Mitali Bag पर पश्चिम बंगाल में कथित हमले के बाद सियासत गरमा गई है। All India Trinamool Congress ने Bharatiya Janata Party पर आरोप लगाए हैं। पुलिस जांच जारी है और इलाके में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच हिंसा की एक नई घटना ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। तृणमूल कांग्रेस (तृणमूल कांग्रेस) ने आरोप लगाया है कि पार्टी सांसद मिताली बाग के काफिले पर हमला किया गया, जिसके बाद राज्य की राजनीति में भारी विवाद खड़ा हो गया है।
यह घटना उस समय हुई जब मिताली बाग पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी की रैली में शामिल होने के लिए आरामबाग जा रही थीं।
क्या है पूरा मामला?
टीएमसी का दावा है कि रास्ते में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मिताली बाग के काफिले को निशाना बनाया। आरोप है कि उनकी कार पर हमला किया गया, विंडशील्ड तोड़ दी गई और कांच के टुकड़े उनके शरीर में लगने से वे घायल हो गईं।
घटना के बाद उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
TMC का गंभीर आरोप: “यह जानलेवा हमला था”
टीएमसी ने इस घटना को गंभीर राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि यह हमला सुनियोजित था और इसका मकसद उनकी सांसद की जान लेना था।
टीएमसी ने आरोप लगाया कि यह हमला बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया और इसके पीछे राजनीतिक माहौल को भड़काने की कोशिश की गई।
बीजेपी पर लगाए गए आरोप और राजनीतिक बयानबाजी
टीएमसी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयानों को भी इस घटना से जोड़ते हुए निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि शाह के कथित “भड़काऊ भाषणों” के बाद राज्य में तनाव बढ़ा है।
हालांकि, बीजेपी की ओर से अभी तक इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आरामबाग सीट का राजनीतिक समीकरण
आरामबाग सीट पश्चिम बंगाल की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में से एक मानी जाती है। यह क्षेत्र पहले वामपंथी दलों, खासकर सीपीआई (एम) का मजबूत गढ़ रहा है।
2021 के चुनाव में यह सीट बीजेपी के खाते में गई थी, जब मधुसूदन बाग ने टीएमसी उम्मीदवार सुजाता मंडल को 7,172 वोटों से हराया था।
इस बार मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है:
- बीजेपी उम्मीदवार: हेमंत बाग
- टीएमसी उम्मीदवार: मीता बाग
- सीपीआई (एम) उम्मीदवार: बिथिका पंडित
तीन प्रमुख दलों के बीच कड़ा मुकाबला इस सीट को हॉट सीट बना रहा है।
पहले भी हो चुकी हैं झड़पें
यह पहली बार नहीं है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा की खबर सामने आई हो। इससे पहले जगतदल पुलिस स्टेशन के बाहर टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे।
पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, पुलिस की निगरानी बढ़ी
ताजा घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
चुनावी माहौल और बढ़ता तनाव
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण 29 अप्रैल को होना है, जबकि मतगणना 4 मई को निर्धारित है।
जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषण: हिंसा और चुनावी असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती हैं। खासकर उन क्षेत्रों में जहां मुकाबला बेहद करीबी है।
आरामबाग जैसी सीटों पर हिंसा की घटनाएं मतदाताओं के रुझान और मतदान प्रतिशत दोनों पर असर डाल सकती हैं।









