सनातनी किन्नर अखाड़ा ने निकाली गुरु वंदना यात्रा गुरु पूजा के बाद भजनों पर झूमे श्रद्धालु शंखनाद से गूंजा माहौल

गुरु पूर्णिमा पर सनातनी किन्नर अखाड़ा ने गुरु वंदना यात्रा निकाली। गुरु पूजा के बाद भजनों पर श्रद्धालु झूमे और शंखनाद के साथ धार्मिक आस्था का संदेश दिया।
सनातनी किन्नर अखाड़ा ने निकाली गुरु वंदना यात्रा गुरु पूजा के बाद भजनों पर झूमे श्रद्धालु शंखनाद से गूंजा माहौल
Photo Credit / Attribution: Google

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सनातनी किन्नर अखाड़ा की ओर से भव्य गुरु वंदना यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु और अखाड़े के सदस्य शामिल हुए। पूरे मार्ग पर धार्मिक जयघोष, भजन-कीर्तन और शंखनाद से भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने गुरु परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए यात्रा का स्वागत किया।

यात्रा शुरू होने से पहले गुरु पूजा का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ गुरु का पूजन किया गया तथा सभी ने आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद यात्रा आगे बढ़ी, जिसमें श्रद्धालु हाथों में धार्मिक ध्वज और प्रतीक लेकर शामिल हुए।

गुरु पूजा के उपरांत भक्ति गीतों और भजनों की धुन पर श्रद्धालु जमकर झूमे। अखाड़े के सदस्यों ने नृत्य करते हुए गुरु महिमा का गुणगान किया। शंख बजाकर और जयकारे लगाकर पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया गया। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत भी किया।

आयोजकों ने बताया कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में गुरु के सम्मान और ज्ञान परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इसी संदेश को समाज तक पहुंचाने के उद्देश्य से गुरु वंदना यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रेम, सद्भाव, सेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक इंतजाम किए गए। पुलिसकर्मी पूरे मार्ग पर तैनात रहे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आयोजन शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

धार्मिक कार्यक्रम में शामिल लोगों ने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही व्यक्ति को ज्ञान, संस्कार और सही मार्ग का बोध कराते हैं। गुरु पूर्णिमा का पर्व इसी गुरु-शिष्य परंपरा के सम्मान का प्रतीक है, जिसे देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया और सभी ने समाज में भाईचारे, आध्यात्मिक जागरूकता तथा सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लिया। गुरु वंदना यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह पूरे आयोजन के दौरान देखने लायक रहा।

Leave a comment