भारत का पड़ोसी पाकिस्तान फिर से आतंकवादी हमले की चपेट में आया। आतंकवादियों ने भारी गोलीबारी की, जिसमें 3 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। यह घटना सुरक्षा चुनौती को और बढ़ा रही है और चिंता का विषय बनी हुई है।
Pakistan: पाकिस्तान एक बार फिर भीषण आतंकी हमले से कांप उठा है। बुधवार को खैबर पख्तूनख्वा के हंगू जिले में स्थित एक पुलिस जांच चौकी पर आतंकवादियों ने अचानक हमला कर दिया। गोलीबारी इतनी तीव्र थी कि तीन पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई। पाकिस्तान पिछले कई वर्षों से जिस आतंकवाद को पनाह देता आया है, अब वही उसकी सुरक्षा व्यवस्था को लगातार चुनौती दे रहा है। देश में आए दिन होने वाले हमले सुरक्षाबलों के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं।
काजी तालाब जांच चौकी पर अचानक हमला
अधिकारियों के अनुसार हमला काजी तालाब पुलिस जांच चौकी पर हुआ। यह चौकी हंगू जिले में एक संवेदनशील स्थान पर स्थित है जहां पहले भी कई बार आतंकी घटनाएँ हो चुकी हैं। जिला पुलिस अधिकारी खान जैब ने बताया कि आतंकवादियों ने पास की पहाड़ी से अचानक गोलीबारी शुरू की। सुरक्षाकर्मी संभल पाते इससे पहले ही हमलावरों ने तेजी से गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
हमले के शुरुआती पलों में ही आतंकियों ने सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाया जिससे तीन पुलिसकर्मियों की जान चली गई। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई शुरू की लेकिन दुश्मन की पोज़िशन पहाड़ी पर होने के कारण मुठभेड़ बेहद कठिन रही।
पहाड़ी से की गई ताबड़तोड़ फायरिंग
हमले के तरीके ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है। आतंकियों ने जिस स्थान से फायरिंग की वह ऊंचाई पर था, जिससे उन्हें साफ दृश्य मिल रहा था और वे सुरक्षित दूरी से हमला कर सकते थे। अधिकारी खान जैब ने बताया कि आतंकियों ने घात लगाकर अचानक हमला किया।

पुलिस की ओर से जवाबी फायरिंग हुई लेकिन आतंकवादी घने अंधेरे और पहाड़ी रास्तों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। इस तरह की रणनीति का इस्तेमाल कई बार टीटीपी और अन्य आतंकी संगठनों द्वारा किया जा चुका है, जिससे यह संकेत मिलता है कि इस हमले की तैयारी पहले से की गई थी।
हमलावरों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान
हमले के बाद पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया है। ड्रोन कैमरों और आधुनिक surveillance उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि पहाड़ी इलाकों में छिपे हमलावरों का पता लगाया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि हमले के बाद कई संदिग्ध स्थानों पर तलाशी की गई और सुराग इकट्ठे किए जा रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन खैबर पख्तूनख्वा में सक्रिय टीटीपी (Tehreek-e-Taliban Pakistan) पर संदेह जताया जा रहा है।
पाकिस्तान में बढ़ती आतंकी घटनाएँ
पाकिस्तान कई दशकों से आतंकवाद के खतरे में जी रहा है। देश ने अपनी नीतियों के जरिए कई आतंकी संगठनों को पनाह दी थी, लेकिन अब वही संगठन पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुके हैं। बीते कुछ महीनों में खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकी हमलों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने की निंदा
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए कि इलाके में अतिरिक्त बल भेजा जाए और हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।










