रेवाड़ी रोडवेज जल्द राजस्थान के घिलौठ औद्योगिक क्षेत्र के लिए सीधी इलेक्ट्रिक बस चलाएगा। शुरुआत में एक बस का एक महीने तक ट्रायल होगा। बेहतर यात्रियों की प्रतिक्रिया मिलने पर इस रूट पर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
रेवाड़ी: नौकरीपेशा यात्रियों की सुविधा के लिए रेवाड़ी से राजस्थान के घिलौठ औद्योगिक क्षेत्र तक सीधी इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने की तैयारी है। रूट सर्वे पूरा हो चुका है और शुरुआत में एक बस को ट्रायल के तौर पर चलाया जाएगा। एक महीने के दौरान यात्रियों की संख्या और प्रतिक्रिया के आधार पर सेवा को नियमित करने और आगे बसों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया जाएगा।
घिलौठ रूट पर शुरू होगा इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल
रेवाड़ी रोडवेज डिपो ने राजस्थान के घिलौठ औद्योगिक क्षेत्र के लिए सीधी बस सेवा शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। इस रूट का सर्वे भी किया जा चुका है। फिलहाल सेवा की शुरुआत एक इलेक्ट्रिक बस से की जाएगी और करीब एक महीने तक इसका ट्रायल किया जाएगा।

घिलौठ और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में रेवाड़ी जिले से बड़ी संख्या में कर्मचारी रोजाना नौकरी के लिए आते-जाते हैं। सीधी बस सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें यात्रा के लिए दूसरे साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
यात्रियों के रिस्पांस से तय होगी आगे की सेवा
ट्रायल के दौरान रोडवेज यात्रियों की संख्या, बस की उपयोगिता और संचालन से जुड़े अन्य पहलुओं का आकलन करेगा। यदि इस रूट पर यात्रियों की संख्या पर्याप्त रही और सेवा को अच्छा रिस्पांस मिला, तो भविष्य में अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें भी संचालित की जा सकती हैं।
वहीं, यात्रियों की संख्या कम रहने पर बस सेवा को जारी रखने को लेकर विभाग दोबारा निर्णय ले सकता है। विभाग का फोकस ऐसी परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने पर है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और किफायती सफर मिल सके।
रेवाड़ी डिपो को मिली हैं 50 इलेक्ट्रिक बसें
मुख्यालय की ओर से रेवाड़ी डिपो के लिए कुल 50 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं। इनमें से पांच बसों का संचालन फिलहाल किया जा रहा है। बाकी बसें चरणबद्ध तरीके से डिपो को मिलने की उम्मीद है।
डिपो पहले से बावल औद्योगिक क्षेत्र के लिए पांच इलेक्ट्रिक बसें चला रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस रूट पर यात्रियों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और रोडवेज को भी बेहतर राजस्व प्राप्त हो रहा है।
घिलौठ रूट का ट्रायल सफल रहने पर इससे औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ आसपास के गांवों के लोगों को भी फायदा मिलेगा। इसके अलावा इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार से डीजल पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।











