Prayagraj SRN Hospital Upgrade: SGPGI की तर्ज पर होगा विस्तार, 3000 बेड और हाईटेक ट्रामा सेंटर बनेगा

प्रयागराज के SRN अस्पताल का एसजीपीजीआई लखनऊ की तर्ज पर विस्तार होगा। 3000 बेड, हाईटेक ट्रामा सेंटर और मेडिकल, सर्जरी व कैंसर के नए ब्लॉक विकसित किए जाएंगे।

प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू (SRN) अस्पताल का एसजीपीजीआई लखनऊ की तर्ज पर विस्तार और आधुनिकीकरण किया जाएगा। अस्पताल में 3000 बेड, नया ट्रामा सेंटर और मेडिकल, सर्जरी, मैटरनिटी व कैंसर के अलग ब्लॉक विकसित किए जाएंगे।

Prayagraj: प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू (SRN) अस्पताल को प्रदेश सरकार एसजीपीजीआई लखनऊ की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित योजना के तहत अस्पताल की क्षमता बढ़ाकर 3000 बेड की जाएगी, नया ट्रामा सेंटर बनाया जाएगा और जटिल बीमारियों के इलाज के साथ बड़े ऑपरेशन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

एसआरएन अस्पताल का होगा व्यापक विस्तार

प्रयागराज का स्वरूपरानी नेहरू (SRN) अस्पताल जल्द ही बड़े बदलाव के दौर से गुजर सकता है। प्रदेश सरकार अस्पताल के विस्तार और आधुनिकीकरण की योजना पर तेजी से काम कर रही है। प्रस्तावित परियोजना के तहत अस्पताल को एसजीपीजीआई लखनऊ की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, ताकि यहां गंभीर और जटिल बीमारियों का उपचार, अत्याधुनिक जांच और बड़े ऑपरेशन की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकें। इससे प्रयागराज समेत आसपास के कई जिलों के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

3000 बेड और नए ब्लॉकों की होगी व्यवस्था

वर्तमान में एसआरएन अस्पताल में लगभग 1294 बेड उपलब्ध हैं, लेकिन प्रस्ताव के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाकर 3000 की जाएगी। अस्पताल परिसर में मेडिकल, सर्जरी, मैटरनिटी और कैंसर उपचार के लिए अलग-अलग आधुनिक ब्लॉक बनाए जाएंगे। इसके अलावा महात्मा गांधी मार्ग पर नया ट्रामा सेंटर विकसित किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं और अन्य गंभीर मामलों में मरीजों को तेजी से उपचार मिल सकेगा।

अस्पताल के विस्तार के लिए जिला प्रशासन ने लगभग 50 हजार वर्ग मीटर अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई है। इसी जमीन पर नए भवनों और स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।

शासन ने बनाई उच्च स्तरीय समिति

अस्पताल के उच्चीकरण और विस्तारीकरण की योजना को अंतिम रूप देने के लिए प्रदेश सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता महानिदेशक स्वास्थ्य नेहा शर्मा करेंगी। वहीं एसआरएन अस्पताल के प्राचार्य डॉ. ए.के. वर्मा को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

समिति में विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों और प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही इंजीनियरिंग और नियोजन विभाग के अधिकारी भी परियोजना की तकनीकी योजना तैयार करने में सहयोग करेंगे, ताकि अस्पताल का विकास आधुनिक चिकित्सा मानकों के अनुरूप किया जा सके।

दो चरणों में तैयार होगी परियोजना

अस्पताल के विस्तार का कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी और सभी भवनों को एकीकृत योजना के तहत विकसित किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और अन्य चिकित्सा इकाइयों को आपस में बेहतर तरीके से जोड़ना है, ताकि मरीजों को एक ही परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।

शासन स्तर पर अधिकारियों को मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाओं का आकलन कर भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए विभिन्न विशेषज्ञों से सुझाव भी लिए जा रहे हैं।

पूर्वांचल और बुंदेलखंड के मरीजों को मिलेगा लाभ

एसआरएन अस्पताल में वर्तमान में प्रयागराज के अलावा कौशांबी, प्रतापगढ़, जौनपुर, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, चित्रकूट और बांदा सहित कई जिलों के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, सीधी, पन्ना और सागर जैसे क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां आते हैं। अस्पताल के विस्तार और अत्याधुनिक सुविधाओं के विकसित होने से इन सभी क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर और उन्नत चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी तथा गंभीर मामलों में लखनऊ या अन्य बड़े शहरों पर निर्भरता भी कम होने की उम्मीद है।

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