साधु के वेश में संसद पहुंचे पप्पू यादव के खिलाफ पुलिस में शिकायत, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

सांसद पप्पू यादव के साधु के वेश में संसद पहुंचने को लेकर विवाद बढ़ गया है। उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

दिल्ली के जहांगीरपुरी पुलिस स्टेशन में सांसद पप्पू यादव के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता सूर्य मैथिल ने आरोप लगाया है कि संसद परिसर में पप्पू यादव द्वारा किए गए विरोध-प्रदर्शन से हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

नई दिल्ली: निर्दलीय सांसद पप्पू यादव एक बार फिर राजनीतिक विवाद में घिर गए हैं। दिल्ली के जहांगीरपुरी पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि संसद परिसर में किए गए उनके विरोध प्रदर्शन से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायत सूर्य मैथिल नाम के व्यक्ति ने दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पप्पू यादव ने संसद परिसर में जिस तरीके से प्रदर्शन किया, वह आपत्तिजनक था और इससे हिंदू समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।

भगवा वस्त्र पहनकर संसद पहुंचे थे पप्पू यादव

यह विवाद उस प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें पप्पू यादव शुक्रवार को संसद परिसर में साधु के वेश में पहुंचे थे। उन्होंने भगवा कपड़े पहनकर अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा विवाद को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने एक प्रतीकात्मक नाटक के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया। 

इसमें यह दिखाने की कोशिश की गई कि राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पप्पू यादव के इस प्रदर्शन में विपक्ष के कई सांसद भी शामिल हुए थे। प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाना और कथित मुद्दों को उठाना था।

राहुल गांधी और खरगे समेत कई विपक्षी नेता हुए शामिल

संसद परिसर में हुए इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई विपक्षी सांसद मौजूद रहे।प्रदर्शन के दौरान संसद के मकर द्वार की सीढ़ियों के पास दान पेटियां रखी गई थीं। पप्पू यादव साधु के रूप में इन पेटियों के साथ बैठे नजर आए। इसके बाद राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने प्रतीकात्मक रूप से इनमें पैसे डाले।

पप्पू यादव ने इस पूरे प्रदर्शन को राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद के विरोध के रूप में पेश किया। विपक्षी नेताओं ने इसे सरकार पर सवाल उठाने का एक तरीका बताया।

कई विपक्षी सांसद रहे मौजूद

इस प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद और धर्मेंद्र यादव, झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी सहित कई नेता शामिल हुए। प्रदर्शन स्थल पर एक बड़ा बैनर भी लगाया गया था, जिस पर लिखा था- “अमित शाह सदन से गायब क्यों?” विपक्षी दलों ने इस प्रदर्शन के जरिए केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा।

शिकायतकर्ता सूर्य मैथिल ने अपनी शिकायत में कहा कि संसद जैसे संवैधानिक स्थान पर इस तरह का प्रदर्शन करना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन की शैली और इस्तेमाल किए गए प्रतीकों से धार्मिक भावनाओं को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, पप्पू यादव या उनकी ओर से इस शिकायत को लेकर अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

विपक्ष पहले भी उठा चुका है कई मुद्दे

यह प्रदर्शन केवल राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे तक सीमित नहीं था। विपक्षी सांसदों ने छात्रों से जुड़े मुद्दों और संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार का विरोध किया। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों से जुड़े मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि युवाओं के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

खरगे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई गंभीर चिंता का विषय है।

Leave a comment