मेरठ के दून हाईवे पर जयपुर से हरिद्वार जा रही राजस्थान रोडवेज की डबल डेकर बस में अचानक आग लग गई। चालक की सूझबूझ से एक बच्चे समेत सभी 26 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
Meerut: दून हाईवे पर जयपुर से हरिद्वार जा रही राजस्थान रोडवेज की डबल डेकर बस में शुक्रवार को अचानक भीषण आग लग गई। चालक और परिचालक ने समय रहते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग पर काबू पाने के लिए मेरठ और मुजफ्फरनगर से दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
इंजन से धुआं उठते ही चालक ने रोकी बस
जयपुर से हरिद्वार जा रही राजस्थान रोडवेज की डबल डेकर बस जैसे ही मेरठ के दौराला क्षेत्र में दादरी गांव के पास दून हाईवे पर पहुंची, तभी चालक ने इंजन की तरफ से धुआं निकलता देखा। स्थिति को भांपते हुए उसने तुरंत बस को सड़क किनारे रोक दिया। इसके बाद चालक और परिचालक ने बस में सवार यात्रियों को तुरंत नीचे उतरने के लिए कहा।
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बस में कुल 26 यात्री सवार थे, जिनमें आठ महिलाएं, 17 पुरुष और एक बच्चा शामिल था। सभी यात्रियों ने समय रहते अपना सामान लेकर सुरक्षित बस से बाहर निकल गए। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते वाहन धू-धूकर जलने लगा।
दमकल की सात गाड़ियों ने पाया आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मेरठ से चार और मुजफ्फरनगर से तीन दमकल वाहन बुलाए गए। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी और केवल उसका ढांचा ही बचा था।
आग लगने के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक को नियंत्रित किया और जाम को धीरे-धीरे खुलवाया, जिससे वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी।
समय रहते निकाले गए यात्री, टला बड़ा हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग की शुरुआत बस के इंजन वाले हिस्से से हुई। चालक और परिचालक की सतर्कता के कारण सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में सहयोग किया।
फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। बस चालक ने घटना की सूचना राजस्थान रोडवेज के अधिकारियों को भी दे दी है। प्रशासन का कहना है कि तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।









