प्रयागराज के गंगापार इलाके में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लापरवाही और सड़क पर होने वाले खतरनाक स्टंट के गंभीर परिणाम सामने ला दिए। हंडिया क्षेत्र के सैदाबाद स्थित बंगहा रेलवे ओवरब्रिज के पास हाईवे किनारे खड़े होकर बाइक सवार का स्टंट देख रहे लोगों के बीच अचानक तेज रफ्तार बोलेरो जा घुसी। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही 55 वर्षीय शिक्षक की मौत हो गई, जबकि बाइक से स्टंट कर रहा युवक समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना शुक्रवार को हंडिया थाना क्षेत्र में सैदाबाद के बंगहा रेलवे ओवरब्रिज के पास नेशनल हाईवे पर हुई। बताया गया कि भदोही जिले के ओझापुर निवासी 22 वर्षीय आशीष जायसवाल बाइक लेकर हाईवे पर खतरनाक स्टंट कर रहा था। वह तेज रफ्तार में बाइक के अगले पहिए को उठाकर और बाइक को लहराते हुए करतब दिखा रहा था। सड़क से गुजर रहे लोगों की नजर जब इस स्टंट पर पड़ी तो कई लोग रुक गए। कुछ बाइक सवारों ने अपनी मोटरसाइकिलें सड़क किनारे खड़ी कर दीं और स्टंट देखने लगे। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद यही भीड़ एक बड़े हादसे की चपेट में आने वाली है।
हाईवे पर मौजूद लोगों के मुताबिक, स्टंट के दौरान सड़क के आसपास कई लोग खड़े होकर युवक की बाइक चला देखने लगे थे। इसी दौरान वाराणसी की ओर से प्रयागराज की तरफ एक बोलेरो तेज रफ्तार में आ रही थी। अचानक बोलेरो अनियंत्रित हो गई और चालक वाहन को संभाल नहीं सका। देखते ही देखते बोलेरो सड़क किनारे खड़े लोगों की तरफ बढ़ गई। इससे पहले कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते, वाहन ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। बाइक से स्टंट कर रहा आशीष भी इसकी चपेट में आ गया। तेज टक्कर के कारण आसपास खड़ी मोटरसाइकिलें भी क्षतिग्रस्त हो गईं और सड़क पर मौजूद लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई।
हादसे के तुरंत बाद आसपास के दुकानदार, राहगीर और अन्य स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। सड़क पर घायल पड़े लोगों को देखकर वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। कुछ स्थानीय लोगों ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में मदद की। सूचना मिलने के बाद हंडिया थाने की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और घायलों को उपचार के लिए सैदाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जौनपुर जिले के सिकरारा निवासी 55 वर्षीय संजय सिंह को मृत घोषित कर दिया। संजय सिंह पेशे से शिक्षक थे। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी जान चली गई। उनकी मौत की सूचना परिवार तक पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। जिस व्यक्ति को कुछ देर पहले तक अपने परिवार और काम के बीच सामान्य दिन बिताने की उम्मीद थी, उसकी सड़क हादसे में अचानक मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया।
जानकारी के अनुसार, मृतक संजय सिंह भदोही जिले के कोइरौना क्षेत्र स्थित कंपोजिट विद्यालय खेमापुर में शिक्षक के रूप में तैनात थे। शुक्रवार को वह अपने साथी प्रदीप मिश्र के साथ बाइक से लौट रहे थे। रास्ते में हाईवे के किनारे लोगों की भीड़ दिखाई दी तो दोनों वहां कुछ समय के लिए रुक गए। बताया गया कि लोग सड़क पर बाइक से हो रहे खतरनाक स्टंट को देख रहे थे। संजय सिंह और उनके साथी भी वहां रुक गए। इसी दौरान बेकाबू बोलेरो भीड़ में जा घुसी और संजय सिंह को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे में बाइक से स्टंट कर रहा 22 वर्षीय आशीष जायसवाल भी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके साथ मृतक शिक्षक के साथी प्रदीप मिश्र और हंडिया क्षेत्र के डिघरी निवासी संजय सिंह उर्फ दीपू भी घायल हुए हैं। तीनों की हालत गंभीर बताई गई। सैदाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहां तीनों का आगे उपचार कराया जा रहा है।
घटना के बाद पुलिस ने हादसे में शामिल वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया। मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस अब दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बोलेरो किस गति से आ रही थी, किस कारण वाहन अनियंत्रित हुआ और हादसे के समय चालक की स्थिति क्या थी। साथ ही हाईवे पर स्टंट करने वाले युवक और वहां जमा हुई भीड़ के कारण सड़क की स्थिति कैसी बनी थी, इसकी भी जांच की जा सकती है।
इस हादसे ने हाईवे पर खतरनाक बाइक स्टंट को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सार्वजनिक सड़क पर बाइक से करतब दिखाना केवल स्टंट करने वाले व्यक्ति के लिए ही खतरा नहीं होता, बल्कि आसपास मौजूद राहगीरों और दूसरे वाहन चालकों के लिए भी जोखिम पैदा करता है। हाईवे पर वाहन सामान्य से अधिक गति से चलते हैं और किसी अचानक पैदा हुई बाधा या भीड़ से टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। इस घटना में भी स्टंट देखने के लिए सड़क किनारे लोगों का जमा होना हादसे के दौरान गंभीर स्थिति का कारण बना।
सड़क पर होने वाले स्टंट को देखने के लिए रुकने वाले लोगों के लिए भी यह घटना चेतावनी जैसी है। कई बार राहगीर किसी असामान्य गतिविधि को देखने के लिए सड़क के किनारे खड़े हो जाते हैं, लेकिन तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच ऐसी जगह पर खड़ा होना जोखिम भरा हो सकता है। खासकर हाईवे पर वाहन चालकों के लिए अचानक सड़क किनारे जमा भीड़ को संभालना मुश्किल हो सकता है। इस मामले में भी पुलिस की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी कि बोलेरो किस तरह अनियंत्रित हुई और टक्कर की सटीक वजह क्या थी।
प्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध जानकारी के मुताबिक हादसे में सबसे ज्यादा नुकसान शिक्षक संजय सिंह को हुआ, जिन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उनके साथ मौजूद प्रदीप मिश्र घायल हुए और उन्हें भी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। दूसरी तरफ जिस युवक का बाइक स्टंट देखने के लिए लोग जमा हुए थे, वह खुद भी हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटनाक्रम इस बात को सामने लाता है कि सड़क पर जोखिम भरा प्रदर्शन करने वाला व्यक्ति भी कभी-कभी उसी जोखिम का शिकार हो सकता है, जो वह दूसरों के सामने पैदा कर रहा होता है।
हंडिया और सैदाबाद क्षेत्र से होकर गुजरने वाले हाईवे पर दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क पर किसी तरह का स्टंट या अनियोजित भीड़ वाहन चालकों के लिए अतिरिक्त खतरा पैदा कर सकती है। पुलिस की ओर से हादसे की जांच के बाद यह भी स्पष्ट होगा कि दुर्घटना में वाहन की गति, सड़क की स्थिति, यातायात और अन्य परिस्थितियों की कितनी भूमिका रही। फिलहाल पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है और दुर्घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।
संजय सिंह की मौत के बाद उनके परिवार और विद्यालय के लोगों में शोक का माहौल है। एक शिक्षक की अचानक सड़क हादसे में मौत से परिवार को बड़ा नुकसान हुआ है। उनके सहकर्मियों और परिचितों के लिए भी यह घटना बेहद दुखद है। दूसरी ओर घायल तीन लोगों के परिजन उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है और उनकी हालत गंभीर होने के कारण अगले कुछ घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
पुलिस अब हादसे से जुड़े सभी पहलुओं को जांच के दायरे में लेकर आगे बढ़ रही है। दुर्घटना के बाद बोलेरो और अन्य वाहनों की स्थिति, मौके पर मौजूद लोगों के बयान तथा घटनास्थल की परिस्थितियों को देखा जा रहा है। यदि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों या किसी अन्य माध्यम से हादसे से पहले की स्थिति का पता चलता है तो उससे भी जांच में मदद मिल सकती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस ने वाहन कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह हादसा एक बार फिर बताता है कि सड़क पर कुछ मिनट का तमाशा देखने या जोखिम उठाने की कीमत कई बार बहुत भारी पड़ सकती है। बाइक स्टंट करने वाले युवक के साथ-साथ वहां मौजूद राहगीर भी खतरे में आ गए और एक शिक्षक की जान चली गई। हालांकि हादसे की अंतिम जिम्मेदारी और कानूनी स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन घटना ने हाईवे पर सुरक्षा नियमों के पालन और अनावश्यक भीड़ से बचने की जरूरत को जरूर सामने ला दिया है।












