झुंझुनूं में प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि मुकदमे उनके लिए स्टार हैं। उन्होंने प्रशासन पर भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोप लगाए और दरगाह तोड़फोड़ मामले में दर्ज FIR को लेकर कड़ा विरोध जताया।
झुंझुनू: राजस्थान के झुंझुनूं में कलेक्ट्रेट के बाहर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान राजस्थान के पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर तीखी और विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनके लिए मुकदमे कोई दबाव नहीं हैं, बल्कि “स्टार” की तरह हैं।
गुढ़ा ने खुले मंच से कहा, “मेरे खिलाफ यह पहला मुकदमा नहीं है। राजेंद्र गुढ़ा खड़ा है, हिम्मत है तो पकड़ो, गिरफ्तार करो। मैं पिछले 40 साल से मुकदमे झेल रहा हूं, ये मेरे स्टार हैं।”
उनके इस बयान ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन, मुस्लिम समाज की बड़ी भागीदारी
यह प्रदर्शन दरगाह हांडी शाह की वक्फ भूमि से जुड़े अतिक्रमण हटाने और उस पर दर्ज FIR के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए।
प्रदर्शनकारी शिक्षक भवन से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर पहुंचे। पूरे इलाके में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
मामला क्या है: तोड़फोड़ और FIR की पृष्ठभूमि
4 फरवरी 2026 को प्रशासन ने दरगाह हांडी शाह की वक्फ भूमि पर बने कथित अवैध अतिक्रमण को हटाया था। इसके बाद 8 मई को दरगाह परिसर में हुई तोड़फोड़ के आरोप में पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा समेत 14 नामजद लोगों के खिलाफ झुंझुनूं कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, आरोप है कि 8 मई की शाम कुछ लोग कस्सी, फावड़ा और अन्य उपकरणों के साथ दरगाह परिसर में घुसे और वहां तोड़फोड़ की।
गुढ़ा के गंभीर आरोप: भ्रष्टाचार और दबाव की राजनीति का दावा

प्रदर्शन के दौरान राजेंद्र गुढ़ा ने प्रशासन और स्थानीय नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अतिक्रमण हटाने के बदले में “पांच लाख रुपये तक की मांग” की गई थी।
उन्होंने कहा कि गरीबों को उजाड़कर जमीन को बड़े कारोबारी हितों के लिए खाली कराया जा रहा है। उनके अनुसार, “बेशकीमती जमीन पर भू-माफिया की नजर है और गरीबों के घर हटाकर रास्ता बनाया जा रहा है।”
प्रशासन और नेताओं पर सीधा हमला
पूर्व मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी तीखे आरोप लगाए।
- “कोतवाली थाने को यातना केंद्र बना दिया गया है”
- “लोगों से नाम पूछकर उन्हें परेशान किया जा रहा है”
- “विधायक गरीबों को लूट रहे हैं और टोल के नाम पर वसूली हो रही है”
- उन्होंने यहां तक कहा कि नेताओं को “वोट इकट्ठा करने पर ध्यान देना चाहिए, नोट इकट्ठा करने पर नहीं।”
“ईमानदारी” पर सवाल और भावनात्मक अपील
राजेंद्र गुढ़ा ने मंच से कहा कि अगर कोई ईमानदार है तो वह सामने आए। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कभी किसी का पैसा नहीं लिया और वे गरीबों की लड़ाई लड़ते रहेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार करने वालों का अंत बुरा होगा और जनता की “हाय” उन्हें नुकसान पहुंचाएगी।
प्रदर्शन के दौरान भीड़ से कई लोगों ने उनके समर्थन में “आमीन” के नारे लगाए।
पुलिस की कार्रवाई और मामला दर्ज
पुलिस ने इस पूरे मामले में 14 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है, जिनमें पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा भी शामिल हैं।
प्रशासन का कहना है कि जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक तनाव और बढ़ता विवाद
इस घटना के बाद झुंझुनूं में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। एक तरफ प्रशासन अतिक्रमण और कानून व्यवस्था को लेकर कार्रवाई की बात कह रहा है, वहीं दूसरी तरफ पूर्व मंत्री इसे “भू-माफिया और भ्रष्टाचार से जुड़ा मुद्दा” बता रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अब केवल कानूनी विवाद नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है।












