मसूद अजहर के बड़े भाई मोहम्मद ताहिर अनवर की पाकिस्तान में रहस्यमयी मौत हो गई। जैश-ए-मोहम्मद में उनकी सक्रिय भूमिका और ऑपरेशन सिंदूर के बाद परिवार पर लगातार संकट, भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है।
Pakistan: भारत में मोस्ट वॉन्टेड आतंकी और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के सरगना मौलाना मसूद अजहर के परिवार पर लगातार संकट का दौर जारी है। पाकिस्तान में उनके बड़े भाई मोहम्मद ताहिर अनवर का निधन हो गया है। इस मौत को लेकर रहस्यमयी परिस्थितियों की जानकारी सामने आई है और फिलहाल इसके सटीक कारण का खुलासा नहीं हुआ है।
मोहम्मद ताहिर अनवर की मौत
सूत्रों के अनुसार, ताहिर अनवर का अंतिम संस्कार पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जामिया मस्जिद उस्मान वाली में सोमवार को किया गया। हालांकि, इस मौत के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। यह घटना मसूद अजहर के परिवार के लिए नया धक्का है, क्योंकि इससे पहले 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत के लक्षित हवाई हमलों में उनके परिवार के कई सदस्य मारे जा चुके थे।
जैश-ए-मोहम्मद में ताहिर की भूमिका
ताहिर अनवर मसूद अजहर के पांच भाइयों में से एक था और उसने जैश-ए-मोहम्मद में अहम भूमिका निभाई थी। वह संगठन के ऑपरेशन्स में सक्रिय था और आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में शामिल था। उसके संगठन में होने के कारण ही उसकी मौत से जैश के अंदर भी हलचल मची है।
ऑपरेशन सिंदूर में परिवार पर हमला
मसूद अजहर ने पिछले साल दावा किया था कि पहलगाम आतंकी हमले के बदले के लिए 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारत ने लक्षित हवाई हमले किए थे। इन हमलों में अजहर के परिवार के 10 सदस्य मारे गए थे। इसमें उसकी बड़ी बहन, बहन का पति, एक भतीजा और उसकी पत्नी, एक भतीजी और उनके बच्चे शामिल थे। इसके अलावा, अजहर के चार सहयोगी भी इन हमलों में मारे गए थे।

विमान अपहरण और मसूद अजहर की रिहाई
मसूद अजहर को 1994 में भारत में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें एअर इंडिया के आईसी 814 विमान अपहरण के मामले के बाद रिहा किया गया था। यह घटना भारतीय सुरक्षा और आतंकवाद के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ थी। अजहर की रिहाई के बाद उन्होंने जैश-ए-मोहम्मद को और मजबूत किया और भारत में कई आतंकी हमलों की साजिश में शामिल रहे।
मसूद अजहर के दुष्कृत्य
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों की साजिश में उनका नाम शामिल रहा है। इनमें 2001 का संसद हमला, 2008 का मुंबई हमला, 2016 का पठानकोट हमला और 2019 का पुलवामा हमला प्रमुख हैं। इन हमलों ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को और महत्वपूर्ण बना दिया।
परिवार के खत्म होते कुनबे की कहानी
मसूद अजहर का परिवार पहले ही 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारी क्षति झेल चुका था। अब बड़े भाई की मौत के बाद परिवार का कुनबा लगभग खत्म हो गया है। यह घटना आतंकवादी संगठन के भीतर भी मानसिक और संगठनात्मक असर डाल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार में लगातार हत्याओं और हमलों के कारण जैश-ए-मोहम्मद के भीतर नेतृत्व और संचालन प्रभावित हो सकते हैं।
भारत के लिए खतरा
मसूद अजहर और जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियां भारत के लिए लगातार खतरा बनी हुई हैं। अजहर के परिवार पर हमले और मौतों के बावजूद संगठन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। भारत की सुरक्षा एजेंसियां लगातार इस पर नजर रख रही हैं और संभावित आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर हैं। सुरक्षा बलों को अजहर के सहयोगियों और जैश के अन्य सदस्य की पहचान और उन्हें रोकने की जिम्मेदारी दी गई है।








