Narendra Modi आज, शनिवार को Odisha के दौरे पर जाएंगे। इस अवसर पर भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu भी कार्यक्रम में शामिल होंगी, जिससे यह दौरा विशेष महत्व का माना जा रहा है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, शनिवार को ओडिशा के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे, जहां उनके साथ भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी मौजूद रहेंगी। इस दौरान दोनों नेता राज्य में 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ऊर्जा, परिवहन, स्वास्थ्य, सिंचाई, रेलवे, जनजातीय विकास और शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूती देना है।
यह दौरा न केवल ओडिशा के विकास एजेंडे के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि देश के पूर्वी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
आदिवासी क्षेत्रों से होगी दौरे की शुरुआत
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह मयूरभंज जिले के पहाड़पुर गांव पहुंचेंगे। यहां वे संथाली और हो समुदायों के पवित्र उपवनों का दौरा करेंगे तथा स्थानीय सांस्कृतिक और जनजातीय परंपराओं से जुड़ेंगे। इसके अलावा कौशल विकास केंद्र और स्थानीय विद्यालय का भी भ्रमण करेंगे। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय समुदायों में शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है।
दोपहर में रायरंगपुर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ओडिशा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर हिस्सा लेंगे। "विकास धारा, ओडिशा सारा" थीम के तहत राज्य की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया जाएगा। प्रधानमंत्री इस अवसर पर एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे और राज्य के विकास रोडमैप पर अपनी बात रखेंगे।
ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
![]()
इस दौरे की प्रमुख परियोजनाओं में 600 मेगावाट क्षमता वाली अपर इंद्रावती पंप स्टोरेज परियोजना शामिल है। इसके साथ आईबी थर्मल पावर स्टेशन के दूसरे चरण के विस्तार के तहत 660 मेगावाट की दो नई इकाइयों की आधारशिला रखी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से ओडिशा की ऊर्जा क्षमता बढ़ेगी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
झारसुगुड़ा जिले में भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (BCGCL) परियोजना की भी आधारशिला रखी जाएगी। इस परियोजना का उद्देश्य घरेलू कोयले का अधिक स्वच्छ और प्रभावी उपयोग करना है, जिससे आयातित ईंधन पर निर्भरता कम हो सके। इससे स्थानीय स्तर पर निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
सड़क, रेलवे और शहरी बुनियादी ढांचे का विस्तार
दौरे के दौरान कई सड़क और परिवहन परियोजनाओं की शुरुआत होगी। इनमें कटक और भुवनेश्वर को जोड़ने वाला काठाजोड़ी नदी पुल, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं और विभिन्न जिलों में सड़क चौड़ीकरण शामिल हैं। रेलवे क्षेत्र में जाखपुरा-जाजपुर क्योंझर रोड-बैतरानी रोड मल्टी-ट्रैकिंग और हिंदोल रोड-मेरामंडली मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा, जिससे माल और यात्री परिवहन को गति मिलेगी।
बौध जिले में 300 बिस्तरों वाले नए जिला मुख्यालय अस्पताल भवन का उद्घाटन किया जाएगा। इसके अलावा राज्य के विभिन्न हिस्सों में 24 अटल बस स्टैंड और नौ स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र भी शुरू किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।











