दिल्ली के कंस्टिट्यूशन क्लब में रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अभिव्यक्ति की आजादी के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि देश में हर व्यक्ति को अपने विचार खुलकर रखने का अधिकार है और किसी को भी अपनी बात कहने से नहीं रोका जाना चाहिए।
नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लोकतंत्र का मूल आधार बताते हुए कहा है कि देश के हर नागरिक और हर विचारधारा को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, जैन और अन्य सभी समुदायों के लोगों को अपने विचार खुलकर व्यक्त करने की आजादी मिलनी चाहिए।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यदि कभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खत्म करने की कोशिश होगी, तो वह उसकी अभिव्यक्ति की भी रक्षा करेंगे। राहुल गांधी ने यह टिप्पणी दिल्ली स्थित कंस्टिट्यूशन क्लब में आयोजित रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान की। अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र सरकार पर अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर निशाना साधा और कहा कि किसी व्यक्ति या संस्था को दूसरे की आवाज दबाने का अधिकार नहीं होना चाहिए।
'हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार'
कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि देश में प्रत्येक व्यक्ति को अपने मन की बात स्वतंत्र रूप से कहने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचारों का होना स्वाभाविक है और किसी भी विचारधारा से असहमति होने के बावजूद उसके विचार व्यक्त करने के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी के अनुसार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता केवल उन लोगों के लिए नहीं हो सकती, जिनके विचार किसी विशेष राजनीतिक दल या समूह से मेल खाते हों। उन्होंने कहा कि यदि RSS की अभिव्यक्ति को समाप्त करने की बात होती है, तो वह भी उसके अधिकार की रक्षा करेंगे, क्योंकि अभिव्यक्ति की आजादी सभी के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को अपनी राय व्यक्त करने की स्वतंत्रता है, लेकिन उसे दूसरे व्यक्ति की अभिव्यक्ति को दबाने का अधिकार नहीं दिया जा सकता। राहुल गांधी ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच आवश्यक संतुलन बताया।
सरकार पर साधा निशाना

अपने भाषण में राहुल गांधी ने अभिव्यक्ति की आजादी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को अपने विचार व्यक्त करने से रोकने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस लगातार यह मुद्दा उठाती रही है कि लोकतंत्र में असहमति और आलोचना के लिए पर्याप्त जगह होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र में सत्ता से सवाल पूछना और नीतियों की आलोचना करना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। अलग राय रखने वाले व्यक्ति को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। विभिन्न धर्मों, समुदायों और विचारधाराओं के लोग देश में रहते हैं और सभी को समान रूप से अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार मिलना चाहिए।
संदीप दीक्षित के साथ बातचीत भी रही चर्चा में
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के बीच हुई बातचीत भी चर्चा में रही। राहुल गांधी ने उन्हें गले लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर टिप्पणी की और इसे लेकर व्यंग्य किया। इस दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के संदर्भ का भी जिक्र हुआ। राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। उन्होंने विदेश नीति के मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मौजूदा नीतियों और कूटनीतिक फैसलों पर गंभीर सवाल उठाए जाने चाहिए।
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय के भीतर से जानकारियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपने राजनीतिक संघर्ष को जारी रखेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटेगी।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी रखी अपनी बात
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और भारत की भूमिका पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष जैसे बड़े वैश्विक घटनाक्रमों के दौरान भारत के पास महत्वपूर्ण कूटनीतिक भूमिका निभाने का अवसर हो सकता था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके अनुसार, उस तरह के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा सकता था।
राहुल गांधी ने दावा किया कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत एक महत्वपूर्ण अवसर का लाभ नहीं उठा सका और क्षेत्रीय घटनाक्रम में पाकिस्तान को आगे बढ़ने का मौका मिला। उन्होंने चीन के साथ सीमा और गश्त से जुड़े मुद्दों पर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चीन ने भारत को उसकी जमीन पर गश्त करने से रोका है। इन मुद्दों पर सरकार की ओर से पहले भी अलग रुख और स्पष्टीकरण सामने आते रहे हैं।











