और राज्य के लोगों के लिए काम शुरू करने को लेकर उत्साहित हैं। इस मौके पर पुरी ने अपने माता-पिता के संघर्ष को भी याद किया। 

उन्होंने कहा कि जब उनके माता-पिता भारत से अमेरिका आए थे, तब उन्होंने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि उनका बेटा एक दिन मिशिगन हाउस का नेतृत्व करेगा। पुरी के मुताबिक, उनका यहां तक पहुंचना अमेरिकी समाज में मिलने वाले अवसरों का उदाहरण है। पुरी के माता-पिता पंजाब से अमेरिका गए थे। एक अप्रवासी परिवार में पले-बढ़े पुरी ने अब राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण पद हासिल किया है। इससे पहले वह 2020 में मिशिगन विधानसभा के लिए चुने जाने वाले पहले सिख-अमेरिकी बने थे। 

बराक ओबामा के साथ काम करने से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

रंजीव पुरी का राजनीतिक अनुभव अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के चुनाव अभियान से भी जुड़ा है। उन्होंने 2008 और 2012 के राष्ट्रपति चुनावों के दौरान ओबामा की कैंपेन टीम में काम किया था। इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से MBA किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह मिशिगन लौट आए और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में काम करने लगे।

साल 2020 में पुरी पहली बार मिशिगन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुने गए। अपने दूसरे कार्यकाल में उन्हें डेमोक्रेटिक पार्टी का मेजॉरिटी व्हिप बनाया गया। इस पद पर रहते हुए उन्होंने पार्टी के विधायकों के बीच तालमेल बनाने की जिम्मेदारी संभाली। साल 2025 में रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाली 110 सदस्यीय विधानसभा में उन्हें डेमोक्रेटिक कॉकस का नेता चुना गया। अब अगले कार्यकाल के लिए उन्हें स्पीकर की जिम्मेदारी मिली है। यह उनका चौथा कार्यकाल होगा। 

Ranjeev Puri: अमेरिका में भारतीय मूल के रंजीव पुरी ने रचा इतिहास, मिशिगन हाउस के पहले भारतीय-अमेरिकी स्पीकर चुने गए

मिशिगन में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद मिली बड़ी जिम्मेदारी

अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव के बाद मिशिगन की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने राज्य की हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत हासिल कर लिया है। नए सदन में पार्टी के पास 63 सीटें हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के पास 47 सीटें हैं। इसी चुनावी नतीजे के बाद गुरुवार को डेमोक्रेटिक विधायकों ने पुरी को अगले स्पीकर के तौर पर चुना। वह जनवरी 2027 से शुरू होने वाले 2027-2028 के विधायी कार्यकाल में पद संभालेंगे।

पुरी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता मिशिगन के लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों को कम करना होगी। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च, महंगे मकान, घरेलू बजट और रोजगार से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने नवनिर्वाचित सीनेट मेजॉरिटी लीडर डैरिन कैमिलेरी और गवर्नर-इलेक्ट जोसलिन बेन्सन के साथ मिलकर चुनाव के दौरान किए गए वादों पर काम करने की बात भी कही है। 

इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट ने पुरी को दी बधाई

भारतीय-अमेरिकी समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए काम करने वाले संगठन इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट ने भी रंजीव पुरी की उपलब्धि का स्वागत किया है। संगठन के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल ने कहा कि पुरी ने अपने राजनीतिक कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं और आवास की लागत कम करने जैसे मुद्दों को महत्व दिया है।

पटेल ने उम्मीद जताई कि पुरी दक्षिण एशियाई समुदाय के लोगों की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े सवालों को उठाने के साथ मिशिगन के सभी नागरिकों के हित में काम करेंगे। संगठन ने बताया कि वह पुरी के शुरुआती राजनीतिक सफर से ही उनका समर्थन करता रहा है।

Leave a comment