कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Pawan Khera एक बार फिर कानूनी विवाद में घिर गए हैं। असम में दर्ज एक आपराधिक मामले के सिलसिले में उन्होंने Gauhati High Court का रुख करते हुए अग्रिम जमानत (anticipatory bail) की मांग की है।
नई दिल्ली: Pawan Khera ने असम में दर्ज एक मामले में अग्रिम जमानत के लिए Gauhati High Court का रुख किया है। यह मामला Himanta Biswa Sarma की पत्नी Riniki Bhuyan Sarma द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें पासपोर्ट से संबंधित विवाद सामने आया है। कांग्रेस नेता की ओर से दाखिल याचिका में गिरफ्तारी से पहले राहत की मांग की गई है। अब इस मामले में हाई कोर्ट की सुनवाई और फैसले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब पवन खेड़ा ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास एक से अधिक पासपोर्ट हैं। इस बयान के बाद गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें शामिल हैं:
- गलत और भ्रामक बयान देना
- धोखाधड़ी और जालसाजी
- मानहानि
- शांति भंग करने की आशंका
इस मामले ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर विवाद को जन्म दिया है।
ट्रांजिट बेल से सुप्रीम कोर्ट तक

इस मामले में पहले Telangana High Court ने 10 अप्रैल को पवन खेड़ा को एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, ताकि वे संबंधित अदालत में जाकर नियमित राहत मांग सकें। हालांकि, असम पुलिस ने इस आदेश को चुनौती देते हुए Supreme Court of India का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल को तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि पवन खेड़ा असम की अधिकार क्षेत्र वाली अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करते हैं, तो उनके मामले पर निष्पक्ष तरीके से विचार किया जाएगा। हालांकि, खेड़ा द्वारा ट्रांजिट बेल बढ़ाने और स्टे हटाने की मांग को कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया।
अब गौहाटी हाई कोर्ट में सुनवाई
इसी कानूनी स्थिति के बाद पवन खेड़ा ने सीधे Gauhati High Court में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। अब इस मामले में अगला महत्वपूर्ण कदम हाई कोर्ट की सुनवाई और उसके फैसले पर निर्भर करेगा। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला इस बात का परीक्षण करेगा कि सार्वजनिक बयानों और राजनीतिक आरोपों की सीमा क्या होनी चाहिए।
इस बीच असम पुलिस इस मामले में सक्रिय भूमिका निभा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने हैदराबाद में पवन खेड़ा की तलाश की थी और दिल्ली स्थित उनके आवास पर भी जांच की गई।











