राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण के दौरान सुबह 10 बजे तक बीकानेर में 14.78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कई बूथों पर EVM में खराबी आई। बीकानेर में एक महिला मतदाता गिर गई, जबकि बाड़मेर में कांग्रेस प्रत्याशी की मौत के बाद नोटिस लगाया गया।
जयपुर: राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान जारी है। पहले चरण में 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के लिए मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनने के लिए वोट डाल रहे हैं। सुबह के शुरुआती घंटों में कई जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में खराबी की शिकायतें सामने आईं। बीकानेर में मतदान केंद्र पर कतार में खड़ी एक महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह गिर पड़ी। वहीं, बाड़मेर में कांग्रेस के एक प्रत्याशी की मौत के बाद निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित मतदान केंद्र पर सार्वजनिक सूचना चस्पा की।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बीकानेर में सुबह 10 बजे तक 14.78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान के दौरान सामने आई तकनीकी दिक्कतों के कारण कुछ केंद्रों पर वोटिंग शुरू होने में देरी हुई, जबकि कुछ स्थानों पर थोड़ी देर के लिए मतदान रोकना पड़ा।
बीकानेर में मतदान की कतार में खड़ी महिला की तबीयत बिगड़ी
बीकानेर जिले की आडूरी ग्राम पंचायत के बूथ संख्या 19 पर मतदान करने के लिए कतार में खड़ी एक महिला की अचानक तबीयत खराब हो गई। जानकारी के मुताबिक, महिला खड़े-खड़े गिर गई। मतदान केंद्र पर हुई इस घटना के बाद वहां मौजूद लोगों का ध्यान उसकी ओर गया।
महिला की स्थिति और उसे उपलब्ध कराई गई चिकित्सा सहायता के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। मतदान केंद्रों पर भीड़ और लंबी कतारों के बीच मतदाताओं की सुविधा तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण रहती हैं।
बाड़मेर में कांग्रेस प्रत्याशी की मौत, बूथ पर चस्पा किया नोटिस
बाड़मेर जिले की मांगता पंचायत समिति के वार्ड संख्या 8 से कांग्रेस के प्रत्याशी की मौत हो गई। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने संबंधित मतदान केंद्र पर सार्वजनिक सूचना चस्पा की।
नोटिस में बताया गया कि प्रत्याशी के निधन के कारण EVM पर उनका नाम और चुनाव चिह्न मास्क यानी ढककर बंद कर दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया में हुए बदलाव की जानकारी देना है।
प्रत्याशी के निधन के बाद संबंधित वार्ड में चुनाव की आगे की प्रक्रिया क्या होगी, यह निर्वाचन नियमों और सक्षम चुनाव अधिकारी के निर्देशों पर निर्भर करेगा। उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की प्रक्रिया के बारे में कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
फलोदी में EVM खराब, सुबह 9:45 बजे शुरू हुई वोटिंग
फलोदी जिले की बाप पंचायत समिति के बूथ संख्या 9 पर EVM में खराबी के कारण मतदान निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सका। मशीन में तकनीकी समस्या आने के बाद मतदान सुबह 9:45 बजे शुरू हुआ।
मतदान केंद्र पर मशीन संबंधी समस्या आने से शुरुआती समय में वोट डालने की प्रक्रिया प्रभावित हुई। ऐसे मामलों में तकनीकी खराबी दूर करने या मशीन बदलने के बाद मतदान दोबारा शुरू कराया जाता है।
अजमेर और अलवर में भी मशीनों में आई दिक्कत
अजमेर जिले की सावर पंचायत समिति के एक मतदान केंद्र पर EVM में खराबी के कारण लगभग 10 मिनट तक मतदान रुका रहा। समस्या दूर होने के बाद मतदान फिर शुरू हुआ।
इसी तरह अलवर जिले की गोविंदगढ़ पंचायत समिति के बूथ संख्या 37 और 38 पर भी मशीनों में खराबी की सूचना मिली। इसके बाद दोनों केंद्रों पर EVM बदली गई।
इन घटनाओं के कारण कुछ मतदान केंद्रों पर प्रक्रिया प्रभावित हुई, लेकिन उपलब्ध जानकारी में इन सभी स्थानों पर मतदान कितनी देर तक बाधित रहा, इसका पूरा विवरण नहीं दिया गया है।
पाली में तीनों प्रत्याशियों ने साथ खिंचवाई तस्वीर
पाली जिले की रानी पंचायत के वार्ड संख्या 4 से बीजेपी, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों ने एक साथ तस्वीर खिंचवाई। चुनावी मुकाबले के बीच तीनों उम्मीदवारों की साझा तस्वीर चर्चा का विषय बनी।
स्थानीय चुनावों में उम्मीदवारों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के साथ ऐसे दृश्य भी सामने आते हैं, जो चुनावी माहौल के अलग पहलू को दर्शाते हैं। हालांकि, इस तस्वीर के पीछे की परिस्थितियों या किसी विशेष संदेश के बारे में अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।
16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के लिए मतदान
राजस्थान में पहले चरण के तहत 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के सदस्यों के चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है। मतदाता जिला परिषद और पंचायत समिति में अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है।
इसके अलावा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP), भारत आदिवासी पार्टी (BAP) और निर्दलीय उम्मीदवार भी कई क्षेत्रों में प्रभाव डाल सकते हैं। स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ और क्षेत्रीय समीकरण चुनाव के परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।
उपलब्ध जानकारी में मतदाताओं और उम्मीदवारों की कुल संख्या का आंकड़ा स्पष्ट नहीं है, इसलिए इसका सटीक उल्लेख नहीं किया जा रहा है। चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवारों और मतदाताओं की अंतिम संख्या के लिए आधिकारिक निर्वाचन आंकड़ों की पुष्टि आवश्यक होगी।
मतदान के दौरान प्रशासन के सामने चुनौतियां
मतदान के शुरुआती घंटों में अलग-अलग जिलों से EVM संबंधी समस्याओं की सूचना मिलने के बाद तकनीकी व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए अहम चुनौती बना हुआ है। मशीनों की खराबी, मतदान शुरू होने में देरी और केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।
वहीं, बाड़मेर में प्रत्याशी के निधन के बाद जारी नोटिस से स्पष्ट है कि ऐसी परिस्थितियों में मतदाताओं को समय पर जानकारी देना भी जरूरी है। निर्वाचन अधिकारियों के लिए मतदान की निरंतरता, नियमों का पालन और मतदाताओं को सही सूचना उपलब्ध कराना प्राथमिकता रहती है।
राजस्थान पंचायत चुनाव के पहले चरण में अब सबकी नजर मतदान प्रतिशत में आगे होने वाली बढ़ोतरी और विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली जानकारी पर है। अंतिम मतदान प्रतिशत और चुनावी परिणामों का आकलन आधिकारिक आंकड़े सामने आने के बाद ही किया जा सकेगा।









