पाली के नया बस स्टैंड के सामने एक तीन मंजिला होटल में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह जल गया, जबकि तीसरी मंजिल पर फंसे दो लोगों को स्टाफ ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पाली: राजस्थान के पाली शहर में नया बस स्टैंड के सामने स्थित एक तीन मंजिला होटल में देर रात अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना गुरुवार रात लगभग 1:30 बजे के आसपास हुई, जब अधिकांश लोग अपने कमरों में सो रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह ग्राउंड फ्लोर पर हुआ शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरे ग्राउंड फ्लोर को अपनी चपेट में ले लिया और धुआं दूसरी तथा तीसरी मंजिल तक पहुंच गया।
शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, तेजी से फैला धुआं
प्रत्यक्षदर्शियों और होटल स्टाफ के अनुसार, आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर से हुई जहां इलेक्ट्रिकल वायरिंग या किसी उपकरण में शॉर्ट सर्किट हुआ। देखते ही देखते वहां रखे फर्नीचर, एसी यूनिट, बेड और अन्य सामान ने आग पकड़ ली। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही समय में पूरा तल जलने लगा।
धुएं का असर इतना अधिक था कि होटल की दूसरी और तीसरी मंजिल पर भी लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। पूरे भवन में घना धुआं भर गया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
तीसरी मंजिल पर फंसे दो लोग, स्टाफ ने किया रेस्क्यू
घटना के समय होटल की तीसरी मंजिल पर दो लोग गहरी नींद में सो रहे थे। आग और धुएं के बीच उनकी जान पर गंभीर खतरा पैदा हो गया था। लेकिन होटल स्टाफ ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए उन्हें जगाया और सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की।
कुछ लोग लाइट जाने के कारण पहले ही सतर्क हो गए थे और खुद ही कमरों से बाहर निकल आए। समय रहते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई
आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग को रात करीब 1:30 बजे अलर्ट किया गया। कुछ ही समय में फायर ब्रिगेड की एक टीम मौके पर पहुंची। आग की गंभीरता को देखते हुए तुरंत दूसरी दमकल गाड़ी भी बुलानी पड़ी।

दमकलकर्मियों ने लगातार करीब दो घंटे से अधिक समय तक प्रयास किया और आखिरकार रात लगभग 3:30 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इस दौरान फायर टीम ने होटल के अंदर फैले धुएं और आग को नियंत्रित करने के लिए पानी और फोम का इस्तेमाल किया।
ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह जलकर खाक
आग की चपेट में आने से होटल का ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह नष्ट हो गया। वहां रखा फर्नीचर, एसी, बेड, रिसेप्शन का सामान और अन्य जरूरी वस्तुएं जलकर खाक हो गईं। दूसरी मंजिल पर भी कुछ कमरों के दरवाजे और अंदर का सामान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है।
हालांकि राहत की बात यह रही कि आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया, जिससे तीसरी मंजिल तक इसका असर सीमित रहा और बड़ा नुकसान होने से बच गया।
शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रशासनिक और फायर विभाग की प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारण की पुष्टि की जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने इलेक्ट्रिकल सिस्टम और ओवरलोडिंग के कारण इस तरह की घटनाएं अक्सर देखने को मिलती हैं।
स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल
घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। देर रात आग की लपटें और धुआं देखकर स्थानीय लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए। होटल के बाहर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई थी, जिसे बाद में पुलिस और दमकल विभाग ने नियंत्रित किया।
बड़ा हादसा टला, सभी सुरक्षित
इस पूरे हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। होटल में मौजूद सभी लोग सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। अगर थोड़ी और देरी होती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
स्टाफ की तत्परता और दमकल विभाग की तेज कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
आग से सीख: सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत
यह घटना एक बार फिर से होटल और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित रूप से इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच, फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता और कर्मचारियों को आपातकालीन प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी है।












