रूस-यूक्रेन युद्ध में फिर बढ़ा तनाव: कीव पर रूस का बड़ा हमला, 27 लोगों की मौत

यूक्रेन के एकतरफा युद्धविराम प्रस्ताव के बीच रूस ने कीव पर मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला किया है। हमले में 27 लोगों की मौत हो गई है , और 120 घायल हुए है।

यूक्रेन के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकराते हुए रूस ने कीव पर मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला किया। हमले में 27 लोगों की मौत और 120 लोग घायल हुए। दोनों देशों के बीच संघर्ष और तेज हो गया है।

रूस/यूक्रेन वॉर: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। यूक्रेन द्वारा घोषित एकतरफा युद्धविराम के बावजूद रूस ने राजधानी कीव समेत कई इलाकों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 120 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों और घायलों में बड़ी संख्या आम नागरिकों की बताई जा रही है।

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन ने रूस से अस्थायी युद्धविराम लागू करने की अपील की थी। हालांकि मॉस्को ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के बजाय यूक्रेनी शहरों पर हमले तेज कर दिए। इससे दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की संभावनाओं को बड़ा झटका लगा है।

कीव में रातभर गूंजते रहे धमाके

यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक रूस ने मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक दर्जनों ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। राजधानी कीव में कई इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। आपातकालीन सेवाओं ने बताया कि कई रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और आग लगने की घटनाएं सामने आईं।

यूक्रेन के आंतरिक मंत्री इहोर क्लिमेंको ने कहा कि हमलों में मरने वाले सभी लोग आम नागरिक थे। बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है और कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

यूक्रेनी वायुसेना ने दावा किया कि उसने कई रूसी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया, लेकिन बड़ी संख्या में हथियार अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहे।

रूस ने यूक्रेन पर युद्धविराम तोड़ने का लगाया आरोप

रूस के रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज करते हुए दावा किया कि कीव खुद अपने घोषित युद्धविराम का पालन नहीं कर रहा। मंत्रालय के अनुसार मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक रूस के विभिन्न क्षेत्रों, कब्जे वाले क्रीमिया प्रायद्वीप और काला सागर के ऊपर 53 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए गए।

रूसी अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन लगातार सीमा क्षेत्रों और कब्जे वाले इलाकों को निशाना बना रहा है। मॉस्को ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह मौजूदा हालात में किसी भी एकतरफा युद्धविराम को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है।

क्रीमिया में भी यूक्रेनी ड्रोन हमला

रूस के कब्जे वाले क्रीमिया क्षेत्र में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। रूस समर्थित स्थानीय प्रशासन के प्रमुख सर्गेई अक्सियोनोव ने बताया कि झांकोई शहर पर यूक्रेनी ड्रोन हमले में पांच लोगों की मौत हो गई।

उनके मुताबिक हमले में कई इमारतों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। हालांकि यूक्रेन की ओर से इस हमले को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई।

क्रीमिया 2014 से रूस के नियंत्रण में है और तब से यह क्षेत्र दोनों देशों के बीच संघर्ष का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब भी क्रीमिया को यूक्रेन का हिस्सा मानता है।

पांचवें वर्ष में पहुंचा युद्ध

रूस-यूक्रेन युद्ध अब पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। फरवरी 2022 में रूस द्वारा शुरू किए गए पूर्ण पैमाने के सैन्य अभियान के बाद से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार अब तक 15,000 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि करोड़ों लोग विस्थापित हुए हैं।

लगभग 1,250 किलोमीटर लंबी फ्रंटलाइन पर दोनों देशों की सेनाएं लगातार लड़ाई लड़ रही हैं। रूस अपनी बड़ी सैन्य ताकत के दम पर धीरे-धीरे आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है, जबकि यूक्रेन ड्रोन तकनीक और पश्चिमी देशों से मिले सैन्य समर्थन के जरिए जवाबी कार्रवाई कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध अब लंबे और थकाऊ संघर्ष में बदल चुका है, जिसमें दोनों पक्ष भारी आर्थिक और मानवीय नुकसान उठा रहे हैं।

ज़ेलेंस्की की युद्धविराम पहल

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने हाल ही में एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी। यह घोषणा रूस द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर जीत की 81वीं वर्षगांठ के अवसर पर दो दिन के युद्धविराम प्रस्ताव के बाद की गई।

ज़ेलेंस्की ने कहा था कि यूक्रेन शांति के लिए सकारात्मक कदम उठाना चाहता है, लेकिन किसी भी हमले का जवाब सैन्य कार्रवाई से दिया जाएगा। यूक्रेन का कहना है कि उसका उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अपनी शांति प्रतिबद्धता दिखाना है।

हालांकि रूस ने इस पहल को गंभीरता से नहीं लिया और युद्धविराम के दौरान भी सैन्य अभियान जारी रखा।

यूरोप और पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया

यूरोपीय देशों और कई पश्चिमी नेताओं ने यूक्रेन के युद्धविराम प्रस्ताव का स्वागत किया। यूरोपीय अधिकारियों ने इसे शांति वार्ता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत बताया।

यूक्रेनी विदेश मंत्री आंद्रेई सिबीहा ने कहा कि रूस ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अपीलों को नजरअंदाज किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि मॉस्को शांति की किसी वास्तविक कोशिश में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा।

अमेरिका और यूरोपीय देशों ने भी नागरिक इलाकों पर हुए हमलों पर चिंता जताई है। हालांकि पिछले एक वर्ष से अमेरिका के नेतृत्व में चल रहे कूटनीतिक प्रयास अब तक युद्ध समाप्त कराने में सफल नहीं हो पाए हैं।

लगातार बढ़ता मानवीय संकट

युद्ध के चलते यूक्रेन में मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। ऊर्जा ढांचे, अस्पतालों, स्कूलों और आवासीय क्षेत्रों पर हमलों के कारण लाखों लोगों को बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियां लगातार मानवीय सहायता पहुंचाने में जुटी हैं, लेकिन लगातार हमलों के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि जल्द कोई स्थायी राजनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष आने वाले वर्षों तक वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर असर डालता रहेगा।

शांति की उम्मीदें फिर कमजोर

रूस और यूक्रेन दोनों की ओर से जारी सैन्य कार्रवाइयों ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि युद्ध जल्द समाप्त होने की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है। एकतरफा युद्धविराम की कोशिशों के बावजूद हमलों का जारी रहना यह दर्शाता है कि दोनों पक्ष अभी भी सैन्य बढ़त हासिल करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

दुनिया भर की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या अंतरराष्ट्रीय दबाव दोनों देशों को वार्ता की मेज तक ला पाएगा या यह युद्ध और अधिक विनाशकारी रूप लेगा।

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