Ola Electric Share Price: क्या ₹20 तक गिर सकता है शेयर? दो ब्रोकरेज ने दी ‘Sell’ रेटिंग

Ola Electric Share Price: ओला इलेक्ट्रिक के शेयर पर दो ब्रोकरेज ने Sell रेटिंग दी है। क्या शेयर ₹20 तक गिर सकता है? जानें ब्रोकरेज का अनुमान और इसके पीछे की वजह

सोमवार को शुरुआती कारोबार में ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली। BSE पर शेयर करीब 6 फीसदी टूटकर 38.58 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया। 

Ola Electric Stock: ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयरों में सोमवार को शुरुआती कारोबार में दबाव देखने को मिला। कंपनी के वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजों में घाटे में कमी और बिक्री से जुड़े कुछ संकेतों में सुधार के बावजूद निवेशकों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। यही वजह है कि प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी के शेयर पर सतर्क रुख बरकरार रखा है। एमके और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज दोनों ने स्टॉक पर ‘Sell’ रेटिंग कायम रखी है।

सोमवार को BSE पर ओला इलेक्ट्रिक का शेयर करीब 6 फीसदी गिरकर ₹38.58 के निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ रिकवरी देखने को मिली और दोपहर करीब 2 बजे शेयर लगभग 3.34 फीसदी की गिरावट के साथ ₹39.70 के आसपास कारोबार कर रहा था। ब्रोकरेज की राय के मुताबिक, कंपनी के सामने प्रतिस्पर्धा, बिक्री की मात्रा और नकदी प्रवाह से जुड़ी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। यही कारण है कि मौजूदा स्तर से शेयर में और गिरावट का जोखिम बताया जा रहा है।

Q1 FY27 में घाटा घटा, लेकिन रेवेन्यू में बड़ी गिरावट

ओला इलेक्ट्रिक ने वित्त वर्ष 2027 की अप्रैल-जून तिमाही में अपने नेट लॉस को घटाकर ₹336 करोड़ कर दिया। एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी का घाटा करीब ₹428 करोड़ था। यानी सालाना आधार पर नुकसान में कमी आई है। हालांकि, ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 45 फीसदी घटकर ₹455 करोड़ रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा लगभग ₹828 करोड़ था।

तिमाही आधार पर तस्वीर थोड़ी बेहतर रही। Q4 FY26 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू करीब ₹265 करोड़ था, जिसके मुकाबले Q1 FY27 में लगभग 72 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ऑर्डर और डिलीवरी में आया सुधार

कंपनी के अनुसार, Q1 FY27 उसके बदलावों के बाद पहली पूरी तिमाही थी। इस दौरान कंपनी ने ऑपरेशनल प्रक्रियाओं को मजबूत करने और लागत को नियंत्रित करने पर जोर दिया। ऑर्डर बुक में भी सुधार देखने को मिला। Q4 FY26 में 22,522 यूनिट्स के मुकाबले Q1 FY27 में ऑर्डर बढ़कर 44,071 यूनिट्स हो गए। इसी अवधि में डिलीवरी 20,256 यूनिट्स से बढ़कर 39,192 यूनिट्स हो गई।

रजिस्ट्रेशन के मोर्चे पर भी कंपनी ने तिमाही आधार पर मजबूत प्रदर्शन किया। ओला इलेक्ट्रिक के रजिस्ट्रेशन करीब 97 फीसदी बढ़कर 43,921 यूनिट्स हो गए। कंपनी का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट शेयर भी Q4 FY26 के 5.1 फीसदी से बढ़कर Q1 FY27 में करीब 8.4 फीसदी हो गया।

फिर क्यों चिंतित हैं ब्रोकरेज?

बेहतर ऑर्डर और डिलीवरी के बावजूद ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि कंपनी के लिए रिकवरी को लंबे समय तक बनाए रखना बड़ी चुनौती हो सकती है।एमके ने ओला इलेक्ट्रिक पर ‘Sell’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹30 का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा स्तरों की तुलना में यह संभावित गिरावट का संकेत देता है।

वहीं कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने भी ‘Sell’ रेटिंग कायम रखी है और शेयर का ₹20 का टारगेट प्राइस रखा है। इसका अर्थ है कि मौजूदा बाजार स्तर से शेयर में लगभग 50 फीसदी से अधिक गिरावट की संभावना ब्रोकरेज ने जताई है।

बढ़ती प्रतिस्पर्धा बनी सबसे बड़ी चुनौती

एमके के मुताबिक, ओला इलेक्ट्रिक के मार्केट शेयर में Q1 के दौरान सुधार जरूर हुआ, लेकिन जुलाई में यह घटकर करीब 6.5 फीसदी रह गया। इस गिरावट की एक बड़ी वजह TVS, Bajaj और HMCL जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियों की बढ़ती क्षमता मानी जा रही है। इसके अलावा आने वाले समय में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है। एथर के नए प्लांट के संचालन से बाजार में अतिरिक्त क्षमता आने की संभावना है, जिससे ओला पर बिक्री और बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने का दबाव बढ़ सकता है।

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