ओडिशा में राज्यसभा चुनाव 2026 के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग के बाद कांग्रेस ने सख्त रुख अपनाया है। पार्टी ने सोफिया फिरदौस, रमेश जेना और दशरथी गोमांगो को निलंबित कर दिया है। कांग्रेस पार्टी अब इन बागी विधायकों को निष्कासित करने पर भी विचार कर रही है।
Odisha: राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कांग्रेस पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया है। 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायकों—रमेश जेना, दशरथी गोमांगो और सोफिया फिरदौस—ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय को वोट दिया था।
इस क्रॉस वोटिंग के कारण कांग्रेस और बीजद के संयुक्त उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद पार्टी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित विधायकों को निलंबित कर दिया।
क्रॉस वोटिंग और नतीजे
16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में ओडिशा में कुल चार सीटों के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा ने मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को उम्मीदवार बनाया था। बीजद की ओर से संतृप्त मिश्रा और कांग्रेस-बीजद के साझा उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता मैदान में थे। वहीं, भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय को भी समर्थन मिला।
चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायकों—सोफिया फिरदौस, रमेश जेना और दशरथी गोमांगो—ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में वोट दिया। इसके चलते कांग्रेस और बीजद के संयुक्त उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता को हार का सामना करना पड़ा।
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कांग्रेस का रुख और पार्टी अनुशासन
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बागी विधायकों को पार्टी अनुशासन का गंभीर उल्लंघन बताते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। पार्टी के बयान में कहा गया कि इन विधायकों ने पार्टी के आधिकारिक व्हिप का उल्लंघन किया और पार्टी और इसकी विचारधारा के हितों के खिलाफ काम किया। कांग्रेस मीडिया सेल के अध्यक्ष अरबिंद दास ने बताया कि मामला उच्च स्तर पर समीक्षा के अधीन है और भविष्य में विधायकों के खिलाफ पार्टी से निष्कासन पर भी विचार किया जा सकता है।
ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा कि बागी विधायकों को विधानसभा में पार्टी के अन्य विधायकों के साथ बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी क्रॉस वोटिंग की जानकारी दी गई थी और उन्हें इस घटना पर गहरा आश्चर्य हुआ। भक्त चरण दास ने कहा, "पार्टी अनुशासन का पालन हर विधायक की जिम्मेदारी है। जो सदस्य इसे तोड़ेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस विधायकों के हित में सदन में पार्टी की एकजुटता बनाए रखना प्राथमिकता है।
राज्यसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार मनमोहन सामल और सुजीत कुमार ने जीत दर्ज की। बीजद के उम्मीदवार संतृप्त मिश्रा भी विजयी रहे। वहीं, कांग्रेस-बीजद के साझा उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता को तीन बागी विधायकों की क्रॉस वोटिंग के कारण हार का सामना करना पड़ा और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय जीत गए।









