अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि CCTV फुटेज में 105 घटनाएं रिकॉर्ड हुई हैं। जांच लगभग पूरी है और 25 सितंबर तक आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही SIT ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि CCTV फुटेज की जांच में चोरी से जुड़ी 105 घटनाओं की पहचान हुई है। इससे पहले शुरुआती जांच में 70 घटनाओं का उल्लेख किया गया था। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि पहली गिरफ्तारी के 90 दिन पूरे होने से पहले 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
CCTV फुटेज में सामने आईं 105 घटनाएं
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ घटनाओं की संख्या बढ़कर 105 हो गई है। SIT की स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, CCTV फुटेज की विस्तृत जांच के दौरान चढ़ावे की नकदी को गलत तरीके से हटाने से जुड़ी 105 घटनाएं सामने आई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने SIT की ओर से पेश की गई स्थिति रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लिया है।

इससे पहले 23 जून को सामने आई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में करीब 70 संदिग्ध घटनाओं का उल्लेख किया गया था। आगे की जांच और CCTV फुटेज के विश्लेषण के बाद यह संख्या 105 तक पहुंची है। जांच में CCTV रिकॉर्डिंग के साथ गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों को भी शामिल किया गया है।
25 सितंबर तक दाखिल होगी चार्जशीट
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने SIT की जांच की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामले में पहली गिरफ्तारी के बाद 90 दिनों की वैधानिक अवधि 25 सितंबर को पूरी हो रही है। ऐसे में उससे पहले आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जानी है। SIT ने अदालत को बताया कि चार्जशीट 25 सितंबर या उससे पहले दाखिल कर दी जाएगी।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के सामने हुई। SIT ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट अदालत में पेश की, जिसमें जांच के दौरान जुटाए गए CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों से जुड़ी जानकारी शामिल है।
जांच में बैंक खातों और कीमती सामान की भी पड़ताल
SIT की जांच में आरोपियों के बैंक खातों की भी जानकारी जुटाई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ खातों में ऐसी रकम मिली है जिसका संबंधित लोगों की ओर से हिसाब नहीं दिया जा सका। जांच टीम ने आरोपियों की भूमिका तय करने के लिए CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध सामग्री का विश्लेषण किया है।
जांच के दौरान मंदिर की कीमती वस्तुओं से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की गई। सुप्रीम कोर्ट में पेश जानकारी के अनुसार, TCS सॉफ्टवेयर में मंदिर की 803 कीमती वस्तुओं की रसीदें मिली थीं और इन वस्तुओं को SBI के लॉकर में सुरक्षित पाया गया। चांदी की ईंट सहित अन्य मूल्यवान वस्तुओं को लेकर भी जांच में अलग तरह की गड़बड़ी नहीं मिली है।
मामले में अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद जांच में सामने आए आरोपों और साक्ष्यों की विस्तृत तस्वीर सामने आएगी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में आगे की जांच का विकल्प भी खुला रखा है और अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।












