प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने 2 सितंबर 2026 को स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, जिले में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक संचालित सभी विद्यालय बुधवार को बंद रहेंगे। यह फैसला विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बारिश के कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है और मौसम विभाग की ओर से भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रयागराज की ओर से 1 सितंबर को जारी कार्यालय आदेश में बताया गया कि जिलाधिकारी के निर्देशों और जनपद में अत्यधिक वर्षा के पूर्वानुमान को देखते हुए 2 सितंबर को विद्यालय बंद रखने का निर्णय लिया गया है। आदेश के तहत जिले के सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्डों से संचालित विद्यालयों में शिक्षण कार्य स्थगित रहेगा। यानी यह छुट्टी केवल सरकारी या परिषदीय स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी और दूसरे बोर्डों के स्कूलों पर भी लागू होगी।
आदेश में प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों को स्कूल नहीं बुलाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी से लेकर कक्षा 1 से 12 तक पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की बुधवार को छुट्टी रहेगी। स्कूल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रयागराज के कई स्कूलों ने भी अपने स्तर पर अभिभावकों को सूचना जारी कर दी है। सेंट जोसेफ स्कूल, नैनी की ओर से जारी सूचना में भी डीएम के आदेश का हवाला देते हुए नर्सरी से कक्षा 12 तक की कक्षाएं 2 सितंबर को बंद रखने की जानकारी दी गई है।
भारी बारिश के बीच स्कूल बंद करने का मुख्य कारण बच्चों की सुरक्षा है। लगातार बारिश से शहर के कई हिस्सों में सड़क और गलियों पर पानी जमा हो रहा है। जलभराव की वजह से स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कई स्थानों पर पानी भरने से यातायात भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में छोटे बच्चों के साथ-साथ स्कूली बसों, वैन और दोपहिया वाहनों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए जोखिम बढ़ जाता है। प्रशासन ने इसी स्थिति को देखते हुए पहले से एहतियाती कदम उठाया है।
प्रयागराज में इस समय बारिश के साथ नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। गंगा और यमुना के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। लगातार बारिश और आसपास के बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ जैसी स्थिति की आशंका भी बनी हुई है। अधिकारियों की ओर से संभावित प्रभावित इलाकों में जरूरी तैयारियां रखने और जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश में सितंबर के शुरुआती दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। प्रयागराज समेत कई जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। राज्य में 1 से 6 सितंबर के बीच बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बनने की संभावना के चलते प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रयागराज में पहले से जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर की स्थिति को देखते हुए स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।
स्कूल बंद होने से विद्यार्थियों को बुधवार को विद्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न भेजें। विशेष रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में बच्चों को अकेले बाहर निकलने से रोकने की सलाह दी जा रही है। पानी भरी सड़कों, नालों और नदी के आसपास के इलाकों में जाने से बचना जरूरी है, क्योंकि बारिश के दौरान पानी की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है।
जिला प्रशासन के आदेश का पालन सभी संबंधित विद्यालयों के लिए अनिवार्य किया गया है। स्कूल प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और संबंधित अधिकारियों को विद्यार्थियों को विद्यालय नहीं बुलाने तथा आदेश की जानकारी अभिभावकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश में यह भी कहा गया है कि अवकाश के कारण ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आगामी तिथियों में समायोजित किया जाएगा।
प्रयागराज में बारिश और जलभराव की स्थिति पहले भी कई इलाकों में गंभीर रूप ले चुकी है। लगातार बारिश के बाद शहर के निचले हिस्सों में पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई है। जलभराव की समस्या को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी अगस्त में स्वतः संज्ञान लिया था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में बारिश के बाद जलनिकासी की समस्या कितनी गंभीर हो सकती है।
प्रशासन की ओर से फिलहाल विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। यदि मौसम की स्थिति आगे भी गंभीर रहती है तो स्कूलों को लेकर नया आदेश भी जारी किया जा सकता है। इसलिए अभिभावकों और विद्यार्थियों को जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग तथा संबंधित स्कूल की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
इस तरह प्रयागराज में 2 सितंबर को प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। सरकारी, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्डों के विद्यालय इस आदेश के दायरे में हैं। छुट्टी का फैसला लगातार बारिश, जलभराव और मौसम विभाग के भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए लिया गया है।









