पुलिस को घसीटा पत्थर बरसाते कैमरे में कैद प्रदर्शनकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ की, डंडे लेकर सड़कों पर उतरे

हिंसक प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर हमला, पत्थरबाजी और वाहनों में तोड़फोड़ के मामले में 250 से अधिक संदिग्धों की तस्वीरें जारी की गई हैं। पुलिस पहचान कर कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
पुलिस को घसीटा पत्थर बरसाते कैमरे में कैद प्रदर्शनकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ की, डंडे लेकर सड़कों पर उतरे
Photo Credit / Attribution: Google

प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, हिंसक घटनाओं में शामिल होने के संदेह में 250 से अधिक लोगों की तस्वीरें जारी की गई हैं। इनकी पहचान सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरों, मीडिया वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। पुलिस ने आम लोगों से भी इन संदिग्धों की पहचान बताने की अपील की है।

जांच के दौरान सामने आए वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करते और उन्हें घसीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। कई स्थानों पर पत्थरबाजी की घटनाएं भी रिकॉर्ड हुई हैं। इसके अलावा सड़कों पर खड़े वाहनों में तोड़फोड़, शीशे तोड़ने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के दृश्य भी कैमरों में कैद हुए हैं।

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों के हाथों में डंडे और अन्य वस्तुएं भी दिखाई दीं। इन वीडियो और तस्वीरों की जांच की जा रही है ताकि हिंसा में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके।

अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। तकनीकी टीम चेहरे की पहचान, घटनास्थल की लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान में जुटी है। आवश्यकता पड़ने पर और तस्वीरें भी सार्वजनिक की जा सकती हैं।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन सभी नागरिकों का अधिकार है, लेकिन हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, पुलिस पर हमला करना या कानून-व्यवस्था बिगाड़ना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में साक्ष्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। साथ ही सोशल मीडिया पर भड़काऊ या भ्रामक सामग्री साझा करने से भी बचने की सलाह दी गई है।

फिलहाल पुलिस की कई टीमें आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

 

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