Punjab Congress में सियासी हलचल, Raja Warring बोले- इस्तीफा नहीं दूंगा, पार्टी के लिए करता रहूंगा काम

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस्तीफे की अटकलों को खारिज किया। कहा- पार्टी जो फैसला करेगी उसका सम्मान करूंगा, कांग्रेस के लिए काम जारी रहेग।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने साफ कर दिया है कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें हटाने का फैसला भी करता है तो भी वह संगठन को मजबूत करने के लिए काम करते रहेंगे।

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने स्पष्ट किया है कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और पार्टी नेतृत्व जो भी फैसला करेगा, उसका सम्मान करते हुए वह संगठन के लिए काम करते रहेंगे।

इस्तीफे की अटकलों पर राजा वडिंग ने दिया साफ जवाब

Punjab Congress में सियासी हलचल, Raja Warring बोले- इस्तीफा नहीं दूंगा, पार्टी के लिए करता रहूंगा काम

पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ दिनों से संगठनात्मक बदलाव और नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अपने रुख को स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। बठिंडा में पार्टी के 'हर बूथ कांग्रेस मजबूत' कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके इस्तीफे की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व भविष्य में कोई अलग फैसला लेता है, तब भी वह पूरी निष्ठा के साथ कांग्रेस के लिए काम करते रहेंगे।

चार साल के कामकाज और लोकसभा प्रदर्शन का किया जिक्र

राजा वडिंग ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उन्होंने पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ पार्टी संगठन को मजबूत करने का प्रयास किया है। उन्होंने दावा किया कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब की 13 में से 7 सीटों पर जीत हासिल की थी। उनके अनुसार, जब पार्टी कठिन दौर से गुजर रही थी और कई नेताओं का मनोबल कमजोर था, तब उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का काम किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पहले जैसी ही बनी रहेगी।

मुख्यमंत्री बनने की इच्छा नहीं, कांग्रेस छोड़ने का सवाल ही नहीं

राजा वडिंग ने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री बनने की कोई व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं है। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस ने उन्हें पहचान और जिम्मेदारी दी है, इसलिए वह पार्टी छोड़ने के बजाय राजनीति से संन्यास लेना पसंद करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेतृत्व उनके विचारों और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा से अच्छी तरह परिचित है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य में कांग्रेस की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है और पार्टी आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन करेगी।

भूपेश बघेल ने भी किया समर्थन

कार्यक्रम में मौजूद पंजाब कांग्रेस के प्रभारी और एआईसीसी महासचिव भूपेश बघेल ने भी राजा वडिंग के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी ने वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी, तब पंजाब में कांग्रेस बेहद कमजोर स्थिति में थी। इसके बावजूद उन्होंने संगठन को दोबारा सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का काम किया। बघेल ने यह भी कहा कि वडिंग को पार्टी के भीतर और बाहर दोनों तरफ से चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने लगातार संगठन को मजबूत करने का प्रयास जारी रखा।

चन्नी समर्थकों की नाराजगी के बीच आया बयान

राजा वडिंग का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने और जालंधर से सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके बाद पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चाएं तेज हो गई थीं। हाल के कुछ कार्यक्रमों में वडिंग को चन्नी समर्थकों की ओर से नारेबाजी का भी सामना करना पड़ा था। ऐसे माहौल में उनके इस्तीफा नहीं देने के बयान को पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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