ED Raid: पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी, UNESCO के नाम पर फर्जी पास का आरोप

पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुचंदा सेन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले मे ED ने कोलकाता में 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान

पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुचंदा सेन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने मंगलवार को कोलकाता में 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। मामला UNESCO के नाम पर कथित फर्जी दुर्गा पूजा पास बिक्री से जुड़ा है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री और गायक से राजनेता बने इंद्रनील सेन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को कोलकाता में कई ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। एजेंसी की टीम सुबह दक्षिण कोलकाता के कसबा स्थित सेन के आवास पहुंची। इसके साथ ही ED की अलग-अलग टीमों ने शहर में कुल 10 स्थानों पर एक साथ तलाशी ली। यह मामला सेन, उनकी पत्नी मधुचंदा सेन और ‘Mass Art’ नामक संस्था से जुड़े आरोपों की जांच से संबंधित है। आरोप है कि कोलकाता की दुर्गा पूजा से जुड़े टूर और ‘प्रीव्यू शो’ के लिए UNESCO के नाम और लोगो का कथित तौर पर बिना अनुमति इस्तेमाल कर पास बेचे गए।

कसबा से लेकर हिंदुस्तान पार्क और हाईलैंड पार्क तक तलाशी

ED की कार्रवाई के दायरे में कसबा के अलावा हिंदुस्तान पार्क और हाईलैंड पार्क समेत कोलकाता के कई इलाके शामिल बताए गए हैं। तलाशी वाले कुछ स्थान पूर्व मंत्री के रिश्तेदारों के आवास हैं। हाईलैंड पार्क में जिस परिसर की तलाशी ली जा रही है, वह एक ऐसे कारोबारी से जुड़ा बताया गया है, जिसका संबंध इवेंट मैनेजमेंट से है। एजेंसी इस मामले में कथित तौर पर पैसों के लेनदेन और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, मामले में करीब 60 करोड़ रुपये के लेनदेन की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। हालांकि, यह राशि जांच के दौरान सामने आया प्रारंभिक अनुमान है और मामले की जांच पूरी होने के बाद ही वित्तीय अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

UNESCO के नाम पर ‘फर्जी पास’ बेचने का आरोप

मामले की शुरुआत कोलकाता पुलिस की जांच से हुई थी। इस साल जून में बोबाजार पुलिस स्टेशन में इंद्रनील सेन, उनकी पत्नी मधुचंदा सेन और ‘Mass Art’ के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी।

शिकायतकर्ता जॉयदीप मुखर्जी ने अंतरराष्ट्रीय संगठन की ओर से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ‘Mass Art’ को कोलकाता की दुर्गा पूजा को वर्ष 2021 में UNESCO की मान्यता मिलने के छह महीने के भीतर बनाया गया था।

शिकायत के अनुसार, संस्था ने खुद को कोलकाता की दुर्गा पूजा को बढ़ावा देने के लिए UNESCO का ‘आधिकारिक साझेदार’ बताया था। हालांकि, शिकायत में इस दावे को कथित तौर पर गलत बताया गया। इसके अलावा UNESCO के नाम और लोगो का कथित तौर पर बिना अनुमति इस्तेमाल कर दुर्गा पूजा टूर के लिए टिकट अथवा पास बेचने का आरोप लगाया गया है।

24 दुर्गा पूजा मंडपों के ‘प्रीव्यू शो’ का दावा

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता में करीब 24 दुर्गा पूजा ‘प्रीव्यू शो’ के पास ऊंची कीमतों पर बेचे गए। कुछ मामलों में इन पास की कीमत 1,749 रुपये से 5,499 रुपये तक बताई गई है।

आरोप है कि ‘Mass Art’ की ओर से दावा किया गया था कि UNESCO ने इन 24 पूजा मंडपों का चयन किया है। हालांकि, मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार अब तक इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है।

जांच में यह भी आरोप सामने आया कि ‘प्रीव्यू शो’ के नाम पर बेचे गए पास से प्राप्त धन में कथित हेराफेरी की गई।

2022 से 2024 के बीच बढ़ता गया रजिस्ट्रेशन

प्रारंभिक जांच के मुताबिक, इन पास को लेकर लोगों के रजिस्ट्रेशन की संख्या भी लगातार बढ़ी।

  • 2022: करीब 19,000 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया।
  • 2023: करीब 34,000 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया।
  • 2024: करीब 61,000 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया।

जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि इन रजिस्ट्रेशन और पास की बिक्री से कितनी रकम जुटाई गई तथा धन का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया।

कोलकाता पुलिस के बाद ED की एंट्री

मामले की शुरुआती जांच कोलकाता पुलिस ने शुरू की थी। इसके बाद कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू सामने आने पर ED ने जांच अपने स्तर पर आगे बढ़ाई।

मंगलवार की कार्रवाई इसी जांच का हिस्सा बताई जा रही है। एजेंसी की टीमें अलग-अलग परिसरों में दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और मामले से जुड़े अन्य संभावित साक्ष्यों की तलाश कर रही हैं।

आरोपों की जांच जारी

मामले में इंद्रनील सेन, मधुचंदा सेन और ‘Mass Art’ से जुड़े आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। UNESCO के नाम और लोगो के कथित इस्तेमाल, ‘आधिकारिक साझेदार’ होने के दावे, पास की बिक्री तथा धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।

ED की तलाशी के बाद मामले में वित्तीय लेनदेन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपों को जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं माना जा सकता।

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