रूस-यूक्रेन युद्ध एक बार फिर तेज हो गया है। कीव पर रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में नौ लोगों की मौत हुई, जबकि यूक्रेन ने जवाबी कार्रवाई में काला सागर में रूस के एक कंटेनर जहाज को निशाना बनाकर डुबोने का दावा किया।
रूस/यूक्रेन वॉर: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर हिंसा तेज हो गई है। शनिवार को यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़ा हमला किया, जिसमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई दर्जन लोग घायल हो गए। हमले के बाद शहर के कई इलाकों में आग लग गई, इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा और कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि हाल के दिनों में रूस ने राजधानी पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले बढ़ा दिए हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम और विशेष रूप से पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।
रिहायशी इलाकों को हुआ भारी नुकसान
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, कीव के कई रिहायशी इलाकों को हमले में नुकसान पहुंचा। शेवचेंकिवस्की जिले में एक आवासीय इमारत का हिस्सा ध्वस्त हो गया, जिससे कई लोग मलबे में फंस गए। डारनित्सकी जिले में मिसाइल हमले से सात लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। सोलोमियांस्की जिले में भी एक बहुमंजिला इमारत को नुकसान पहुंचा, जहां दो लोगों की मौत और कई अन्य घायल हुए। घायलों में बच्चे भी शामिल बताए गए हैं। राहत एवं बचाव दल ने तुरंत अभियान शुरू कर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
लिथुआनिया दूतावास के पास भी गिरा मिसाइल
हमले के दौरान एक मिसाइल लिथुआनिया के दूतावास के पास आकर गिरी, जिससे दूतावास की खिड़कियां टूट गईं और परिसर में मलबा फैल गया। हालांकि किसी राजनयिक के हताहत होने की सूचना नहीं है। इस घटना ने राजधानी में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
यूक्रेन का जवाबी हमला, रूसी कंटेनर जहाज डुबोने का दावा
कीव पर हमले के कुछ समय बाद यूक्रेन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए काला सागर में रूस के स्वामित्व वाले एक कंटेनर जहाज को निशाना बनाने का दावा किया। यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि लगभग एक लाख टन क्षमता वाला कंटेनर जहाज समुद्र में डुबो दिया गया। रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम ने भी जहाज पर हमले की पुष्टि की। कंपनी के अनुसार जहाज नागरिक उपयोग का सामान, जिनमें खाद्य सामग्री और निर्माण सामग्री शामिल थी, लेकर जा रहा था। रूस ने बताया कि जहाज पर मौजूद सभी 17 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।

रूस ने हमले को बताया समुद्री डकैती
रूस ने इस हमले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन बताया। अधिकारियों का कहना है कि जहाज सैन्य नहीं बल्कि नागरिक सामान लेकर जा रहा था, इसलिए उस पर हमला समुद्री डकैती जैसा कदम है। दूसरी ओर, यूक्रेन लंबे समय से दावा करता रहा है कि रूस के कई लॉजिस्टिक जहाज युद्ध से जुड़ी आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा हैं। इसी कारण यूक्रेन काला सागर में रूस की समुद्री गतिविधियों को निशाना बना रहा है।
पैट्रियट मिसाइलों को लेकर अमेरिका से बढ़ी बातचीत
हमले से कुछ दिन पहले राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अमेरिका की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात की थी। इस बैठक में उन्होंने यूक्रेन को पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों के उत्पादन की अनुमति देने की मांग रखी थी। हालांकि ट्रम्प ने कहा कि इस मुद्दे पर बातचीत जारी है, लेकिन अमेरिका अभी इस तकनीक को साझा करने के फैसले पर पूरी तरह सहमत नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इतनी उन्नत सैन्य तकनीक किसी अन्य देश को देना बेहद संवेदनशील फैसला है।
यूक्रेन की एयर डिफेंस पर बढ़ता दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस लगातार बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलों का उपयोग बढ़ा रहा है। ऐसे हमलों को रोकने के लिए पैट्रियट सिस्टम सबसे प्रभावी रक्षा उपकरणों में से एक माना जाता है। यूक्रेन के पास इन मिसाइलों का सीमित भंडार बचा है, जिसके कारण वह अपने सहयोगी देशों से अतिरिक्त एयर डिफेंस सहायता की मांग लगातार कर रहा है।
काला सागर बना रणनीतिक संघर्ष का केंद्र
2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से काला सागर दोनों देशों के लिए बेहद अहम रणनीतिक क्षेत्र बन चुका है। रूस यहां से अपने सैन्य और व्यापारिक जहाजों का संचालन करता है, जबकि यूक्रेन समुद्री आपूर्ति मार्गों को बाधित करने की कोशिश कर रहा है। हाल के महीनों में यूक्रेन ने कई ड्रोन और समुद्री हमलों के जरिए रूसी नौसैनिक गतिविधियों को चुनौती दी है। दूसरी ओर रूस भी यूक्रेन के बंदरगाहों और ऊर्जा ढांचे को लगातार निशाना बना रहा है।
मानवीय संकट लगातार गहरा रहा
लगातार जारी मिसाइल हमलों और जवाबी सैन्य कार्रवाई से आम नागरिक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। रिहायशी इमारतों के नष्ट होने, बिजली व्यवस्था बाधित होने और बुनियादी सेवाओं पर असर पड़ने से मानवीय संकट और गंभीर होता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और तनाव कम करने की अपील कर रहा है, लेकिन युद्ध के मैदान में हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।











