संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को समाजवादी पार्टी के सांसदों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। डिंपल यादव दानपेटी लेकर संसद परिसर पहुंचीं और प्रतीकात्मक विरोध जताते हुए कहा, "पहले पैसे डालिए।" उनके साथ मौजूद सांसदों ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
Akhilesh Yadav भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से दानपेटी में नोट डाला और "चढ़ावा चोरों, गद्दी छोड़ो" के नारे लगाए। इस दौरान समाजवादी पार्टी के अन्य सांसद भी सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन करते रहे।
Dimple Yadav ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका यह प्रदर्शन एक राजनीतिक संदेश देने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस मुद्दे को लेकर विपक्ष आवाज उठा रहा है, उस पर सरकार जवाब देने से बच रही है। हालांकि सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।
संसद परिसर में हुए इस प्रदर्शन के दौरान कुछ देर तक राजनीतिक हलचल तेज रही। सुरक्षा व्यवस्था सामान्य रही और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। संसद के मानसून सत्र में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार तीखी बहस देखने को मिल रही है।
विपक्षी दल विभिन्न मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि वह सभी मुद्दों पर सदन के भीतर चर्चा के लिए तैयार है। इसी क्रम में अलग-अलग दलों द्वारा संसद परिसर में प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के भीतर और बाहर इस तरह के प्रतीकात्मक प्रदर्शन विपक्ष की रणनीति का हिस्सा होते हैं, जिनका उद्देश्य किसी मुद्दे की ओर सार्वजनिक और राजनीतिक ध्यान आकर्षित करना होता है।
फिलहाल संसद का मानसून सत्र जारी है और विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में भी कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा और विरोध प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं