पीएम मोदी इटली दौरे पर: जॉर्जिया मेलोनी से द्विपक्षीय वार्ता, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक मुद्दों पर अहम चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी इटली दौरे पर पहुंचे, जहां वे जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे। व्यापार, निवेश, तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर अहम चर्चा और समझौते संभव हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली दौरे पर पहुंच गए हैं जहां वे पीएम जॉर्जिया मेलोनी से द्विपक्षीय बैठक करेंगे दोनों नेता व्यापार निवेश तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे इस दौरे में कई अहम समझौते होने की संभावना है रहे

रोम: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली के आधिकारिक दौरे पर पहुंच चुके हैं। यह यात्रा भारत और इटली के बीच तेजी से मजबूत हो रहे संबंधों को और गहराई देने के उद्देश्य से बेहद अहम मानी जा रही है। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे, जहां दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा और वैश्विक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी।

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा संकट और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की अस्थिरता जैसे कई बड़े बदलावों से गुजर रही है। ऐसे में भारत और इटली जैसे देशों के बीच सहयोग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की द्विपक्षीय बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच होने वाली यह बैठक दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बैठक में दोनों नेता कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचार करेंगे।

  • व्यापार और निवेश बढ़ाने के नए अवसरों पर चर्चा होगी
  • रक्षा, सुरक्षा और तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने पर फोकस रहेगा

इसके अलावा, दोनों देश अपने संबंधों को “स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” का दर्जा देने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो भारत और इटली के बीच संस्थागत सहयोग और राजनीतिक समन्वय पहले से कहीं अधिक मजबूत हो जाएगा।

भारत-इटली व्यापारिक संबंधों में तेजी

पिछले कुछ वर्षों में भारत और इटली के आर्थिक संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार 14 अरब यूरो (लगभग 14 लाख करोड़ रुपये) से अधिक पहुंच चुका है।

दोनों देश अब इस व्यापार को और अधिक विविध बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। खासकर निम्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है:

  • ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग उद्योग
  • मशीनरी, इंजीनियरिंग और औद्योगिक उपकरण
  • फार्मास्युटिकल और हेल्थकेयर सेक्टर
  • हरित ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल तकनीक

भारत की “मेक इन इंडिया” नीति और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार ने विदेशी निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं, जबकि इटली की तकनीकी विशेषज्ञता और औद्योगिक क्षमता भारत के लिए महत्वपूर्ण साझेदार बन सकती है।

इटली के उद्योगपतियों से पीएम मोदी की मुलाकात

अपने इटली दौरे के दौरान पीएम मोदी देश के प्रमुख उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। इस बैठक का उद्देश्य भारत में निवेश को बढ़ावा देना और नई औद्योगिक साझेदारियों को विकसित करना है।

इस बातचीत में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर चर्चा होने की संभावना है:

  • भारत में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की स्थापना
  • तकनीकी सहयोग और इनोवेशन पार्टनरशिप
  • स्टार्टअप और डिजिटल इकोसिस्टम में निवेश के अवसर

यह बैठक भारत में यूरोपीय निवेश को बढ़ावा देने और वैश्विक कंपनियों को भारतीय बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

वैश्विक मुद्दों पर रणनीतिक बातचीत

पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की बैठक केवल आर्थिक संबंधों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें कई वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा की जाएगी।

दोनों नेता निम्न प्रमुख मुद्दों पर विचार करेंगे:

  • रूस-यूक्रेन युद्ध और उसका वैश्विक प्रभाव
  • मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
  • इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति
  • वैश्विक ऊर्जा संकट और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत
  • सप्लाई चेन की स्थिरता और आर्थिक सुरक्षा

इन मुद्दों पर भारत और इटली का साझा दृष्टिकोण वैश्विक स्थिरता और शांति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत-इटली संबंधों का बदलता स्वरूप

भारत और इटली के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में केवल व्यापारिक साझेदारी से आगे बढ़कर रणनीतिक सहयोग में बदल रहे हैं। दोनों देश अब कई नए क्षेत्रों में एक साथ काम कर रहे हैं।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • रक्षा और सुरक्षा सहयोग
  • साइबर सुरक्षा और डिजिटल तकनीक
  • अंतरिक्ष और वैज्ञानिक अनुसंधान
  • हरित ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन पहल
  • शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान

यदि दोनों देश “स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” को औपचारिक रूप देते हैं, तो यह यूरोप में भारत की कूटनीतिक स्थिति को और मजबूत करेगा।

पिछले दौरे की पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले जून 2024 में इटली गए थे, जहां उन्होंने जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। उस सम्मेलन में भारत की भूमिका और वैश्विक मुद्दों पर उसके दृष्टिकोण की सराहना की गई थी।

वर्तमान दौरा उसी कूटनीतिक निरंतरता का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत भारत वैश्विक मंचों पर अपनी सक्रिय भूमिका को लगातार बढ़ा रहा है।

हालिया विदेश यात्राओं का हिस्सा

यह इटली दौरा पीएम मोदी के व्यापक विदेश दौरे का अंतिम चरण है। इससे पहले उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे का दौरा किया था।

इन यात्राओं का उद्देश्य भारत के आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक संबंधों को वैश्विक स्तर पर मजबूत करना रहा है।

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