Q3 के बाद गिरा पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, जानिए कितना मिल सकता है रिटर्न

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर Q3 के मजबूत नतीजों के बावजूद गिरे। मुनाफा 18% बढ़ा, ब्रोकरेज ने 34% तक रिटर्न की उम्मीद जताते हुए इसे खरीदारी का मौका बताया।

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर Q3 में 18 प्रतिशत मुनाफा बढ़ने के बावजूद दबाव में रहे। ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि हालिया गिरावट मुनाफावसूली का नतीजा है और मीडियम से लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह अवसर हो सकता है।

IT Stock: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर बुधवार को शुरुआती कारोबार में दबाव में नजर आए। मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद शेयर में गिरावट देखी गई, जिससे कई निवेशक असमंजस में पड़ गए। हालांकि बाजार के जानकार साफ तौर पर कह रहे हैं कि यह कमजोरी किसी बुनियादी समस्या की वजह से नहीं है। यह गिरावट पिछले कुछ महीनों में आई तेज तेजी के बाद मुनाफावसूली का नतीजा मानी जा रही है।

कारोबार के दौरान पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का शेयर 4.62 प्रतिशत तक टूटकर 6,050 रुपये के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया। दोपहर 12:07 बजे शेयर 4.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 6,085 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स भी 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,869 के आसपास था। यानी कमजोरी सिर्फ इस शेयर तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे बाजार का माहौल थोड़ा दबाव में था।

बाजार की नजर मीडियम से लॉन्ग टर्म पर

एनालिस्ट्स और ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का मीडियम से लॉन्ग टर्म आउटलुक अभी भी मजबूत बना हुआ है। कंपनी का बिजनेस मॉडल, क्लाइंट बेस और डील पाइपलाइन इसे बाकी आईटी कंपनियों से अलग बनाती है। यही वजह है कि हालिया गिरावट को कई एक्सपर्ट्स खरीदारी का मौका मान रहे हैं।

उनका कहना है कि जिस तरह से कंपनी ने बीते कुछ तिमाहियों में लगातार ग्रोथ दिखाई है, वह इस बात का संकेत है कि मौजूदा कमजोरी अस्थायी हो सकती है।

मोतीलाल ओसवाल की राय

मोतीलाल ओसवाल ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स पर अपनी ‘BUY’ रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 8,500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव के मुकाबले यह करीब 34 प्रतिशत का संभावित रिटर्न दिखाता है।

ब्रोकरेज ने कहा कि दिसंबर तिमाही कंपनी के लिए सामान्य कारोबार जैसी रही, लेकिन मुनाफे के मार्जिन में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन एक सकारात्मक सरप्राइज रहा। हालांकि यह साफ नहीं है कि यह मार्जिन लंबे समय तक इसी स्तर पर बना रहेगा या नहीं। इसके बावजूद कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन और ग्रोथ विजिबिलिटी को देखते हुए ब्रोकरेज का भरोसा कायम है।

मोतीलाल ओसवाल ने वित्त वर्ष 2028 की अनुमानित कमाई के 45 गुना के आधार पर शेयर का वैल्यूएशन किया है। इसके पीछे कंपनी का लगातार अच्छा निष्पादन, मजबूत ऑर्डर बुक और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़ी बढ़ती मांग को वजह बताया गया है।

नोमुरा का नजरिया

नोमुरा ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स पर ‘Neutral’ रेटिंग बनाए रखी है। ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर शेयर का वैल्यूएशन ऊंचा है। हालांकि इसके बावजूद नोमुरा ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 की कमाई के अनुमान करीब 2 प्रतिशत बढ़ा दिए हैं।

इसके साथ ही टारगेट प्राइस भी बढ़ाकर 6,100 रुपये कर दिया गया है। नोमुरा के मुताबिक यह शेयर वित्त वर्ष 2027 की कमाई के लगभग 41.5 गुना पर कारोबार कर रहा है, जो इसे वैल्यूएशन के लिहाज से थोड़ा महंगा बनाता है।

अन्य ब्रोकरेज की राय

पीएल कैपिटल और एमके ग्लोबल ने भी कंपनी को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। दोनों ब्रोकरेज ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स में मजबूत ग्रोथ की संभावनाओं, मुनाफे के मार्जिन में सुधार और डील फ्लो की अच्छी रफ्तार पर भरोसा जताया है।

पीएल कैपिटल ने शेयर के लिए 7,360 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। वहीं एमके ग्लोबल ने ‘ADD’ रेटिंग बनाए रखते हुए 6,700 रुपये का टारगेट दिया है। इन दोनों के टारगेट में अंतर की वजह वैल्यूएशन को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण माना जा रहा है, न कि कंपनी की बुनियादी स्थिति को लेकर कोई संदेह।

Q3 नतीजों ने क्यों बढ़ाया भरोसा

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट मुनाफा 439.4 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 17.8 प्रतिशत की बढ़त दिखाता है। हालांकि तिमाही आधार पर मुनाफा 6.8 प्रतिशत घटा है। इसका कारण नए श्रम कानूनों से जुड़ा अतिरिक्त खर्च बताया गया है।

आय की बात करें तो तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू सालाना आधार पर 23.4 प्रतिशत बढ़कर 3,778.2 करोड़ रुपये पहुंच गई। तिमाही आधार पर भी इसमें 5.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर अनिश्चित आर्थिक माहौल के बावजूद यह प्रदर्शन कंपनी की मजबूती को दर्शाता है।

डील्स और ऑर्डर बुक की स्थिति

इस तिमाही में कंपनी ने नए कॉन्ट्रैक्ट्स के मोर्चे पर भी अच्छा प्रदर्शन किया। नए कॉन्ट्रैक्ट्स का कुल वैल्यू 36.9 करोड़ डॉलर रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 5 प्रतिशत ज्यादा है।

अगर नवीनीकरण और नए सौदों को मिलाकर देखा जाए, तो कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 67.45 करोड़ डॉलर रही, जिसमें 10.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि क्लाइंट्स के बीच कंपनी की पकड़ मजबूत बनी हुई है और आने वाले समय में रेवेन्यू विजिबिलिटी अच्छी है।

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