ऑपरेशन टाइगर को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख Uddhav Thackeray ने पार्टी को एकजुट रखने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में आज सुबह 11 बजे नई दिल्ली स्थित शिवसेना (यूबीटी) के संसद भवन कार्यालय में पार्टी के सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।
नई दिल्ली: भारत की राजनीति में एक बार फिर महाराष्ट्र की सियासी हलचल सुर्खियों में है। ‘ऑपरेशन टाइगर’ के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे आज नई दिल्ली में पार्टी सांसदों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक को पार्टी की एकजुटता और संभावित राजनीतिक टूट को रोकने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, यह बैठक आज सुबह 11 बजे दिल्ली स्थित शिवसेना (UBT) के संसद भवन कार्यालय में आयोजित की जाएगी। माना जा रहा है कि पार्टी के 6 कथित बागी सांसदों में से 2 सांसद अभी भी नेतृत्व के संपर्क में हैं और वे इस अहम बैठक में शामिल हो सकते हैं।
बागी सांसदों को लेकर बढ़ी सियासी सरगर्मी
शिवसेना (UBT) खेमे में जारी इस आंतरिक विवाद के बीच पार्टी नेतृत्व लगातार अपने सांसदों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है। पार्टी का दावा है कि सभी सांसद पूरी तरह अलग नहीं हुए हैं और संगठन के भीतर संवाद अभी भी जारी है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि कुछ सांसद अलग रुख अपना सकते हैं और महाराष्ट्र की मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन राजनीति की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। इस घटनाक्रम ने राज्य और राष्ट्रीय राजनीति दोनों में नई हलचल पैदा कर दी है।
दिल्ली के बाद मुंबई में भी बड़ी बैठक
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दिल्ली बैठक के बाद पार्टी ने महाराष्ट्र में भी संगठनात्मक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है। 22 जून को मुंबई स्थित शिवसेना (UBT) के शिवालय कार्यालय में शाम 4 बजे पार्टी विधायकों की एक अहम बैठक बुलाई गई है। यह बैठक राज्य स्तर पर पार्टी की रणनीति और एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
उद्धव ठाकरे गुट के लिए यह समय राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। सांसदों के संभावित बगावती रुख की अटकलों के बीच पार्टी नेतृत्व लगातार रणनीति बना रहा है ताकि संगठनात्मक टूट को रोका जा सके। लगातार हो रही बैठकों से यह स्पष्ट है कि पार्टी अपने जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर बनाए रखने की कोशिश में जुटी है।
लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात और दावे
इस बीच, राजनीतिक घटनाक्रम तब और तेज हो गया जब शिवसेना (UBT) के कुछ सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अलग-अलग मुलाकात की। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें अरविंद सावंत, अनिल देसाई और संजय राउत शामिल हैं, ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि किसी भी निर्णय में संवैधानिक प्रावधानों, नियमों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाए।
दूसरी ओर, बागी गुट के सांसदों ने दावा किया है कि उन्हें लोकसभा में पार्टी के कुल 9 सांसदों में से 6 का समर्थन प्राप्त है। यह दावा पार्टी के भीतर विभाजन की संभावनाओं को और मजबूत करता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
संभावित राजनीतिक बदलाव की अटकलें
सूत्रों के अनुसार, बागी सांसदों का एक समूह जल्द ही लोकसभा अध्यक्ष से औपचारिक मुलाकात कर सकता है। इस बैठक में वे अपने अलग गुट को मान्यता देने और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में संभावित विलय की मांग उठा सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।










