पीएम सूर्य घर योजना से बिजली बिल हुआ शून्य, लाभार्थी से मिले सीएम विष्णु देव साय

कोंडागांव में पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थी का बिजली बिल शून्य हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुलाकात कर योजना से मिले लाभों की जानकारी ली।

कोंडागांव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थी से मुलाकात की। सोलर सिस्टम लगने के बाद परिवार का 1200 से 1500 रुपये तक आने वाला मासिक बिजली बिल पूरी तरह खत्म हो गया है।

कोंडागांव: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का असर जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योजना के एक लाभार्थी के घर पहुंचकर उनसे बातचीत की और जाना कि कैसे सोलर सिस्टम लगने के बाद परिवार को बिजली बिल से राहत मिली है तथा आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।

मुख्यमंत्री ने लाभार्थी के घर पहुंचकर जाना योजना का असर

सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थी आनंद कुमार पवार से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार से बातचीत कर योजना से मिले लाभ और उनके जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली।

आनंद कुमार पवार ने मुख्यमंत्री को बताया कि सोलर सिस्टम लगने से पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल 1200 से 1500 रुपये तक आता था। सीमित आय वाले परिवार के लिए यह एक बड़ा खर्च था। हालांकि दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घर की छत पर सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया। इससे परिवार को हर महीने आर्थिक राहत मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से योजना के क्रियान्वयन, सब्सिडी प्रक्रिया और अन्य सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचाना है, ताकि उनके जीवन स्तर में वास्तविक सुधार हो सके।

बिजली उपभोक्ता से बने ऊर्जा उत्पादक

आनंद कुमार पवार ने बताया कि पहले उनका परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता था, लेकिन अब वे खुद बिजली उत्पादन भी कर रहे हैं। सोलर सिस्टम लगने के बाद न केवल बिजली खर्च समाप्त हुआ है, बल्कि परिवार में आत्मनिर्भरता की भावना भी मजबूत हुई है।

उन्होंने कहा कि पहले बिजली बिल के रूप में खर्च होने वाली राशि अब परिवार की अन्य जरूरतों और बच्चों की शिक्षा तथा भविष्य के लिए उपयोग की जा रही है। इससे घर की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है।

लाभार्थी ने यह भी बताया कि योजना के लिए आवेदन करने के लगभग एक महीने के भीतर सब्सिडी की राशि मिल गई थी। इसके अलावा बैंक से आसान प्रक्रिया के जरिए ऋण भी उपलब्ध कराया गया, जिससे सोलर प्लांट लगाने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। शेष राशि की अदायगी मासिक किश्तों में की जा रही है, जिससे परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ा।

बस्तर संभाग का पहला पीएम आवास बना मिसाल

आनंद कुमार पवार का घर बस्तर संभाग का पहला प्रधानमंत्री आवास माना जा रहा है, जहां प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर सिस्टम स्थापित किया गया है। यह मॉडल अब क्षेत्र के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह योजना केवल बिजली बिल कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आम परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक बड़ा अभियान है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल रही है और लोगों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है कि केंद्र और राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि बड़ेकनेरा के आनंद कुमार पवार की सफलता की कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब योजनाएं प्रभावी तरीके से लागू होती हैं, तो वे लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना आने वाले समय में हजारों परिवारों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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