रुड़की में चाय पर बुलाकर रची साजिश, समझौते के बहाने घर बुलाया और आदि राणा की गोली मारकर हत्या

भगवानपुर में विवाद के बाद समझौते के बहाने आदि राणा को घर बुलाया गया। आरोप है कि वहां गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने तीन आरोपियों पर केस दर्ज किया है
रुड़की में चाय पर बुलाकर रची साजिश, समझौते के बहाने घर बुलाया और आदि राणा की गोली मारकर हत्या
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उत्तराखंड के रुड़की से एक युवक की गोली मारकर हत्या का मामला सामने आया है। भगवानपुर कस्बे की प्रताप कॉलोनी में हुए इस वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान आदित्य राणा उर्फ आदि राणा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, घटना एक अक्टूबर की रात की है। बताया गया कि आदि अपने दोस्तों के साथ फाइनेंस कलेक्शन के सिलसिले में भगवानपुर गया था, जहां उसका कुछ युवकों से विवाद हो गया। दोस्तों और आसपास मौजूद लोगों ने उस समय बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था। इसके कुछ देर बाद उसे समझौते के बहाने फोन कर घर बुलाया गया और वहां गोली मार दी गई।

घटना के संबंध में आदि राणा के भाई सागर की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। तहरीर के अनुसार, आदि राणा अपने कुछ दोस्तों के साथ फाइनेंस का काम करने के लिए भगवानपुर गया था। रात करीब नौ बजे फाइनेंस के काम को लेकर उसकी लक्की शर्मा उर्फ रोहित से कहासुनी और विवाद हुआ। मामला बढ़ने से पहले साथ आए लोगों ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। उस समय ऐसा लगा कि विवाद खत्म हो गया है और मामला आगे नहीं बढ़ेगा। लेकिन आरोप है कि कुछ देर बाद घटनाक्रम ने अचानक गंभीर रूप ले लिया।

पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, विवाद के कुछ समय बाद लक्की शर्मा ने आदि राणा को फोन किया। आरोप है कि फोन पर उससे समझौता करने की बात कही गई और उसे अपने घर आने के लिए कहा गया। इसी बातचीत के बाद आदि अपने साथियों के साथ प्रताप कॉलोनी स्थित लक्की के घर पहुंचा। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि समझौते और विवाद खत्म करने के भरोसे पर उसे वहां बुलाया गया था।

आरोप के मुताबिक, जब आदि राणा घर पहुंचा तो वहां लक्की शर्मा के साथ उसका भाई राहुल शर्मा और पिता अनिल शर्मा भी मौजूद थे। तहरीर में कहा गया है कि तीनों ने आदि को घर के अंदर बुलाया। इसके बाद वहां दोबारा विवाद हुआ। पुलिस के सामने दर्ज कराई गई शिकायत में परिवार ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान लक्की ने तमंचा निकालकर आदि को धमकाया।

तहरीर में आगे आरोप लगाया गया है कि अनिल शर्मा के कहने पर राहुल ने गोली चलाने को कहा और इसके बाद लक्की ने आदि पर गोली चला दी। गोली लगने के बाद आदि मौके पर गिर पड़ा। घटना के बाद वहां मौजूद उसके साथी घबरा गए और मौके से चले गए। गोली चलने की आवाज से आसपास के इलाके में भी हड़कंप मच गया।

गोली चलने की सूचना मिलने के बाद परिजन और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। घायल अवस्था में आदि राणा को उपचार के लिए करौंदी स्थित आरोग्यम अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, गोली आदि के गर्दन के पास लगी थी। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की।

इस वारदात के बाद भगवानपुर क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। अचानक हुई फायरिंग और युवक की मौत की खबर तेजी से आसपास के इलाकों में फैल गई। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास जमा हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली और घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की।

मामले में पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर लक्की शर्मा उर्फ रोहित, उसके भाई राहुल शर्मा और पिता अनिल शर्मा के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। अमर उजाला के मुताबिक, पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच उपनिरीक्षक गोपाल दत्त भट्ट को सौंपी गई है।

हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस तीनों नामजद आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले में संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि घटना के बाद शव को घर के बाहर सड़क पर रखने का आरोप है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद किस बात से शुरू हुआ और घटनास्थल पर उस समय कौन-कौन मौजूद था।

दूसरी ओर, जागरण की रिपोर्ट में बताया गया कि आदि राणा का किसी युवक से विवाद हुआ था और आसपास मौजूद लोगों ने पहले दोनों पक्षों को शांत कराया था। इसके बाद आदि अपने कुछ साथियों के साथ दूसरे पक्ष के युवक के आवास पर पहुंचा, जहां विवाद दोबारा शुरू हो गया। इसी दौरान गोली चलने से आदि की मौत हुई। पुलिस अब घटना के दोनों चरणों को जोड़कर जांच कर रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।

इस घटना में सबसे अहम सवाल यही है कि पहली कहासुनी के बाद मामला शांत होने के बावजूद दोबारा विवाद क्यों हुआ और आदि राणा को घर बुलाने के पीछे वास्तव में क्या वजह थी। मृतक के परिवार की ओर से इसे सुनियोजित तरीके से बुलाकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया गया है। वहीं पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा और गोली चलाने की परिस्थितियां क्या थीं।

परिवार की शिकायत में फोन करके समझौते के लिए बुलाए जाने की बात कही गई है। यही वजह है कि मामले में पुलिस फोन कॉल, घटनास्थल और वहां मौजूद लोगों से जुड़ी जानकारी को भी जांच का हिस्सा बना सकती है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच में अहम साबित हो सकती है। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।

आदि राणा फाइनेंस के काम से जुड़े थे और दोस्तों के साथ क्षेत्र में कलेक्शन का काम करते थे। घटना वाली रात भी वह इसी काम से भगवानपुर गया था। रोजमर्रा के काम के दौरान हुआ विवाद कुछ ही देर में इतना गंभीर हो गया कि उसकी जान चली गई। परिवार के लिए यह घटना इसलिए भी सदमे वाली है क्योंकि विवाद शुरू होने के बाद शुरुआती स्तर पर मामला शांत हो गया था, लेकिन बाद में स्थिति फिर बिगड़ गई।

पुलिस के सामने अब कई बिंदुओं पर जांच की चुनौती है। सबसे पहले यह पता लगाया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई थी। इसके बाद फोन पर समझौते के लिए बुलाने की बात की पुष्टि की जानी है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान, आसपास के कैमरों की रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से पुलिस घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश करेगी।

घटना के बाद पुलिस ने आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। वारदात के कारण स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस मामले पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों की कोशिश है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को जल्द से जल्द सामने लाया जाए और नामजद आरोपियों की तलाश की जाए।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि मामूली विवाद किस तरह अचानक गंभीर हिंसा में बदल सकता है। फाइनेंस के काम को लेकर शुरू हुआ विवाद पहले लोगों के हस्तक्षेप से शांत हुआ, लेकिन इसके बाद समझौते की बातचीत के दौरान मामला फिर बिगड़ गया। परिवार का आरोप है कि इसी दौरान आदि को निशाना बनाया गया।

मृतक के परिजनों का कहना है कि आदि को अगर समझौते के नाम पर बुलाया गया था तो उसके साथ ऐसा क्यों किया गया, इसकी पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। पुलिस ने फिलहाल तहरीर में लगाए गए आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

रुड़की के भगवानपुर क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा का माहौल है। एक ओर परिवार अपने युवक की मौत से सदमे में है, वहीं पुलिस के सामने घटना की परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने की जिम्मेदारी है। फिलहाल तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और पुलिस उनकी तलाश के साथ-साथ घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को जुटा रही है।

अब जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि आदि राणा और दूसरे पक्ष के बीच विवाद की मूल वजह क्या थी, फोन पर समझौते के लिए उसे किस तरह बुलाया गया और घर पहुंचने के बाद घटनाक्रम किस क्रम में हुआ। पुलिस इन सभी सवालों के जवाब तलाश रही है। पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने तथा आगे की कार्रवाई भी जांच के अनुसार की जाएगी।

फिलहाल रुड़की के भगवानपुर में हुई यह हत्या एक ऐसे विवाद का परिणाम बताई जा रही है, जो पहले लोगों के हस्तक्षेप से शांत हो गया था, लेकिन कुछ देर बाद दोबारा भड़क उठा। मृतक के परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

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