भागलपुर-सन्हौला में गैस सिलेंडर की कथित कालाबाजारी को लेकर प्रशासन हरकत में आ गया है। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित विभागों को जांच के निर्देश दिए गए।
बिहार प्रशासन की टीम ने इलाके में गैस वितरण व्यवस्था और सिलेंडरों की सप्लाई से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों द्वारा संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से गैस सिलेंडर तय कीमत से ज्यादा दर पर बेचे जा रहे थे। कई उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायत भी थी।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान वितरण प्रक्रिया, स्टॉक और उपभोक्ता रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। यदि अनियमितता पाई गई तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।
सन्हौला के ग्रामीणों का कहना है कि घरेलू गैस की कालाबाजारी से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई परिवारों को ज्यादा कीमत देकर सिलेंडर खरीदना पड़ता था।
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि उपभोक्ताओं के अधिकारों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर चर्चा तेज है। लोग प्रशासन से नियमित जांच और पारदर्शी वितरण व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
जिला प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार निगरानी और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है।
फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है और गैस वितरण व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।









