अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद डोनाल्ड ट्रंप और उनके करीबी कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। डेमोक्रेट्स ट्रंप परिवार के पाकिस्तान से जुड़े क्रिप्टो सौदों, सरकारी फैसलों और एलन मस्क की कारोबारी गतिविधियों की जांच की तैयारी कर रहे हैं।
वॉशिंगटन: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स को बहुमत मिलने के बाद अब ट्रंप परिवार के कारोबारी सौदों की जांच की तैयारी शुरू हो गई है। इनमें पाकिस्तान से जुड़े क्रिप्टो कारोबार पर भी सवाल उठ सकते हैं। ट्रंप के करीबी एलन मस्क और कई बड़े कॉर्पोरेट कारोबारी भी संसदीय जांच के दायरे में आ सकते हैं।
ट्रंप परिवार के कारोबारी सौदों पर उठेंगे सवाल
अमेरिका में चुनाव जीतने के बाद डेमोक्रेट्स अब ट्रंप प्रशासन के फैसलों और उनके परिवार से जुड़ी कारोबारी गतिविधियों की पड़ताल करना चाहते हैं। पार्टी के कई सांसदों का कहना है कि सरकारी पदों और निजी कारोबार के बीच किसी तरह के हितों के टकराव की जांच होनी चाहिए। कैलिफोर्निया से डेमोक्रेट सांसद रॉबर्ट गार्सिया के हाउस ओवरसाइट एंड गवर्नमेंट रिफॉर्म कमेटी का अध्यक्ष बनने की उम्मीद है। उन्होंने चार प्रमुख मामलों पर जांच करने की योजना तैयार की है।
इनमें ट्रंप परिवार के व्यापारिक सौदे, बड़ी कंपनियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और राजनीतिक लाभ, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग तथा इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की कार्रवाई और जेफ्री एपस्टीन मामले से जुड़ी फाइलें शामिल हैं। गार्सिया का कहना है कि जिन अधिकारियों और कारोबारियों के फैसलों पर सवाल उठे हैं, उन्हें कांग्रेस के सामने जवाब देना पड़ सकता है।
पाकिस्तान से जुड़े क्रिप्टो कारोबार की क्यों हो रही चर्चा?
ट्रंप परिवार की क्रिप्टो कंपनी World Liberty Financial के विदेशी कारोबारी संबंध भी डेमोक्रेट्स की नजर में हैं। इस कंपनी के पाकिस्तान से जुड़े समझौते के कारण मामले ने नया राजनीतिक महत्व हासिल कर लिया है। जनवरी 2026 में पाकिस्तान ने World Liberty Financial से जुड़ी कंपनी SC Financial Technologies के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय भुगतान में डॉलर से जुड़े USD1 स्टेबलकॉइन के संभावित इस्तेमाल की पड़ताल करना था।
अब डेमोक्रेट्स यह जानना चाहते हैं कि ट्रंप परिवार के विदेशी कारोबारी हितों और अमेरिकी सरकार के फैसलों के बीच कोई संबंध तो नहीं है। हालांकि समझौता होना अपने आप में किसी गैरकानूनी गतिविधि का सबूत नहीं है।
एलन मस्क के लिए भी बढ़ सकती हैं मुश्किलें
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ट्रंप के करीबी कारोबारी एलन मस्क भी डेमोक्रेट्स की जांच के संभावित निशाने पर हैं। मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों को जिताने के लिए चुनाव में बड़ी रकम खर्च की थी, लेकिन नतीजे उनके पक्ष में नहीं रहे। चुनावी फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था OpenSecrets के मुताबिक, मस्क ने संघीय चुनावों में करीब 445 मिलियन डॉलर खर्च किए। इतनी बड़ी रकम लगाने के बावजूद रिपब्लिकन पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मस्क के समर्थन वाले प्रतिनिधि सभा के 37 रिपब्लिकन उम्मीदवारों में से केवल तीन की जीत की पुष्टि हुई थी, जबकि 33 हार गए थे। एक सीट का नतीजा उस समय बाकी था। सीनेट चुनाव में भी उनके समर्थन वाले सात रिपब्लिकन उम्मीदवारों में से छह हार गए। इस तरह मस्क का बड़ा चुनावी दांव उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं रहा।
टेक्सास में करोड़ों डॉलर खर्च करने के बाद भी हार
मस्क को टेक्सास में भी बड़ा झटका लगा। यहां उन्होंने सीनेट चुनाव पर करीब 230 मिलियन डॉलर खर्च किए थे। इसके बावजूद रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन को डेमोक्रेट जेम्स तालारिको ने हरा दिया। टेक्सास मस्क के लिए कारोबारी नजरिए से काफी महत्वपूर्ण है। उनकी कंपनियों टेस्ला और स्पेसएक्स की यहां बड़ी मौजूदगी है। ऐसे में राज्य में राजनीतिक बदलाव का असर उनके कारोबारी संबंधों पर भी पड़ सकता है।
डेमोक्रेट्स मस्क की सरकारी विभागों में निभाई गई भूमिका, उनकी कंपनियों को मिले कॉन्ट्रैक्ट और सरकारी सहायता से जुड़े फैसलों की भी पड़ताल करना चाहते हैं।
अगले दो साल ट्रंप के लिए कितने चुनौतीपूर्ण?
डेमोक्रेट्स को बहुमत मिलने से ट्रंप प्रशासन पर संसदीय निगरानी बढ़ सकती है। समितियां दस्तावेज मांग सकती हैं और अधिकारियों तथा कारोबारियों को गवाही के लिए बुला सकती हैं। हालांकि व्हाइट हाउस ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। प्रशासन का कहना है कि राजनीतिक मकसद से की जाने वाली जांच आम अमेरिकियों के हित में नहीं होगी।
डेमोक्रेट्स के सामने भी चुनौती है। उन्हें जांच के साथ महंगाई, रोजमर्रा के खर्च और दूसरे आर्थिक मुद्दों पर काम करना होगा। पार्टी के कुछ नेताओं ने चेताया है कि जांच राजनीतिक बदले की कार्रवाई जैसी नहीं दिखनी चाहिए।









