प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। डॉक्टरों ने मौत की वजह पल्मोनरी एम्बोलिज्म बताई है, जबकि आगे की जांच के लिए हार्ट और बिसरा सुरक्षित रखा गया है।
लखनऊ: समाजवादी परिवार से जुड़े Prateek Yadav की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। डॉक्टरों के पैनल ने जांच में शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट या संघर्ष के निशान नहीं पाए हैं। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार उनकी मौत Pulmonary Embolism की वजह से हुई, हालांकि विस्तृत जांच के लिए हार्ट और बिसरा को सुरक्षित रखा गया है।
तीन डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम
प्रतीक यादव की मौत के बाद केजीएमयू में तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इस टीम का नेतृत्व डॉ. मौसमी सिंह ने किया, जबकि फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. अनूप कुमार रायपुरिया और डॉ. फातिमा हर्षा भी जांच टीम में शामिल रहीं।
डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई। इसके साथ ही शरीर की विस्तृत जांच और छाती का एक्सरे भी किया गया ताकि मौत के कारणों की सटीक जानकारी मिल सके।
शरीर पर नहीं मिले चोट या संघर्ष के निशान
प्रतीक यादव की मौत के बाद उनके दोस्तों और करीबी लोगों की ओर से शरीर पर चोट के निशान और बॉडी के नीले पड़ने जैसे दावे किए गए थे। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी भी प्रकार की बाहरी चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिलने की बात सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार मेडिकल जांच में किसी तरह की मारपीट या हिंसक घटना के संकेत नहीं मिले हैं। रिपोर्ट आने के बाद साजिश से जुड़ी कई अटकलों पर फिलहाल विराम लगता दिखाई दे रहा है।
Pulmonary Embolism बनी मौत की मुख्य वजह
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने प्रतीक यादव की मौत की वजह Pulmonary Embolism बताई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बेहद गंभीर मेडिकल स्थिति होती है, जिसमें शरीर में बना ब्लड क्लॉट फेफड़ों की धमनियों में जाकर फंस जाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि जब यह क्लॉट फेफड़ों तक पहुंचता है तो ऑक्सीजन और रक्त प्रवाह अचानक बाधित हो जाता है। प्रतीक यादव के मामले में क्लॉट इतना बड़ा था कि कुछ ही मिनटों में सांस रुकने और दिल पर अत्यधिक दबाव बनने की स्थिति पैदा हो गई।
आगे की जांच के लिए हार्ट और बिसरा सुरक्षित
डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर प्रतीक यादव का हार्ट सुरक्षित रखा है। बताया जा रहा है कि उनका वजन काफी बढ़ गया था और शुरुआती जांच में हार्ट से जुड़ी समस्या की संभावना भी सामने आई थी।
इसके अलावा बिसरा भी जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। इससे यह स्पष्ट किया जाएगा कि शरीर में किसी प्रकार के विषैले तत्व या अन्य असामान्य कारण मौजूद थे या नहीं।
अस्पताल प्रशासन ने पॉइजनिंग की खबरों को किया खारिज
सिविल अस्पताल प्रशासन ने संदिग्ध पॉइजनिंग की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। अस्पताल के निदेशक जीपी गुप्ता ने कहा कि अस्पताल की ओर से कभी भी इस तरह की कोई बात नहीं कही गई।
उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे प्रतीक यादव के ड्राइवर अस्पताल पहुंचे थे और डॉक्टर को तुरंत साथ चलने के लिए कहा था। मेडिकल टीम मौके पर पहुंची तो उस समय शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं थी। बाद में अस्पताल लाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक शुरुआत में परिवार शव को घर ले जाना चाहता था, लेकिन बाद में पोस्टमार्टम कराने का फैसला लिया गया। इसके बाद पुलिस को सूचना देकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए केजीएमयू भेजा गया।










