एंटी-एजिंग रिसर्च पर सैम ऑल्टमैन का बड़ा दांव, AI से उम्र बढ़ने पर हो रहा काम

Sam Altman ने Retro Biosciences में बड़ा निवेश किया है। कंपनी AI और बायोलॉजी की मदद से इंसानों की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी करने पर काम कर रही है।

Sam Altman ने एंटी-एजिंग रिसर्च करने वाले स्टार्टअप Retro Biosciences में करोड़ों डॉलर निवेश किए हैं। कंपनी AI और बायोलॉजी की मदद से इंसानों की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने पर काम कर रही है।

सैन फ्रांसिस्को: Sam Altman के निवेश के बाद एंटी-एजिंग रिसर्च एक बार फिर चर्चा में है। लॉन्जविटी स्टार्टअप Retro Biosciences इंसानी कोशिकाओं की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने पर काम कर रहा है। कंपनी इस रिसर्च में AI तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, जिससे वैज्ञानिकों को नए प्रोटीन डिजाइन और सेलुलर रिप्रोग्रामिंग जैसे प्रयोगों में तेजी मिलने का दावा किया गया है।

उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने पर फोकस

रेट्रो बायोसाइंस पारंपरिक टेक स्टार्टअप्स की तरह ऐप या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं बना रहा। कंपनी बायोलॉजी और मेडिकल रिसर्च के जरिए इंसानों की उम्र बढ़ने की रफ्तार को कम करने पर काम कर रही है।

इस रिसर्च का मुख्य फोकस “पार्शियल सेलुलर रिप्रोग्रामिंग” है। वैज्ञानिक कोशिश कर रहे हैं कि उम्र बढ़ने वाली कोशिकाओं को दोबारा युवा अवस्था जैसी स्थिति में लाया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तकनीक सफल होती है तो उम्र से जुड़ी बीमारियों और कुछ प्रकार के कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।

रिसर्च में AI की भी अहम भूमिका

OpenAI ने हाल ही में GPT-4b micro नाम का एक विशेष AI मॉडल तैयार किया है, जिसका इस्तेमाल रेट्रो बायोसाइंस की रिसर्च में किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार यह मॉडल सेलुलर रिप्रोग्रामिंग से जुड़े प्रोटीन्स को डिजाइन और समझने में वैज्ञानिकों की मदद करता है।

AI की मदद से रिसर्च की गति बढ़ी है और ऐसे संभावित प्रोटीन डिजाइन सामने आए हैं, जिन्हें पारंपरिक तरीकों से ढूंढना काफी मुश्किल माना जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे भविष्य में नई मेडिकल थेरेपी विकसित करने में मदद मिल सकती है।

लॉन्जविटी सेक्टर में बढ़ रही टेक कंपनियों की दिलचस्पी

लॉन्जविटी साइंस अब बड़े टेक निवेशकों के लिए तेजी से आकर्षण का केंद्र बनती जा रही है। Jeff Bezos पहले ही Altos Labs में निवेश कर चुके हैं। वहीं अरबपति निवेशक Peter Thiel भी लंबे समय से एंटी-एजिंग रिसर्च को समर्थन देते रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI और बायोटेक्नोलॉजी का मेल हेल्थकेयर सेक्टर में बड़े बदलाव ला सकता है, हालांकि इंसानों की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को पूरी तरह रोकना अभी वैज्ञानिकों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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