प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार, बैकुंठ धाम में नेताओं और समर्थकों का उमड़ा सैलाब

Prateek Yadav का अंतिम संस्कार बैकुंठ धाम में संपन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में नेता और समर्थक उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर देखी

Prateek Yadav का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए बैकुण्ठ धाम ले जाया जा रहा है। उनकी अंतिम यात्रा में कई बड़े नेता और समर्थक शामिल हुए। यह खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर देखी जा रही है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के परिवार में शोक की लहर है, क्योंकि उनके छोटे बेटे Prateek Yadav का अंतिम संस्कार लखनऊ के बैकुंठ धाम (भैंसाकुंड) में किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान “प्रतीक यादव अमर रहें” के नारों से पूरा वातावरण गमगीन हो गया। Prateek Yadav का पार्थिव शरीर जैसे ही बैकुंठ धाम पहुंचा, वहां बड़ी संख्या में समर्थक और राजनीतिक नेता मौजूद थे। अंतिम यात्रा में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और माहौल भावुक हो गया।

इस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav और उनकी पत्नी Dimple Yadav भी अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचे और परिवार के साथ मौजूद रहे।

राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों की मौजूदगी

प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार, बैकुंठ धाम में नेताओं और समर्थकों का उमड़ा सैलाब

अंतिम यात्रा में कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की उपस्थिति देखने को मिली। यूपी के राजनीतिक गलियारों में इसे एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक क्षण के रूप में देखा गया। लखनऊ स्थित भैंसाकुंड श्मशान घाट पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए थे। अंतिम यात्रा के दौरान कई जगहों पर समर्थकों की भीड़ देखने को मिली।

Prateek Yadav की अंतिम यात्रा के दौरान लगातार “अमर रहें” के नारे लगते रहे। परिवार के सदस्य और करीबी लोग इस दौरान बेहद भावुक नजर आए. समाजवादी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया।

स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं और बीमारी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Prateek Yadav लंबे समय से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT), पल्मोनरी एम्बोलिज्म और हृदय संबंधी जटिलताओं का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा वे पिछले कई वर्षों से हाइपरटेंशन से भी प्रभावित थे। हाल के दिनों में उन्हें सांस लेने में कठिनाई और बेचैनी की शिकायत बढ़ गई थी।

इस मामले में एक NGO द्वारा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में उनकी मौत को संदिग्ध बताते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। हालांकि, अभी तक किसी आधिकारिक एजेंसी ने इस पर कोई विस्तृत निष्कर्ष जारी नहीं किया है।

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