रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें 9 लोगों की मौत और कई घायल हुए। कीव का ऐतिहासिक डॉर्मिशन कैथेड्रल भी क्षतिग्रस्त हो गया। हमलों के बाद हजारों लोग बिजली संकट और हवाई हमले की चेतावनी से प्रभावित हैं।
रूस/यूक्रेन वॉर: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूस द्वारा किए गए ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों अन्य घायल हुए हैं। इन हमलों के दौरान राजधानी कीव स्थित 11वीं सदी के ऐतिहासिक डॉर्मिशन कैथेड्रल को भी गंभीर क्षति पहुंची, जिससे सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
हमले ऐसे समय में हुए हैं जब वैश्विक नेता फ्रांस में होने वाली जी-7 बैठक की तैयारी कर रहे हैं और यूक्रेन युद्ध एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय एजेंडे के प्रमुख मुद्दों में शामिल हो गया है। लगातार बढ़ते हमले इस बात का संकेत दे रहे हैं कि संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की राह अभी भी बेहद कठिन बनी हुई है।
राजधानी कीव पर रातभर हमले, हजारों लोग प्रभावित
यूक्रेन की राजधानी कीव पर हुए हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हुई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। शहर के कई इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण इमारतों, वाहनों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, हमलों के बाद कई आवासीय क्षेत्रों में आग लग गई और बड़ी संख्या में नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। शहर के विभिन्न हिस्सों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई, जिससे लगभग 1.4 लाख लोग प्रभावित हुए। हमलों के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने मेट्रो स्टेशनों और भूमिगत शरण स्थलों में रात बिताई। युद्ध शुरू होने के बाद से यूक्रेन के कई शहरों में भूमिगत स्टेशन नागरिकों के लिए अस्थायी सुरक्षा केंद्र के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
खार्किव में बचाव अभियान के दौरान पांच कर्मियों की मौत
पूर्वोत्तर यूक्रेन के प्रमुख शहर खार्किव में स्थिति और भी दर्दनाक रही। अधिकारियों के अनुसार, एक रूसी हमले के बाद लगी आग को बुझाने पहुंचे बचावकर्मियों पर दोबारा हमला हुआ, जिसमें पांच आपातकालीन सेवा कर्मियों की मौत हो गई।
घटना ने युद्ध क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों से जुड़े कर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने पहले भी संघर्ष क्षेत्रों में मेडिकल और रेस्क्यू टीमों को निशाना बनाए जाने पर चिंता व्यक्त की है। यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि खार्किव में पांच अन्य लोग भी घायल हुए हैं और कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
ऐतिहासिक डॉर्मिशन कैथेड्रल को भारी क्षति
ताजा हमलों की सबसे चर्चित घटना कीव स्थित डॉर्मिशन कैथेड्रल को हुआ नुकसान है। यह कैथेड्रल यूक्रेन की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों में गिना जाता है। इसकी ऐतिहासिक विरासत लगभग एक हजार वर्ष पुरानी मानी जाती है।
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हमले के बाद कैथेड्रल के कुछ हिस्सों में आग लग गई और संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचा। यूक्रेन की प्रधानमंत्री यूलिया स्विरिडेंको ने इसे केवल एक इमारत पर हमला नहीं बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान पर हमला बताया। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा कि सरकार इस मामले को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के समक्ष उठाएगी। उनका कहना है कि सांस्कृतिक विरासत स्थलों पर हमले अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय होने चाहिए।
अधिकांश यूक्रेन में जारी किया गया एयर रेड अलर्ट
हमलों के दौरान यूक्रेन के अधिकांश हिस्सों में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और यूक्रेन दोनों अब ड्रोन तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहे हैं, जिसके कारण संघर्ष का स्वरूप लगातार बदल रहा है। कम लागत वाले लेकिन प्रभावी ड्रोन अब युद्ध रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। इसी वजह से नागरिक क्षेत्रों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमलों का खतरा भी बढ़ गया है।
रूस में भी यूक्रेनी ड्रोन हमला
संघर्ष केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं रहा। रूसी अधिकारियों ने दावा किया कि यूक्रेन द्वारा किए गए ड्रोन हमले में मॉस्को के दक्षिण में स्थित तुला शहर में तीन लोगों की मौत हो गई।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, हमले में तीन अन्य लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें एक वर्ष का बच्चा भी शामिल है। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी।
हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूस के भीतर सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई ड्रोन अभियान चलाए हैं। वहीं रूस लगातार यूक्रेनी शहरों पर लंबी दूरी की मिसाइलों और ड्रोन से हमले कर रहा है।
पोलैंड ने बढ़ाई सुरक्षा सतर्कता
यूक्रेन पर हुए ताजा हमलों के बाद पड़ोसी देश पोलैंड ने अपनी सुरक्षा तैयारियां बढ़ा दी हैं। पोलैंड के रक्षा अधिकारियों ने बताया कि एहतियातन लड़ाकू विमानों को सक्रिय किया गया और वायु रक्षा प्रणालियों को उच्च सतर्कता पर रखा गया। नाटो सदस्य देशों को चिंता है कि युद्ध की तीव्रता बढ़ने पर क्षेत्रीय सुरक्षा पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण पूर्वी यूरोप के कई देश अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत कर रहे हैं।
जी-7 बैठक से पहले बढ़ा कूटनीतिक दबाव
ताजा हमले ऐसे समय हुए हैं जब फ्रांस में होने वाली जी-7 शिखर बैठक में यूक्रेन युद्ध प्रमुख मुद्दों में शामिल है। दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता युद्ध की स्थिति, सुरक्षा चुनौतियों और संभावित कूटनीतिक समाधानों पर चर्चा करने वाले हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बातचीत की थी। दोनों नेताओं के बीच युद्ध समाप्त करने के प्रयासों और संभावित शांति पहल पर चर्चा हुई थी। हालांकि जमीन पर जारी सैन्य कार्रवाई यह संकेत देती है कि संघर्ष जल्द समाप्त होने की संभावना अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।








