झालावाड़ में दरगाह के पास बेकाबू बस का कहर, 4 जायरीनों की मौत; 6 से ज्यादा घायल

राजस्थान: झालावाड़ के सारोला में पातले पीर दरगाह के पास ब्रेक फेल होने से निजी बस बेकाबू हो गई। हादसे में चार जायरीनों की मौत और छह से अधिक लोग घायल हुए।

राजस्थान के झालावाड़ में पातले पीर दरगाह के पास ब्रेक फेल होने से एक निजी बस बेकाबू होकर जायरीनों में जा घुसी। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि छह से अधिक श्रद्धालु घायल हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

झालावाड़: राजस्थान के झालावाड़ जिले में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार जायरीनों की मौत हो गई, जबकि छह से अधिक लोग घायल हो गए। हादसा सारोला थाना क्षेत्र स्थित पातले पीर दरगाह के पास हुआ, जहां कैथून से श्रद्धालुओं को लेकर पहुंची एक निजी बस कथित तौर पर ब्रेक फेल होने के बाद बेकाबू हो गई और सड़क पर मौजूद जायरीनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान तीन और लोगों की मौत हो गई।

पातले पीर दरगाह के पास हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, कोटा जिले के रामगंजमंडी और सुकेत क्षेत्र से कुछ लोग झालावाड़ के सारोला थाना क्षेत्र में स्थित पातले पीर दरगाह पर जियारत के लिए पहुंचे थे। जियारत पूरी करने के बाद श्रद्धालु वापस लौट रहे थे। इसी दौरान कैथून क्षेत्र से यात्रियों को लेकर आई एक निजी बस सड़क पर आगे बढ़ रही थी।

पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान बस के ब्रेक फेल हो गए और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। अनियंत्रित बस सड़क पर मौजूद जायरीनों के समूह में जा घुसी। प्रत्यक्ष घटनाक्रम के अनुसार, बस की चपेट में करीब आठ श्रद्धालु आए। अचानक हुए हादसे से मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव का प्रयास शुरू कर दिया।

चार जायरीनों की मौत

हादसे के बाद सारोला थाना पुलिस और आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। घायलों को तत्काल खानपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में जांच के बाद अब्दुल हामिद नामक एक जायरीन को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

गंभीर रूप से घायल कई लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद झालावाड़ जिला अस्पताल रेफर किया गया। उपचार के दौरान तीन अन्य जायरीनों ने भी दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान रेहान, तालिब और अल्फेज के रूप में बताई गई है। इस तरह हादसे में मृतकों की संख्या चार हो गई।

घटना में छह से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को झालावाड़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर होने की स्थिति में उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जारी रही।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

सारोला थाना पुलिस के SHO बुद्धाराम के अनुसार, कैथून से श्रद्धालुओं का एक समूह निजी बस में पातले पीर दरगाह पर आया था। दरगाह के पास सड़क पर चलते श्रद्धालुओं को बस ने अपनी चपेट में लिया। शुरुआती जानकारी में हादसे की वजह बस का ब्रेक फेल होना सामने आई है।

पुलिस ने हादसे के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों, बस की तकनीकी स्थिति और चालक की भूमिका समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। अंतिम कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

अचानक मची अफरा-तफरी

प्रत्यक्ष रूप से सामने आई जानकारी के मुताबिक, हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। बस के अनियंत्रित होकर श्रद्धालुओं की ओर बढ़ने के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। आसपास के ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना देने के साथ घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में मदद की।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए स्थानीय स्तर पर भी मदद की गई। हादसे के बाद दरगाह क्षेत्र में भी शोक का माहौल बन गया।

रामगंजमंडी और सुकेत से आए थे जायरीन

हादसे में प्रभावित लोग कोटा जिले के रामगंजमंडी और सुकेत क्षेत्र से संबंधित बताए जा रहे हैं। वे धार्मिक यात्रा के तहत झालावाड़ स्थित पातले पीर दरगाह पहुंचे थे। हादसे की सूचना मिलने के बाद मृतकों और घायलों के परिजनों को इसकी जानकारी दी गई।

परिजन अस्पताल पहुंचे और वहां घायलों का हाल जाना। मृतकों के शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पुलिस की निगरानी में कराई जा रही है। हादसे के कारण परिवारों में शोक की स्थिति है।

बस की तकनीकी खराबी पर जांच का फोकस

प्रारंभिक पुलिस जानकारी में बस के ब्रेक फेल होने को हादसे की वजह बताया गया है। हालांकि, किसी वाहन की तकनीकी खराबी की वास्तविक स्थिति निर्धारित करने के लिए जांच जरूरी होती है। पुलिस बस की तकनीकी स्थिति और हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

जांच में यह भी देखा जा सकता है कि बस की फिटनेस, रखरखाव और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। इसके अलावा हादसे के समय सड़क की स्थिति और बस की गति समेत अन्य परिस्थितियों की भी जांच की जा सकती है।

धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

यह हादसा धार्मिक स्थलों और तीर्थ मार्गों के आसपास पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े करता है। धार्मिक आयोजनों और जियारत के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़क किनारे पैदल चलते हैं। ऐसे स्थानों पर वाहनों की आवाजाही और पैदल श्रद्धालुओं के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, धार्मिक स्थलों के आसपास यातायात नियंत्रण, पर्याप्त बैरिकेडिंग, पार्किंग व्यवस्था और वाहनों की तकनीकी जांच जैसे कदम हादसों का जोखिम कम कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी आधिकारिक निष्कर्ष की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

राजस्थान में सड़क हादसों की लगातार चिंता

राजस्थान में धार्मिक यात्राओं के दौरान होने वाले सड़क हादसे पहले भी चिंता का विषय रहे हैं। कुछ दिन पहले चूरू जिले में तीर्थ यात्रा पर जा रहे लोगों के वाहन से जुड़ा हादसा सामने आया था, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।

झालावाड़ का ताजा हादसा एक बार फिर यह रेखांकित करता है कि धार्मिक यात्रा पर निकलने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए वाहन की फिटनेस, चालक की सतर्कता और मार्ग पर यातायात प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण है।

फिलहाल सारोला थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्य जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है। प्रशासन और अस्पताल की टीमें घायलों के उपचार पर नजर बनाए हुए हैं।

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