झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों और राज्य सरकार के बीच बातचीत हुई, लेकिन बैठक के बाद छात्र नेताओं ने साफ कर दिया कि आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।
Ranchi Students Protest 2026: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर रांची में चल रहा छात्र आंदोलन 15वें दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारी छात्रों और राज्य सरकार के बीच शुक्रवार को बातचीत हुई, लेकिन बैठक के बाद आंदोलन समाप्त नहीं हुआ। छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
शनिवार, 8 अगस्त को आंदोलन के दूसरे गुट का आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सरकार के साथ बातचीत करेगा। इस गुट की अगुवाई छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं। प्रस्तावित बैठक में रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में छात्र प्रतिनिधियों और सरकार की ओर से गठित समिति के बीच चर्चा होगी।
15वें दिन भी जारी है छात्रों का प्रदर्शन
झारखंड में JPSC और JSSC से जुड़ी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने समेत भर्ती प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। छात्र नेताओं का कहना है कि शुक्रवार को सरकार के साथ हुई बातचीत में उनकी मांगों को विस्तार से रखा गया। सरकार की ओर से मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन छात्रों ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन मिलने से आंदोलन खत्म नहीं होगा।
उनके मुताबिक, जब तक प्रमुख मांगों को औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया जाता और उनके समाधान की प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
देवेंद्र नाथ महतो गुट की सरकार से मुलाकात
देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में चल रहे गुट का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को सरकार से बातचीत करेगा। छात्र नेताओं के अनुसार, बैठक में कुल आठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रतिनिधिमंडल में रामा अवतार महतो, चंदन कुमार, दिनबंधु मंडल, बिमल कुमार, पूजा कुमारी, प्रेम कुमार, रवि शंकर और अमित कुमार शर्मा के नाम शामिल हैं।
देवेंद्र नाथ महतो पिछले कई दिनों से आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें स्पष्ट हैं और सरकार को उन पर ठोस निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन में अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों का सरकार से मिलना महत्वपूर्ण नहीं है, क्योंकि सभी छात्र समूहों की मूल मांगें एक जैसी हैं।

भूख हड़ताल कर रहे छात्रों ने क्या कहा?
आंदोलन में शामिल छात्र प्रेम ने सरकार से सीधे संवाद की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं और चाहते हैं कि मुख्यमंत्री स्वयं इस मामले पर बातचीत करें। छात्र नेताओं ने बातचीत को पारदर्शी बनाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि सरकार के साथ चर्चा खुले तौर पर हो और मीडिया की मौजूदगी में बातचीत रिकॉर्ड की जाए, ताकि छात्रों के सामने पूरी प्रक्रिया स्पष्ट रहे।
आंदोलनकारियों का कहना है कि वे किसी बंद कमरे में होने वाली बातचीत के बजाय ऐसी प्रक्रिया चाहते हैं जिसमें उनकी मांगों और सरकार के जवाब को सार्वजनिक रूप से सामने रखा जा सके।
दूसरे छात्र गुट ने भी सरकार से की बातचीत
शुक्रवार को सरकार से बातचीत करने वाले छात्र प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बैठक में उनकी प्रमुख मांगों को एक-एक करके सरकार के सामने रखा गया। छात्र नेता रवीन्द्र पासवान के मुताबिक, मंत्रियों ने उनकी बात सुनी और मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। हालांकि, छात्रों ने सरकार को यह भी स्पष्ट कर दिया कि केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। उनका कहना है कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
छात्र नेता नीतू कुजुर ने दावा किया कि सरकारी प्रतिनिधियों ने छात्रों की तैयारी और बातचीत के तरीके को गंभीरता से लिया। उनके मुताबिक, सरकार की ओर से भर्ती व्यवस्था में बदलाव और सुधार की आवश्यकता पर सकारात्मक संकेत दिए गए हैं।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान
छात्र आंदोलन के तहत 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत शुरू होने के बावजूद विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रद्द नहीं किया गया है। छात्र नेताओं के अनुसार, सरकार के साथ बातचीत आगे भी चरणबद्ध तरीके से जारी रह सकती है, लेकिन जब तक उनकी अंतिम मांगों पर फैसला नहीं होता, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।











