रंधावा का अमित शाह पर पलटवार, बोले- कांग्रेस को देशभक्ति प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं

राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अमित शाह पर पलटवार करते हुए देशभक्ति, ड्रोन हमलों, गैंगस्टर नेटवर्क और कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर बयान दिया।

राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अमित शाह पर पलटवार करते हुए देशभक्ति, ड्रोन हमलों, गैंगस्टर नेटवर्क और कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर बयान दिया।

जयपुर: कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कांग्रेस को लेकर दिए बयानों पर तीखा पलटवार किया है। जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान रंधावा ने कहा कि कांग्रेस को देशभक्ति साबित करने के लिए किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अमित शाह से देश की सुरक्षा, पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन और पंजाब से संचालित कथित गैंगस्टर नेटवर्क जैसे मुद्दों पर जवाब देने की मांग की।

अमित शाह के बयान पर रंधावा का पलटवार

सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री को कांग्रेस को देशभक्ति का प्रमाणपत्र देने के बजाय उन सवालों का जवाब देना चाहिए, जिनका सीधा संबंध देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा से है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का देश की आजादी और लोकतांत्रिक व्यवस्था में योगदान किसी प्रमाणपत्र का मोहताज नहीं है।

रंधावा ने कहा कि कांग्रेस ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पार्टी से जुड़े अनेक लोगों ने देश के लिए संघर्ष किया। उनके मुताबिक, इसलिए कांग्रेस को यह बताने की जरूरत नहीं है कि वह देशभक्त है या नहीं। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हुए संघर्ष और बलिदानों का रिकॉर्ड सार्वजनिक है।

पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन पर उठाया सवाल

रंधावा ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीमा पार से आने वाले ड्रोन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन और उनसे जुड़े सुरक्षा खतरों पर पर्याप्त चर्चा क्यों नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री को देश की सुरक्षा से जुड़े ऐसे गंभीर सवालों पर जवाब देना चाहिए।

रंधावा ने राजनीतिक अंदाज में कहा कि यदि पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन को रोकने में केंद्र सरकार को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, तो राजस्थान में कांग्रेस की राजनीतिक ताकत को रोकना उसके लिए कैसे संभव होगा। उनका यह बयान राजस्थान में कांग्रेस और बीजेपी के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच आया है।

उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा और देश की आंतरिक सुरक्षा जैसे विषय राजनीति से ऊपर होने चाहिए। उनके अनुसार, सरकार को ऐसे मामलों में स्पष्ट जवाब और प्रभावी कार्रवाई की जानकारी जनता के सामने रखनी चाहिए।

वंदे मातरम् और देशभक्ति की बहस पर कांग्रेस का रुख

रंधावा ने अमित शाह की ओर से कांग्रेस की देशभक्ति और वंदे मातरम् से जुड़े मुद्दों पर की गई टिप्पणी को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देशभक्ति का प्रमाणपत्र लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कांग्रेस के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आजादी की लड़ाई में योगदान दिया था। रंधावा ने बीजेपी और आरएसएस के इतिहास को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि देशभक्ति के मुद्दे पर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करने से पहले बीजेपी नेताओं को स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी भूमिका पर जवाब देना चाहिए।

हालांकि, रंधावा के इन राजनीतिक आरोपों को कांग्रेस और बीजेपी के बीच चल रही व्यापक राजनीतिक बहस के संदर्भ में देखा जा रहा है। उनके बयान पर बीजेपी की ओर से प्रतिक्रिया आने पर राजनीतिक विवाद और तेज होने की संभावना है।

पंजाब की जेलों से गैंगस्टर नेटवर्क चलने का आरोप

रंधावा ने पंजाब की जेलों से कथित तौर पर गैंगस्टर नेटवर्क संचालित होने के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि जेलों के भीतर से मोबाइल फोन के माध्यम से आपराधिक गतिविधियां संचालित किए जाने की बातें सामने आती रही हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे नेटवर्क का इस्तेमाल कथित तौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली और अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। रंधावा ने दावा किया कि नशे की सप्लाई का नेटवर्क केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार देश के अन्य हिस्सों और विदेशों तक जुड़े होने की बात भी सामने आती रही है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के नेटवर्क को खत्म करने के लिए एजेंसियों और राज्य सरकारों को मिलकर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। जेलों में मोबाइल फोन की उपलब्धता और वहां से अपराध संचालित किए जाने के आरोप कानून-व्यवस्था से जुड़े गंभीर विषय हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

एफबीआई चार्जशीट का भी किया उल्लेख

रंधावा ने अपने बयान में अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी FBI की एक चार्जशीट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कथित गैंगस्टर नेटवर्क और उससे जुड़ी गतिविधियों का संदर्भ सामने आया है।

हालांकि, किसी भी आरोप या जांच से जुड़े दावे को संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक जांच और न्यायिक प्रक्रिया के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए। रंधावा ने इस मुद्दे पर केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों से प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

चार सीटें जिताने वाले नेताओं को टिकट देने की बात

राजस्थान कांग्रेस में आगामी चुनावी रणनीति और टिकट वितरण को लेकर भी रंधावा ने अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई नेता यह जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है कि वह चार विधानसभा सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों को जीत दिलाएगा, तो पार्टी को उसकी क्षमता और संगठनात्मक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए टिकट देना चाहिए।

रंधावा ने कहा कि उन्होंने पहले भी यह बात कही थी कि जो नेता चार सीटें जिताने की जिम्मेदारी लेता है, उसे टिकट दिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि चुनाव में केवल व्यक्तिगत दावेदारी के बजाय जीत की क्षमता और संगठन को मजबूत करने की क्षमता को भी महत्व मिलना चाहिए।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राजस्थान कांग्रेस में संगठनात्मक गतिविधियों, गुटीय राजनीति और आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर चर्चा जारी है। पार्टी के भीतर अलग-अलग नेताओं की भूमिका और चुनावी रणनीति को लेकर लगातार मंथन चल रहा है।

राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी पर भी नजर

रंधावा का बयान राजस्थान कांग्रेस में कथित गुटबाजी की चर्चाओं के बीच आया है। पार्टी नेतृत्व लंबे समय से संगठन को मजबूत करने और नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर देता रहा है।

रंधावा ने संकेत दिया कि कांग्रेस को चुनावी राजनीति में मजबूत प्रदर्शन के लिए जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करना होगा। उन्होंने नेताओं की जिम्मेदारी तय करने और उनकी चुनावी क्षमता के आधार पर पार्टी में भूमिका देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उनके मुताबिक, चुनाव जीतने के लिए केवल बड़े राजनीतिक बयान पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक क्षेत्र में मजबूत संगठन, प्रभावी उम्मीदवार और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

सुरक्षा और राजनीति के बीच तेज होती बहस

रंधावा के बयान से साफ है कि राजस्थान कांग्रेस आने वाले राजनीतिक मुकाबलों में राष्ट्रीय सुरक्षा, बेरोजगारी, नशे के खिलाफ कार्रवाई और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाना चाहती है। वहीं बीजेपी की ओर से कांग्रेस की देशभक्ति और उसके राजनीतिक रुख पर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं।

कांग्रेस और बीजेपी के बीच इस तरह की बयानबाजी राजस्थान की राजनीति में आने वाले समय में और तेज हो सकती है। रंधावा ने अपने बयान के जरिए एक तरफ अमित शाह की टिप्पणियों का जवाब दिया, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार से सीमा सुरक्षा और कथित आपराधिक नेटवर्क जैसे मुद्दों पर जवाबदेही की मांग रखी।

फिलहाल, रंधावा के बयान ने राजस्थान की राजनीतिक बहस को एक बार फिर देशभक्ति, राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और चुनावी रणनीति जैसे मुद्दों की ओर मोड़ दिया है।

Leave a comment