फिलीपीन के एंजिल्स सिटी में आंधी-तूफान के दौरान 9 मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिर गई। हादसे में कई मजदूर मलबे में दब गए। अब तक 22 मजदूरों को बचाया गया है, जबकि करीब 30 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
मनीला: फिलीपीन से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां राजधानी मनीला के उत्तर में स्थित एंजिल्स सिटी में एक निर्माणाधीन 9 मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे के समय इमारत के अंदर बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक कई मजदूर मलबे में दब गए हैं, जबकि कुछ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
यह हादसा रविवार तड़के उस समय हुआ जब क्षेत्र में तेज आंधी और खराब मौसम का असर देखा जा रहा था। स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियां मौके पर राहत एवं रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।
घटना ने फिलीपीन में निर्माण सुरक्षा, मौसम संबंधी जोखिम और श्रमिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आंधी-तूफान के दौरान अचानक ढही इमारत
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा पम्पांगा प्रांत के एंजिल्स सिटी में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज हवा और खराब मौसम के बीच निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभराकर गिर गई।
हादसे के वक्त मजदूर इमारत के अलग-अलग हिस्सों में काम कर रहे थे। इमारत गिरने के बाद चारों ओर धूल और मलबा फैल गया, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई।
स्थानीय पुलिस और प्रशासन को तुरंत सूचना दी गई, जिसके बाद बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया।
22 मजदूर सुरक्षित निकाले गए
पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि हादसे के बाद कम से कम 22 मजदूर किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे। इनमें कुछ मजदूरों को हल्की चोटें आई हैं, जबकि कई गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

हालांकि प्रशासन ने अभी तक मृतकों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि मलबे में कई लोग अब भी फंसे हो सकते हैं।
30 मजदूरों के फंसे होने की आशंका
एंजिल्स सिटी सूचना कार्यालय के प्रमुख जे पेलायो ने बताया कि शुरुआती अनुमान के मुताबिक करीब 30 मजदूर अभी भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यह जानकारी उन निर्माणकर्मियों से मिली है जो हादसे के दौरान सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे थे।
हालांकि पुलिस ब्रिगेडियर जनरल जेस मेंडेज ने कहा कि अभी यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया जा सकता कि कितने लोग लापता हैं, क्योंकि रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
100 से अधिक बचावकर्मी राहत कार्य में जुटे
हादसे के बाद फिलीपीन पुलिस, फायर डिपार्टमेंट, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और मेडिकल टीमों को मौके पर भेजा गया।
अधिकारियों के मुताबिक 100 से अधिक बचावकर्मी मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी मशीनरी, स्निफर डॉग्स, कटिंग इक्विपमेंट और थर्मल स्कैनिंग उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
बचाव दल बेहद सावधानी से मलबा हटा रहे हैं ताकि अंदर फंसे लोगों को अतिरिक्त नुकसान न पहुंचे।
खराब मौसम बना राहत कार्य में चुनौती
राहत कार्य के दौरान खराब मौसम और लगातार बारिश सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवा और कमजोर संरचना के कारण मलबे के और खिसकने का खतरा बना हुआ है। इसी वजह से बचाव दल बेहद सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन ने आसपास के इलाके को खाली कराकर सुरक्षा घेरा बना दिया है।
निर्माण सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने फिलीपीन में निर्माण सुरक्षा मानकों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में तेजी से हो रहे शहरी विकास के बीच निर्माण परियोजनाओं में सुरक्षा नियमों का पालन हमेशा पर्याप्त स्तर पर नहीं हो पाता।
प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इमारत की संरचना तेज आंधी-तूफान का दबाव सहने के लिए पर्याप्त मजबूत थी या नहीं।
जांच एजेंसियां निर्माण सामग्री, इंजीनियरिंग डिजाइन और सुरक्षा अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की भी समीक्षा कर रही हैं।
फिलीपीन में मौसम संबंधी आपदाओं का बढ़ता खतरा
फिलीपीन दुनिया के उन देशों में शामिल है जो हर साल सबसे ज्यादा प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते हैं।
देश प्रशांत महासागर के टाइफून बेल्ट में स्थित है, जहां नियमित रूप से तेज तूफान, भारी बारिश, भूकंप और बाढ़ जैसी घटनाएं होती रहती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण अत्यधिक मौसम घटनाओं की तीव्रता और आवृत्ति बढ़ रही है, जिससे निर्माण परियोजनाओं और शहरी ढांचे पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई भयावह स्थिति
हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि इमारत गिरते ही तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। कुछ सेकंड के भीतर पूरी संरचना मलबे में बदल गई।
कई मजदूर मदद के लिए चिल्लाते हुए सुनाई दिए। स्थानीय लोग भी शुरुआती राहत कार्य में शामिल हुए और घायल मजदूरों को बाहर निकालने में मदद की।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि धूल का गुबार इतना ज्यादा था कि कुछ समय तक आसपास कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।
सरकार ने जांच के आदेश दिए
फिलीपीन प्रशासन ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्माण में लापरवाही या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय सरकार ने प्रभावित मजदूरों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।
श्रमिक सुरक्षा पर वैश्विक चिंता
यह हादसा एक बार फिर दुनिया भर में निर्माण मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाता है।
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठनों का कहना है कि निर्माण क्षेत्र दुनिया के सबसे जोखिमपूर्ण कार्यक्षेत्रों में शामिल है, जहां हर साल हजारों मजदूर हादसों का शिकार होते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर सुरक्षा प्रशिक्षण, मजबूत निर्माण मानक और मौसम जोखिम प्रबंधन से ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
पूरे देश की नजर रेस्क्यू ऑपरेशन पर
फिलहाल फिलीपीन में लोगों की नजर बचाव अभियान पर टिकी हुई है। परिवारजन और स्थानीय नागरिक मलबे में फंसे मजदूरों के सुरक्षित बाहर आने की उम्मीद कर रहे हैं।
राहत एजेंसियों का कहना है कि जब तक सभी मजदूरों का पता नहीं चल जाता, तब तक रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा।
यह हादसा फिलीपीन के हालिया वर्षों के सबसे गंभीर निर्माण हादसों में से एक माना जा रहा है।









