UP Politics 2026: राज्यसभा चुनाव में 3 उम्मीदवार उतार सकती है सपा, अखिलेश यादव के ‘सरप्राइज’ से बढ़ी हलचल

UP Politics 2026: उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में सपा तीन उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। अखिलेश यादव के ‘सरप्राइज’ बयान के बाद चुनावी गणित और तीसरी सीट

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव को लेकर ‘सरप्राइज’ देने की बात कही थी। इसके बाद पार्टी के तीसरा उम्मीदवार उतारने की चर्चा तेज हो गई।

UP Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि राज्यसभा चुनाव में कुछ ‘सरप्राइज’ देखने को मिल सकता है। उनके इस बयान के बाद सपा के संभावित उम्मीदवारों और पार्टी की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान और मतगणना होगी। मौजूदा स्थिति में इन 10 सीटों में आठ बीजेपी, जबकि एक-एक सीट सपा और बहुजन समाज पार्टी के पास है। इनमें से एक सीट बीजेपी के सांसद दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद खाली हुई है।

दो सीटों पर सपा की स्थिति मजबूत

विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर सपा के दो उम्मीदवारों के राज्यसभा पहुंचने की स्थिति बनती है। वहीं, बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के पास पर्याप्त विधायक हैं, जिससे वह कई सीटों पर अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाने की स्थिति में है। मीडिया रिपोर्टों में सपा के तीसरा उम्मीदवार उतारने की संभावित रणनीति को लेकर चर्चा चल रही है।

अखिलेश यादव के ‘सरप्राइज’ वाले बयान ने इसी संभावना को और चर्चा में ला दिया है। हालांकि, तीसरे उम्मीदवार की जीत के लिए सपा को अपने मौजूदा विधायकों के अतिरिक्त दूसरे विधायकों का समर्थन जुटाना होगा। इसलिए तीसरी सीट का चुनावी गणित पहली दो सीटों की तुलना में अलग होगा।

UP Politics 2026: राज्यसभा चुनाव में 3 उम्मीदवार उतार सकती है सपा, अखिलेश यादव के ‘सरप्राइज’ से बढ़ी हलचल

क्या तीसरे उम्मीदवार पर दांव लगाएगी सपा?

सपा की ओर से तीन उम्मीदवार उतारने की संभावना पर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक हलकों में चर्चा है। कुछ रिपोर्टों में पूर्व राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव और पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन के नामों की चर्चा की गई है, जबकि तीसरे उम्मीदवार को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि पार्टी तीसरे उम्मीदवार के लिए सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए किसी दलित या अति पिछड़े वर्ग के चेहरे पर विचार कर सकती है। हालांकि, उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम आधिकारिक घोषणा होने तक इन चर्चाओं को संभावित रणनीति के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

नामांकन प्रक्रिया से तस्वीर होगी साफ

उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हो रही है। उम्मीदवारों के नाम सामने आने के साथ यह स्पष्ट होगा कि सपा वास्तव में कितने प्रत्याशी मैदान में उतारती है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर निर्धारित की गई है। मतदान और मतगणना 16 अक्टूबर को होगी।

ऐसे में अखिलेश यादव के बयान के बाद अब सपा के अगले कदम पर नजर है। यदि पार्टी तीन उम्मीदवार मैदान में उतारती है, तो तीसरी सीट के लिए उसे अतिरिक्त समर्थन जुटाने की चुनौती होगी। वहीं, बीजेपी और उसके सहयोगी दल भी उम्मीदवारों के चयन और संख्या के आधार पर अपनी रणनीति तय करेंगे।

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