सैफाबाद थाने में KTR के स्टाफ पर कथित हमला, BRS ने न्यायिक जांच की मांग की

हैदराबाद के सैफाबाद पुलिस स्टेशन में KTR के PRO और PA पर नकाबपोश लोगों द्वारा कथित हमले को लेकर BRS ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने न्यायिक जांच, CCTV फुटेज

हैदराबाद के सैफाबाद पुलिस स्टेशन में KTR के PRO और PA पर नकाबपोश लोगों द्वारा कथित हमले को लेकर BRS ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने न्यायिक जांच, CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

हैदराबाद: भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने आरोप लगाया है कि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव (KTR) के PRO और PA पर सैफाबाद पुलिस स्टेशन के अंदर उस समय नकाबपोश लोगों ने हमला करने की कोशिश की, जब दोनों से एक मामले में पूछताछ चल रही थी। पार्टी ने घटना में पुलिस की कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। BRS ने मांग की है कि पुलिस स्टेशन के अंदर और बाहर लगे CCTV कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखी जाए, हमले में शामिल लोगों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

महेश और महेंद्र रेड्डी को पूछताछ के लिए बुलाया गया था

पुलिस ने महेश और महेंद्र रेड्डी के खिलाफ BNS की धारा 132, 352 और 351(2), धारा 3(5) के साथ पढ़ते हुए मामला दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दोनों ने सरकारी अधिकारियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने की कोशिश की।

यह मामला 7 सितंबर की उस घटना से जुड़ा है, जब BRS विधायकों को विधानसभा परिसर में गेट नंबर 3 से प्रवेश करने से रोका गया था। इसके बाद दोनों को सोमवार को पूछताछ के लिए सैफाबाद पुलिस स्टेशन बुलाया गया।

पूछताछ के दौरान 15-20 नकाबपोश लोगों के पहुंचने का आरोप

BRS के अनुसार, सोमवार शाम करीब 6:30 बजे पूछताछ चल रही थी। इसी दौरान लगभग 15 से 20 नकाबपोश लोग कथित तौर पर पुलिस स्टेशन परिसर में दाखिल हुए और दोनों लोगों पर हमला करने की कोशिश की।

पुलिस स्टेशन में मौजूद BRS की कानूनी टीम के सदस्यों ने कथित तौर पर बीच-बचाव किया और दोनों को बचाया। इसके बाद हमलावर वहां से भाग गए।

BRS की कानूनी टीम ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि यह घटना सैफाबाद पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

होटल के CCTV में दिखने का दावा

BRS की कानूनी टीम के अनुसार, पुलिस स्टेशन के पास मौजूद एक होटल के CCTV कैमरों में कथित तौर पर नकाबपोश लोगों के पुलिस स्टेशन में प्रवेश करने की तस्वीरें रिकॉर्ड हुई हैं।

पार्टी ने मांग की है कि पुलिस स्टेशन के अंदर और बाहर दोनों जगहों की CCTV फुटेज को तत्काल सुरक्षित किया जाए, ताकि घटना की स्वतंत्र जांच में डिजिटल साक्ष्यों का इस्तेमाल किया जा सके।

KTR ने राजनीतिक बदले का लगाया आरोप

BRS के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना को बेहद गंभीर बताते हुए इसे BRS नेताओं के खिलाफ कथित राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताया।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमला करने वाले लोग कांग्रेस कार्यकर्ता थे या फिर नकाब पहनकर आए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी थे।

रामा राव ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, जो राज्य का गृह विभाग भी संभालते हैं, को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया और उनसे तत्काल जवाब देने की मांग की।

सिटिंग जज से जांच की मांग

KTR ने कथित हमले की जांच किसी मौजूदा न्यायाधीश (सिटिंग जज) से कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि हमले में शामिल लोगों की पहचान और उनकी भूमिका स्पष्ट हो सके।

रामा राव ने यह भी दावा किया कि हाई कोर्ट ने महेश और महेंद्र रेड्डी के खिलाफ अगला आदेश आने तक कोई कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। उनके आरोप के अनुसार, इसके बावजूद दोनों को डराने-धमकाने के उद्देश्य से यह घटना हुई।

हालांकि, हाई कोर्ट के निर्देश और घटना की परिस्थितियों से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के आधिकारिक रिकॉर्ड से होना बाकी है।

घायल स्टाफ के लिए सुरक्षा और इलाज की मांग

रामा राव ने अपने कथित रूप से घायल स्टाफ सदस्यों के लिए सुरक्षा और चिकित्सा उपचार की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

BRS का कहना है कि पुलिस स्टेशन जैसी जगह पर इस तरह की घटना का आरोप गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

हरिश राव ने टास्क फोर्स पर जताया संदेह

BRS विधायक दल के उपनेता टी. हरीश राव ने भी घटना को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि नकाबपोश लोग संभवतः टास्क फोर्स के पुलिसकर्मी हो सकते हैं।

हरीश राव के अनुसार, कथित हमलावरों ने पूछताछ कक्ष के अंदर दोनों लोगों पर हमला करने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कथित हमले के लिए पुलिस स्टेशन का इस्तेमाल किया।

हरीश राव ने CCTV फुटेज सार्वजनिक करने और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की।

कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा

हरीश राव ने कथित पुलिस स्टेशन हमले को राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल बताया। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस स्टेशन के अंदर ऐसी घटना होना कानून-व्यवस्था की पूरी तरह विफलता को दर्शाता है।

BRS नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच अब CCTV फुटेज और अन्य संभावित साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल, नकाबपोश लोगों की पहचान, उनकी वास्तविक भूमिका और पुलिसकर्मियों की कथित संलिप्तता जैसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मामले में BRS ने न्यायिक जांच, CCTV फुटेज सुरक्षित रखने, कथित हमलावरों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना से जुड़े आरोपों और पुलिस की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

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